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Kundli GPT

सोमवार, 22 मार्च 2027

दैनिक पंचांग

शुभ दिन

आज सोमवार है। पूर्णिमा तिथि 16:13 बजे तक, फिर प्रतिपदा 14:28 (कल) बजे तक रहेगी। उत्तर फाल्गुनी नक्षत्र 20:45 बजे तक, उसके बाद हस्त 19:49 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग गण्ड 14:02 बजे तक, फिर वृद्धि योग 11:26 (कल) बजे तक। बव करण 16:13 बजे तक, उसके बाद बालव 03:17 (कल) बजे तक, फिर कौलव 14:28 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (07:54 से 09:25) के दौरान टालें। चन्द्रमा कन्या राशि में है और सूर्य मीन राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • पूर्णिमा

      पिछले दिन 18:21 उसी दिन 16:13

    • कृष्ण प्रतिपदा

      उसी दिन 16:13 अगले दिन 14:28

    पूर्णिमा अथवा अमावस्या — पूर्ण या नव चंद्र की तिथि। भक्ति, समापन और संकल्प के लिए विशेष ऊर्जावान दिन।

  • सोमवार

    सोमवार — चंद्र द्वारा शासित। शांत और भावपूर्ण दिन; पारिवारिक कार्य, जल-सम्बन्धित कार्य और अध्ययन के लिए उपयुक्त।

  • चैत्र · वैशाख

नक्षत्र · योग · करण

    • उत्तर फाल्गुनी

      पिछले दिन 22:06 उसी दिन 20:45

    • हस्त

      उसी दिन 20:45 अगले दिन 19:49

    स्थिर नक्षत्र — दीर्घकालिक संकल्प, नींव और स्थायी क्रय के लिए श्रेष्ठ।

    • गण्ड

      पिछले दिन 16:57 उसी दिन 14:02

    • वृद्धि

      उसी दिन 14:02 अगले दिन 11:26

    अशुभ योग — आज सूर्य-चंद्र की ऊर्जाएँ विरोधी हैं। बड़े नए उपक्रम परंपरा में टाले जाते हैं।

    • बव

      उसी दिन 05:15 उसी दिन 16:13

    • बालव

      उसी दिन 16:13 अगले दिन 03:17

    चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।

एक नज़र में दिन

उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

पूर्णिमा · सोम

00 06 12 18 अमृत · 06:23 – 07:54 काल · 07:54 – 09:25 शुभ · 09:25 – 10:57 रोग · 10:57 – 12:28 उद्वेग · 12:28 – 13:59 चल · 13:59 – 15:30 लाभ · 15:30 – 17:02 अमृत · 17:02 – 18:33 चल · 18:33 – 20:01 रोग · 20:01 – 21:30 काल · 21:30 – 22:59 लाभ · 22:59 – 00:27 उद्वेग · 00:27 – 01:56 शुभ · 01:56 – 03:25 अमृत · 03:25 – 04:53 चल · 04:53 – 06:22 चल · 06:23 – 07:54 लाभ · 07:54 – 09:25 शून्य · 09:25 – 10:57 रोग · 10:57 – 12:28 शुभ · 12:28 – 13:59 काल · 13:59 – 15:30 अमृत · 15:30 – 17:02 उद्योग · 17:02 – 18:33 उद्योग · 18:33 – 20:01 अमृत · 20:01 – 21:30 शुभ · 21:30 – 22:59 काल · 22:59 – 00:27 रोग · 00:27 – 01:56 चल · 01:56 – 03:25 लाभ · 03:25 – 04:53 शून्य · 04:53 – 06:22 ब्रह्म मुहूर्त · 04:48 – 05:36 अभिजित मुहूर्त · 12:04 – 12:52 अमृत काल · 13:57 – 15:28 राहु काल · 07:54 – 09:25 यमगण्ड काल · 10:57 – 12:28 गुलिक काल · 13:59 – 15:30 वर्ज्यम् · 04:53 – 06:24 चंद्र · 06:23 – 07:24 शनि · 07:24 – 08:25 गुरु · 08:25 – 09:25 मंगल · 09:25 – 10:26 सूर्य · 10:26 – 11:27 शुक्र · 11:27 – 12:28 बुध · 12:28 – 13:29 चंद्र · 13:29 – 14:30 शनि · 14:30 – 15:30 गुरु · 15:30 – 16:31 मंगल · 16:31 – 17:32 सूर्य · 17:32 – 18:33 शुक्र · 18:33 – 19:32 बुध · 19:32 – 20:31 चंद्र · 20:31 – 21:30 शनि · 21:30 – 22:29 गुरु · 22:29 – 23:28 मंगल · 23:28 – 00:27 सूर्य · 00:27 – 01:26 शुक्र · 01:26 – 02:25 बुध · 02:25 – 03:25 चंद्र · 03:25 – 04:24 शनि · 04:24 – 05:23 गुरु · 05:23 – 06:22

22 मार्च

दैनिक पंचांग

दिन के समय

8 · 1 घं 31 मि
06:23
07:54
09:25
10:57
12:28
13:59
15:30
17:02

रात के समय

8 · 1 घं 29 मि
18:33
20:01
21:30
22:59
00:27
01:56
03:25
04:53

दिन के समय

8 · 1 घं 31 मि
06:23
07:54
09:25
10:57
12:28
13:59
15:30
17:02

रात के समय

8 · 1 घं 29 मि
18:33
20:01
21:30
22:59
00:27
01:56
03:25
04:53
04:48 05:36
12:04 12:52
13:57 15:28
07:54 09:25
10:57 12:28
13:59 15:30
04:53 06:24

दिन के घंटे

12 · 1 घं 1 मि
06:23
07:24
08:25
09:25
10:26
11:27
12:28
13:29
14:30
15:30
16:31
17:32

रात के घंटे

12 · 59 मि
18:33
19:32
20:31
21:30
22:29
23:28
00:27
01:26
02:25
03:25
04:24
05:23

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

22 मार्च 2027 की तिथि क्या है?
22 मार्च 2027 की तिथि पूर्णिमा है।
22 मार्च 2027 का नक्षत्र क्या है?
22 मार्च 2027 का नक्षत्र उत्तर फाल्गुनी और योग गण्ड है।
22 मार्च 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
दिल्ली में सूर्योदय 06:23 पर तथा सूर्यास्त 18:33 पर होगा।
22 मार्च 2027 को राहु काल कब है?
दिल्ली में राहु काल 07:54–09:25 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।