बुधवार, 17 मार्च 2027
दैनिक पंचांग
आज बुधवार है। नवमी तिथि 06:43 बजे तक, फिर दशमी 04:21 (कल) बजे तक रहेगी। आर्द्रा नक्षत्र 06:45 बजे तक, उसके बाद पुनर्वसु 05:06 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग सौभाग्य 08:51 बजे तक, फिर शोभन योग 05:45 (कल) बजे तक। कौलव करण 06:43 बजे तक, उसके बाद तैतिल 17:34 बजे तक, फिर गर 04:21 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (12:29 से 14:00) के दौरान टालें। चन्द्रमा मिथुन राशि में है और सूर्य मीन राशि में।
पुरुषोत्तम मास
अधिक फाल्गुन
पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।
तिथि · वार · चान्द्र मास
शुक्ल नवमी
पिछले दिन08:54उसी दिन06:43
शुक्ल दशमी
उसी दिन06:43अगले दिन04:21
नवमी — दुर्गा को समर्पित। साधना के लिए श्रेष्ठ; बड़े नए कार्य परंपरा में टाले जाते हैं।
बुधवार
बुधवार — बुध द्वारा शासित। संवाद और बुद्धि का दिन; अध्ययन, लेखन और व्यापार के लिए शुभ।
- अमान्तफाल्गुनपूर्णिमान्तफाल्गुन
नक्षत्र · योग · करण
आर्द्रा
पिछले दिन08:12उसी दिन06:45
पुनर्वसु
उसी दिन06:45अगले दिन05:06
तीक्ष्ण नक्षत्र — निर्णायक कार्य, चिकित्सकीय हस्तक्षेप और एकाग्र शक्ति वाले कार्य के लिए उपयुक्त।
सौभाग्य
पिछले दिन11:49उसी दिन08:51
शोभन
उसी दिन08:51अगले दिन05:45
शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।
कौलव
पिछले दिन19:50उसी दिन06:43
तैतिल
उसी दिन06:43उसी दिन17:34
गर
उसी दिन17:34अगले दिन04:21
चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।
एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
शुक्ल नवमी · बुध
17 मार्च
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8·1 घं 30 मि| 06:2907:59 | ||
| 07:5909:29 | ||
| 09:2910:59 | ||
| 10:5912:29 | ||
| 12:2914:00 | ||
| 14:0015:30 | ||
| 15:3017:00 | ||
| 17:0018:30 |
रात के समय
8·1 घं 30 मि| 18:3020:00 | ||
| 20:0021:29 | ||
| 21:2922:59 | ||
| 22:5900:29 | ||
| 00:2901:58 | ||
| 01:5803:28 | ||
| 03:2804:58 | ||
| 04:5806:28 |
दिन के समय
8·1 घं 30 मि| 06:2907:59 | ||
| 07:5909:29 | ||
| 09:2910:59 | ||
| 10:5912:29 | ||
| 12:2914:00 | ||
| 14:0015:30 | ||
| 15:3017:00 | ||
| 17:0018:30 |
रात के समय
8·1 घं 30 मि| 18:3020:00 | ||
| 20:0021:29 | ||
| 21:2922:59 | ||
| 22:5900:29 | ||
| 00:2901:58 | ||
| 01:5803:28 | ||
| 03:2804:58 | ||
| 04:5806:28 |
| 04:53→05:41 | ||
| 21:21→22:51 | ||
| 12:29→14:00 | ||
| 07:59→09:29 | ||
| 10:59→12:29 | ||
| 16:05→17:36 |
दिन के घंटे
12·1 घं| 06:2907:29 | ||
| 07:2908:29 | ||
| 08:2909:29 | ||
| 09:2910:29 | ||
| 10:2911:29 | ||
| 11:2912:29 | ||
| 12:2913:29 | ||
| 13:2914:30 | ||
| 14:3015:30 | ||
| 15:3016:30 | ||
| 16:3017:30 | ||
| 17:3018:30 |
रात के घंटे
12·1 घं| 18:3019:30 | ||
| 19:3020:30 | ||
| 20:3021:29 | ||
| 21:2922:29 | ||
| 22:2923:29 | ||
| 23:2900:29 | ||
| 00:2901:29 | ||
| 01:2902:28 | ||
| 02:2803:28 | ||
| 03:2804:28 | ||
| 04:2805:28 | ||
| 05:2806:28 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 17 मार्च 2027 की तिथि क्या है?
- 17 मार्च 2027 की तिथि शुक्ल नवमी है।
- 17 मार्च 2027 का नक्षत्र क्या है?
- 17 मार्च 2027 का नक्षत्र आर्द्रा और योग सौभाग्य है।
- 17 मार्च 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- दिल्ली में सूर्योदय 06:29 पर तथा सूर्यास्त 18:30 पर होगा।
- 17 मार्च 2027 को राहु काल कब है?
- दिल्ली में राहु काल 12:29–14:00 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।

