बुधवार, 25 मार्च 2026
दैनिक पंचांग
आज बुधवार है। सप्तमी तिथि 13:50 बजे तक, फिर अष्टमी 11:49 (कल) बजे तक रहेगी। मृगशिरा नक्षत्र 17:32 बजे तक, उसके बाद आर्द्रा 16:18 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग सौभाग्य 03:08 (कल) बजे तक, फिर शोभन योग 00:30 (कल) बजे तक। वणिज करण 13:50 बजे तक, उसके बाद विष्टि 00:47 (कल) बजे तक, फिर बव 11:49 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (12:27 से 13:59) के दौरान टालें। चन्द्रमा मिथुन राशि में है और सूर्य मीन राशि में।
पुरुषोत्तम मास
अधिक चैत्र
पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।
तिथि · वार · चान्द्र मास
शुक्ल सप्तमी
पिछले दिन16:08उसी दिन13:50
शुक्ल अष्टमी
उसी दिन13:50अगले दिन11:49
सप्तमी — सामान्यतः सहज और संतुलित तिथि। नियमित कार्यों और यात्रा के लिए शुभ।
बुधवार
बुधवार — बुध द्वारा शासित। संवाद और बुद्धि का दिन; अध्ययन, लेखन और व्यापार के लिए शुभ।
- अमान्तचैत्रपूर्णिमान्तचैत्र
नक्षत्र · योग · करण
मृगशिरा
पिछले दिन19:04उसी दिन17:32
आर्द्रा
उसी दिन17:32अगले दिन16:18
मृदु नक्षत्र — संगीत, मैत्री और चिकित्सा जैसी कोमल गतिविधियों के लिए शुभ।
सौभाग्य
उसी दिन06:01अगले दिन03:08
शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।
वणिज
उसी दिन02:57उसी दिन13:50
विष्टि
उसी दिन13:50अगले दिन00:47
चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।
एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
शुक्ल सप्तमी · बुध
25 मार्च
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8·1 घं 32 मि| 06:1907:51 | ||
| 07:5109:23 | ||
| 09:2310:55 | ||
| 10:5512:27 | ||
| 12:2713:59 | ||
| 13:5915:31 | ||
| 15:3117:03 | ||
| 17:0318:35 |
रात के समय
8·1 घं 28 मि| 18:3520:03 | ||
| 20:0321:30 | ||
| 21:3022:58 | ||
| 22:5800:26 | ||
| 00:2601:54 | ||
| 01:5403:22 | ||
| 03:2204:50 | ||
| 04:5006:18 |
दिन के समय
8·1 घं 32 मि| 06:1907:51 | ||
| 07:5109:23 | ||
| 09:2310:55 | ||
| 10:5512:27 | ||
| 12:2713:59 | ||
| 13:5915:31 | ||
| 15:3117:03 | ||
| 17:0318:35 |
रात के समय
8·1 घं 28 मि| 18:3520:03 | ||
| 20:0321:30 | ||
| 21:3022:58 | ||
| 22:5800:26 | ||
| 00:2601:54 | ||
| 01:5403:22 | ||
| 03:2204:50 | ||
| 04:5006:18 |
| 04:45→05:32 | ||
| 09:18→10:48 | ||
| 12:27→13:59 | ||
| 07:51→09:23 | ||
| 10:55→12:27 | ||
| 00:19→01:48 |
दिन के घंटे
12·1 घं 1 मि| 06:1907:20 | ||
| 07:2008:22 | ||
| 08:2209:23 | ||
| 09:2310:24 | ||
| 10:2411:26 | ||
| 11:2612:27 | ||
| 12:2713:28 | ||
| 13:2814:29 | ||
| 14:2915:31 | ||
| 15:3116:32 | ||
| 16:3217:33 | ||
| 17:3318:35 |
रात के घंटे
12·59 मि| 18:3519:33 | ||
| 19:3320:32 | ||
| 20:3221:30 | ||
| 21:3022:29 | ||
| 22:2923:28 | ||
| 23:2800:26 | ||
| 00:2601:25 | ||
| 01:2502:24 | ||
| 02:2403:22 | ||
| 03:2204:21 | ||
| 04:2105:19 | ||
| 05:1906:18 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 25 मार्च 2026 की तिथि क्या है?
- 25 मार्च 2026 की तिथि शुक्ल सप्तमी है।
- 25 मार्च 2026 का नक्षत्र क्या है?
- 25 मार्च 2026 का नक्षत्र मृगशिरा और योग सौभाग्य है।
- 25 मार्च 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- दिल्ली में सूर्योदय 06:19 पर तथा सूर्यास्त 18:35 पर होगा।
- 25 मार्च 2026 को राहु काल कब है?
- दिल्ली में राहु काल 12:27–13:59 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।

