शनिवार, 20 मार्च 2027
दैनिक पंचांग
आज शनिवार है। त्रयोदशी तिथि 20:45 बजे तक, फिर चतुर्दशी 18:21 (कल) बजे तक रहेगी। मघा नक्षत्र 23:43 बजे तक, उसके बाद पूर्व फाल्गुनी 22:06 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग धृति 20:04 बजे तक, फिर शूल योग 16:57 (कल) बजे तक। कौलव करण 10:01 बजे तक, उसके बाद तैतिल 20:45 बजे तक, फिर गर 07:32 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (09:27 से 10:58) के दौरान टालें। चन्द्रमा सिंह राशि में है और सूर्य मीन राशि में।
पुरुषोत्तम मास
अधिक फाल्गुन
पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।
तिथि · वार · चान्द्र मास
शुक्ल त्रयोदशी
पिछले दिन23:17उसी दिन20:45
शुक्ल चतुर्दशी
उसी दिन20:45अगले दिन18:21
त्रयोदशी — उत्साह की तिथि। उत्सव और सक्रिय कार्यों के लिए शुभ।
शनिवार
शनिवार — शनि द्वारा शासित। अनुशासित और गंभीर दिन; अधूरे कार्य पूर्ण करने के लिए उपयुक्त, नए आरंभ के लिए कम।
- अमान्तफाल्गुनपूर्णिमान्तफाल्गुन
नक्षत्र · योग · करण
मघा
उसी दिन01:30उसी दिन23:43
पूर्व फाल्गुनी
उसी दिन23:43अगले दिन22:06
उग्र नक्षत्र — बड़े नए आरंभ के लिए परंपरा में टाला जाता है; पूर्णता और परिवर्तन के कार्यों के लिए उपयुक्त।
धृति
पिछले दिन23:18उसी दिन20:04
शूल
उसी दिन20:04अगले दिन16:57
शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।
कौलव
पिछले दिन23:17उसी दिन10:01
तैतिल
उसी दिन10:01उसी दिन20:45
गर
उसी दिन20:45अगले दिन07:32
चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।
एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
शुक्ल त्रयोदशी · शनि
20 मार्च
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8·1 घं 31 मि| 06:2507:56 | ||
| 07:5609:27 | ||
| 09:2710:58 | ||
| 10:5812:28 | ||
| 12:2813:59 | ||
| 13:5915:30 | ||
| 15:3017:01 | ||
| 17:0118:32 |
रात के समय
8·1 घं 29 मि| 18:3220:01 | ||
| 20:0121:30 | ||
| 21:3022:59 | ||
| 22:5900:28 | ||
| 00:2801:57 | ||
| 01:5703:26 | ||
| 03:2604:55 | ||
| 04:5506:24 |
दिन के समय
8·1 घं 31 मि| 06:2507:56 | ||
| 07:5609:27 | ||
| 09:2710:58 | ||
| 10:5812:28 | ||
| 12:2813:59 | ||
| 13:5915:30 | ||
| 15:3017:01 | ||
| 17:0118:32 |
रात के समय
8·1 घं 29 मि| 18:3220:01 | ||
| 20:0121:30 | ||
| 21:3022:59 | ||
| 22:5900:28 | ||
| 00:2801:57 | ||
| 01:5703:26 | ||
| 03:2604:55 | ||
| 04:5506:24 |
| 04:50→05:38 | ||
| 12:04→12:53 | ||
| 21:30→22:59 | ||
| 09:27→10:58 | ||
| 13:59→15:30 | ||
| 06:25→07:56 | ||
| 12:37→14:06 |
दिन के घंटे
12·1 घं 1 मि| 06:2507:26 | ||
| 07:2608:26 | ||
| 08:2609:27 | ||
| 09:2710:27 | ||
| 10:2711:28 | ||
| 11:2812:28 | ||
| 12:2813:29 | ||
| 13:2914:30 | ||
| 14:3015:30 | ||
| 15:3016:31 | ||
| 16:3117:31 | ||
| 17:3118:32 |
रात के घंटे
12·59 मि| 18:3219:31 | ||
| 19:3120:30 | ||
| 20:3021:30 | ||
| 21:3022:29 | ||
| 22:2923:29 | ||
| 23:2900:28 | ||
| 00:2801:27 | ||
| 01:2702:27 | ||
| 02:2703:26 | ||
| 03:2604:25 | ||
| 04:2505:25 | ||
| 05:2506:24 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 20 मार्च 2027 की तिथि क्या है?
- 20 मार्च 2027 की तिथि शुक्ल त्रयोदशी है।
- 20 मार्च 2027 का नक्षत्र क्या है?
- 20 मार्च 2027 का नक्षत्र मघा और योग धृति है।
- 20 मार्च 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- दिल्ली में सूर्योदय 06:25 पर तथा सूर्यास्त 18:32 पर होगा।
- 20 मार्च 2027 को राहु काल कब है?
- दिल्ली में राहु काल 09:27–10:58 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।

