मुख्य सामग्री पर जाएँ

सोमवार, 15 मार्च 2027

दैनिक पंचांग

शुभ दिन

आज सोमवार है, शुक्ल पक्ष चल रहा है। सप्तमी तिथि सुबह तक है, फिर अष्टमी शुरू होगी। सप्तमी सहज तिथि है, रोज़ के काम और यात्रा के लिए अच्छी। चन्द्रमा रोहिणी नक्षत्र में सुबह तक है, फिर मृगशिरा में। आज सर्वार्थ सिद्धि योग है, किसी भी नए आरंभ के लिए दुर्लभ शुभ समय। नया काम अभिजित मुहूर्त में शुरू करें, 12:06 से 12:54 बजे तक, और राहु काल में न करें, 08:01 से 09:30 बजे तक। चन्द्रमा वृषभ राशि में है और सूर्य कुम्भ राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • शुक्ल सप्तमी

      पिछले दिन 12:32 उसी दिन 10:51 तक

    • फिर

      शुक्ल अष्टमी

      उसी दिन 10:51 अगले दिन 08:54

    सप्तमी — सामान्यतः सहज और संतुलित तिथि। नियमित कार्यों और यात्रा के लिए शुभ।

  • सोमवार

    सोमवार — चंद्र द्वारा शासित। शांत और भावपूर्ण दिन; पारिवारिक कार्य, जल-सम्बन्धित कार्य और अध्ययन के लिए उपयुक्त।

  • अमान्तफाल्गुन
    पूर्णिमान्तफाल्गुन

नक्षत्र · योग · करण

    • रोहिणी

      पिछले दिन 10:22 उसी दिन 09:25 तक

    • फिर

      मृगशिरा

      उसी दिन 09:25 अगले दिन 08:12

    स्थिर नक्षत्र — दीर्घकालिक संकल्प, नींव और स्थायी क्रय के लिए श्रेष्ठ।

    • प्रीति

      पिछले दिन 17:09 उसी दिन 14:35 तक

    • फिर

      आयुष्मान्

      उसी दिन 14:35 अगले दिन 11:49

    शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • वणिज

      पिछले दिन 23:44 उसी दिन 10:51 तक

    • फिर

      विष्टि

      उसी दिन 10:51 उसी दिन 21:55

    • फिर

      बव

      उसी दिन 21:55 अगले दिन 08:54

    चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।

एक नज़र में दिन

उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

शुक्ल सप्तमी · सोम

00061218अमृत · 06:31 – 08:01काल · 08:01 – 09:30शुभ · 09:30 – 11:00रोग · 11:00 – 12:30उद्वेग · 12:30 – 14:00चल · 14:00 – 15:29लाभ · 15:29 – 16:59अमृत · 16:59 – 18:29चल · 18:29 – 19:59रोग · 19:59 – 21:29काल · 21:29 – 22:59लाभ · 22:59 – 00:29उद्वेग · 00:29 – 01:59शुभ · 01:59 – 03:30अमृत · 03:30 – 05:00चल · 05:00 – 06:30चल · 06:31 – 08:01लाभ · 08:01 – 09:30शून्य · 09:30 – 11:00रोग · 11:00 – 12:30शुभ · 12:30 – 14:00काल · 14:00 – 15:29अमृत · 15:29 – 16:59उद्योग · 16:59 – 18:29उद्योग · 18:29 – 19:59अमृत · 19:59 – 21:29शुभ · 21:29 – 22:59काल · 22:59 – 00:29रोग · 00:29 – 01:59चल · 01:59 – 03:30लाभ · 03:30 – 05:00शून्य · 05:00 – 06:30ब्रह्म मुहूर्त · 04:55 – 05:43अभिजित मुहूर्त · 12:06 – 12:54अमृत काल · 06:21 – 07:53राहु काल · 08:01 – 09:30यमगण्ड काल · 11:00 – 12:30गुलिक काल · 14:00 – 15:29वर्ज्यम् · 01:44 – 03:16चंद्र · 06:31 – 07:31शनि · 07:31 – 08:31गुरु · 08:31 – 09:30मंगल · 09:30 – 10:30सूर्य · 10:30 – 11:30शुक्र · 11:30 – 12:30बुध · 12:30 – 13:30चंद्र · 13:30 – 14:30शनि · 14:30 – 15:29गुरु · 15:29 – 16:29मंगल · 16:29 – 17:29सूर्य · 17:29 – 18:29शुक्र · 18:29 – 19:29बुध · 19:29 – 20:29चंद्र · 20:29 – 21:29शनि · 21:29 – 22:29गुरु · 22:29 – 23:29मंगल · 23:29 – 00:29सूर्य · 00:29 – 01:29शुक्र · 01:29 – 02:30बुध · 02:30 – 03:30चंद्र · 03:30 – 04:30शनि · 04:30 – 05:30गुरु · 05:30 – 06:30

15 मार्च

दैनिक पंचांग

दिन के समय

8·1 घं 30 मि
06:31
08:01
09:30
11:00
12:30
14:00
15:29
16:59

रात के समय

8·1 घं 30 मि
18:29
19:59
21:29
22:59
00:29
01:59
03:30
05:00

दिन के समय

8·1 घं 30 मि
06:31
08:01
09:30
11:00
12:30
14:00
15:29
16:59

रात के समय

8·1 घं 30 मि
18:29
19:59
21:29
22:59
00:29
01:59
03:30
05:00
04:55→05:43
12:06→12:54
06:21→07:53
08:01→09:30
11:00→12:30
14:00→15:29
01:44→03:16

दिन के घंटे

12·1 घं
06:31
07:31
08:31
09:30
10:30
11:30
12:30
13:30
14:30
15:29
16:29
17:29

रात के घंटे

12·1 घं
18:29
19:29
20:29
21:29
22:29
23:29
00:29
01:29
02:30
03:30
04:30
05:30

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

15 मार्च 2027 की तिथि क्या है?
15 मार्च 2027 की तिथि शुक्ल सप्तमी है।
15 मार्च 2027 का नक्षत्र क्या है?
15 मार्च 2027 का नक्षत्र रोहिणी और योग प्रीति है।
15 मार्च 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 06:31 पर तथा सूर्यास्त 18:29 पर होगा।
15 मार्च 2027 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 08:01–09:30 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।