शनिवार, 21 मार्च 2026
दैनिक पंचांग
आज शनिवार है। तृतीया तिथि 23:56 बजे तक, फिर चतुर्थी 21:17 (कल) बजे तक रहेगी। अश्विनी नक्षत्र 00:37 (कल) बजे तक, उसके बाद भरणी 22:42 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग ऐन्द्र 19:00 बजे तक, फिर वैधृति योग 15:40 (कल) बजे तक। तैतिल करण 13:15 बजे तक, उसके बाद गर 23:56 बजे तक, फिर वणिज 10:37 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (09:26 से 10:57) के दौरान टालें। चन्द्रमा मेष राशि में है और सूर्य मीन राशि में।
पुरुषोत्तम मास
अधिक चैत्र
पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।
तिथि · वार · चान्द्र मास
शुक्ल तृतीया
उसी दिन02:31उसी दिन23:56
शुक्ल चतुर्थी
उसी दिन23:56अगले दिन21:17
तृतीया — सामान्यतः शुभ तिथि। यात्रा और उल्लासपूर्ण अवसरों के लिए उपयुक्त।
शनिवार
शनिवार — शनि द्वारा शासित। अनुशासित और गंभीर दिन; अधूरे कार्य पूर्ण करने के लिए उपयुक्त, नए आरंभ के लिए कम।
- अमान्तचैत्रपूर्णिमान्तचैत्र
नक्षत्र · योग · करण
अश्विनी · पाद 1
उसी दिन02:27अगले दिन00:37
लघु नक्षत्र — संक्षिप्त कार्य, छोटी यात्राएँ और संवाद के लिए उपयुक्त।
ऐन्द्र
पिछले दिन22:13उसी दिन19:00
वैधृति
उसी दिन19:00अगले दिन15:40
शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।
तैतिल
उसी दिन02:31उसी दिन13:15
गर
उसी दिन13:15उसी दिन23:56
वणिज
उसी दिन23:56अगले दिन10:37
चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।
एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
शुक्ल तृतीया · शनि
21 मार्च
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8·1 घं 31 मि| 06:2407:55 | ||
| 07:5509:26 | ||
| 09:2610:57 | ||
| 10:5712:28 | ||
| 12:2813:59 | ||
| 13:5915:30 | ||
| 15:3017:01 | ||
| 17:0118:32 |
रात के समय
8·1 घं 29 मि| 18:3220:01 | ||
| 20:0121:30 | ||
| 21:3022:59 | ||
| 22:5900:28 | ||
| 00:2801:56 | ||
| 01:5603:25 | ||
| 03:2504:54 | ||
| 04:5406:23 |
दिन के समय
8·1 घं 31 मि| 06:2407:55 | ||
| 07:5509:26 | ||
| 09:2610:57 | ||
| 10:5712:28 | ||
| 12:2813:59 | ||
| 13:5915:30 | ||
| 15:3017:01 | ||
| 17:0118:32 |
रात के समय
8·1 घं 29 मि| 18:3220:01 | ||
| 20:0121:30 | ||
| 21:3022:59 | ||
| 22:5900:28 | ||
| 00:2801:56 | ||
| 01:5603:25 | ||
| 03:2504:54 | ||
| 04:5406:23 |
| 04:49→05:36 | ||
| 12:04→12:52 | ||
| 17:58→19:26 | ||
| 09:26→10:57 | ||
| 13:59→15:30 | ||
| 06:24→07:55 | ||
| 20:55→22:24 |
दिन के घंटे
12·1 घं 1 मि| 06:2407:25 | ||
| 07:2508:25 | ||
| 08:2509:26 | ||
| 09:2610:27 | ||
| 10:2711:27 | ||
| 11:2712:28 | ||
| 12:2813:29 | ||
| 13:2914:30 | ||
| 14:3015:30 | ||
| 15:3016:31 | ||
| 16:3117:32 | ||
| 17:3218:32 |
रात के घंटे
12·59 मि| 18:3219:32 | ||
| 19:3220:31 | ||
| 20:3121:30 | ||
| 21:3022:29 | ||
| 22:2923:28 | ||
| 23:2800:28 | ||
| 00:2801:27 | ||
| 01:2702:26 | ||
| 02:2603:25 | ||
| 03:2504:24 | ||
| 04:2405:23 | ||
| 05:2306:23 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 21 मार्च 2026 की तिथि क्या है?
- 21 मार्च 2026 की तिथि शुक्ल तृतीया है।
- 21 मार्च 2026 का नक्षत्र क्या है?
- 21 मार्च 2026 का नक्षत्र अश्विनी और योग ऐन्द्र है।
- 21 मार्च 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- दिल्ली में सूर्योदय 06:24 पर तथा सूर्यास्त 18:32 पर होगा।
- 21 मार्च 2026 को राहु काल कब है?
- दिल्ली में राहु काल 09:26–10:57 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।

