मंगलवार, 17 मार्च 2026
दैनिक पंचांग
आज मंगलवार है। त्रयोदशी तिथि 09:23 बजे तक, फिर चतुर्दशी 08:25 (कल) बजे तक रहेगी। शतभिषा नक्षत्र 06:08 (कल) बजे तक, उसके बाद पूर्व भाद्रपदा 05:20 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग सिद्ध 08:13 बजे तक, फिर साध्य योग 06:21 (कल) बजे तक। वणिज करण 09:23 बजे तक, उसके बाद विष्टि 20:59 बजे तक, फिर शकुनि 08:25 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (15:30 से 17:00) के दौरान टालें। चन्द्रमा कुम्भ राशि में है और सूर्य मीन राशि में।
पुरुषोत्तम मास
अधिक फाल्गुन
पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।
तिथि · वार · चान्द्र मास
कृष्ण त्रयोदशी
पिछले दिन09:41उसी दिन09:23
कृष्ण चतुर्दशी
उसी दिन09:23अगले दिन08:25
त्रयोदशी — उत्साह की तिथि। उत्सव और सक्रिय कार्यों के लिए शुभ।
मंगलवार
मंगलवार — मंगल द्वारा शासित। ऊर्जावान और साहसी दिन; कर्म और शारीरिक कार्य के लिए शुभ, संवेदनशील मामलों के लिए कम।
- अमान्तफाल्गुनपूर्णिमान्तचैत्र
नक्षत्र · योग · करण
शतभिषा · पाद 1
उसी दिन06:21अगले दिन06:08
चर नक्षत्र — यात्रा, बदलाव और स्थान-परिवर्तन के लिए शुभ।
सिद्ध
पिछले दिन09:35उसी दिन08:13
साध्य
उसी दिन08:13अगले दिन06:21
शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।
वणिज
पिछले दिन21:37उसी दिन09:23
विष्टि
उसी दिन09:23उसी दिन20:59
शकुनि
उसी दिन20:59अगले दिन08:25
चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।
एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
कृष्ण त्रयोदशी · मंगल
17 मार्च
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8·1 घं 30 मि| 06:2807:59 | ||
| 07:5909:29 | ||
| 09:2910:59 | ||
| 10:5912:29 | ||
| 12:2913:59 | ||
| 13:5915:30 | ||
| 15:3017:00 | ||
| 17:0018:30 |
रात के समय
8·1 घं 30 मि| 18:3020:00 | ||
| 20:0021:29 | ||
| 21:2922:59 | ||
| 22:5900:29 | ||
| 00:2901:58 | ||
| 01:5803:28 | ||
| 03:2804:58 | ||
| 04:5806:27 |
दिन के समय
8·1 घं 30 मि| 06:2807:59 | ||
| 07:5909:29 | ||
| 09:2910:59 | ||
| 10:5912:29 | ||
| 12:2913:59 | ||
| 13:5915:30 | ||
| 15:3017:00 | ||
| 17:0018:30 |
रात के समय
8·1 घं 30 मि| 18:3020:00 | ||
| 20:0021:29 | ||
| 21:2922:59 | ||
| 22:5900:29 | ||
| 00:2901:58 | ||
| 01:5803:28 | ||
| 03:2804:58 | ||
| 04:5806:27 |
| 04:53→05:40 | ||
| 12:05→12:53 | ||
| 23:00→00:35 | ||
| 15:30→17:00 | ||
| 09:29→10:59 | ||
| 12:29→13:59 | ||
| 13:29→15:04 |
दिन के घंटे
12·1 घं| 06:2807:29 | ||
| 07:2908:29 | ||
| 08:2909:29 | ||
| 09:2910:29 | ||
| 10:2911:29 | ||
| 11:2912:29 | ||
| 12:2913:29 | ||
| 13:2914:30 | ||
| 14:3015:30 | ||
| 15:3016:30 | ||
| 16:3017:30 | ||
| 17:3018:30 |
रात के घंटे
12·1 घं| 18:3019:30 | ||
| 19:3020:30 | ||
| 20:3021:29 | ||
| 21:2922:29 | ||
| 22:2923:29 | ||
| 23:2900:29 | ||
| 00:2901:28 | ||
| 01:2802:28 | ||
| 02:2803:28 | ||
| 03:2804:28 | ||
| 04:2805:27 | ||
| 05:2706:27 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 17 मार्च 2026 की तिथि क्या है?
- 17 मार्च 2026 की तिथि कृष्ण त्रयोदशी है।
- 17 मार्च 2026 का नक्षत्र क्या है?
- 17 मार्च 2026 का नक्षत्र शतभिषा और योग सिद्ध है।
- 17 मार्च 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- दिल्ली में सूर्योदय 06:28 पर तथा सूर्यास्त 18:30 पर होगा।
- 17 मार्च 2026 को राहु काल कब है?
- दिल्ली में राहु काल 15:30–17:00 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।

