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Kundli GPT

गुरुवार, 26 मार्च 2026

दैनिक पंचांग

शुभ दिन

आज गुरुवार है। अष्टमी तिथि 11:49 बजे तक, फिर नवमी 10:07 (कल) बजे तक रहेगी। आर्द्रा नक्षत्र 16:18 बजे तक, उसके बाद पुनर्वसु 15:23 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग शोभन 00:30 (कल) बजे तक, फिर अतिगण्ड योग 22:09 (कल) बजे तक। बव करण 11:49 बजे तक, उसके बाद बालव 22:55 बजे तक, फिर कौलव 10:07 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (13:59 से 15:31) के दौरान टालें। चन्द्रमा मिथुन राशि में है और सूर्य मीन राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • शुक्ल अष्टमी

      पिछले दिन 13:50 उसी दिन 11:49

    • शुक्ल नवमी

      उसी दिन 11:49 अगले दिन 10:07

    अष्टमी — तीव्र ऊर्जा वाली तिथि। नए कार्य आरंभ करने के लिए परंपरा में टाली जाती है।

  • गुरुवार

    गुरुवार — गुरु (बृहस्पति) द्वारा शासित। सप्ताह का सबसे शुभ दिन; अध्ययन, संस्कार और नए आरंभ के लिए श्रेष्ठ।

  • चैत्र · वैशाख

नक्षत्र · योग · करण

    • आर्द्रा

      पिछले दिन 17:32 उसी दिन 16:18

    • पुनर्वसु

      उसी दिन 16:18 अगले दिन 15:23

    तीक्ष्ण नक्षत्र — निर्णायक कार्य, चिकित्सकीय हस्तक्षेप और एकाग्र शक्ति वाले कार्य के लिए उपयुक्त।

    • शोभन

      उसी दिन 03:08 अगले दिन 00:30

    शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • बव

      उसी दिन 00:47 उसी दिन 11:49

    • बालव

      उसी दिन 11:49 उसी दिन 22:55

    • कौलव

      उसी दिन 22:55 अगले दिन 10:07

    चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।

एक नज़र में दिन

उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

शुक्ल अष्टमी · गुरु

00 06 12 18 शुभ · 06:18 – 07:50 रोग · 07:50 – 09:22 उद्वेग · 09:22 – 10:54 चल · 10:54 – 12:27 लाभ · 12:27 – 13:59 अमृत · 13:59 – 15:31 काल · 15:31 – 17:03 शुभ · 17:03 – 18:35 अमृत · 18:35 – 20:03 चल · 20:03 – 21:31 रोग · 21:31 – 22:58 काल · 22:58 – 00:26 लाभ · 00:26 – 01:54 उद्वेग · 01:54 – 03:21 शुभ · 03:21 – 04:49 अमृत · 04:49 – 06:17 शुभ · 06:18 – 07:50 रोग · 07:50 – 09:22 शून्य · 09:22 – 10:54 लाभ · 10:54 – 12:27 काल · 12:27 – 13:59 चल · 13:59 – 15:31 उद्योग · 15:31 – 17:03 अमृत · 17:03 – 18:35 लाभ · 18:35 – 20:03 चल · 20:03 – 21:31 शुभ · 21:31 – 22:58 उद्योग · 22:58 – 00:26 अमृत · 00:26 – 01:54 शून्य · 01:54 – 03:21 रोग · 03:21 – 04:49 काल · 04:49 – 06:17 ब्रह्म मुहूर्त · 04:44 – 05:31 अभिजित मुहूर्त · 12:02 – 12:51 अमृत काल · 06:49 – 08:20 राहु काल · 13:59 – 15:31 यमगण्ड काल · 06:18 – 07:50 गुलिक काल · 09:22 – 10:54 वर्ज्यम् · 01:30 – 03:01 गुरु · 06:18 – 07:19 मंगल · 07:19 – 08:21 सूर्य · 08:21 – 09:22 शुक्र · 09:22 – 10:24 बुध · 10:24 – 11:25 चंद्र · 11:25 – 12:27 शनि · 12:27 – 13:28 गुरु · 13:28 – 14:29 मंगल · 14:29 – 15:31 सूर्य · 15:31 – 16:32 शुक्र · 16:32 – 17:34 बुध · 17:34 – 18:35 चंद्र · 18:35 – 19:34 शनि · 19:34 – 20:32 गुरु · 20:32 – 21:31 मंगल · 21:31 – 22:29 सूर्य · 22:29 – 23:28 शुक्र · 23:28 – 00:26 बुध · 00:26 – 01:24 चंद्र · 01:24 – 02:23 शनि · 02:23 – 03:21 गुरु · 03:21 – 04:20 मंगल · 04:20 – 05:18 सूर्य · 05:18 – 06:17

26 मार्च

दैनिक पंचांग

दिन के समय

8 · 1 घं 32 मि
06:18
07:50
09:22
10:54
12:27
13:59
15:31
17:03

रात के समय

8 · 1 घं 28 मि
18:35
20:03
21:31
22:58
00:26
01:54
03:21
04:49

दिन के समय

8 · 1 घं 32 मि
06:18
07:50
09:22
10:54
12:27
13:59
15:31
17:03

रात के समय

8 · 1 घं 28 मि
18:35
20:03
21:31
22:58
00:26
01:54
03:21
04:49
04:44 05:31
12:02 12:51
06:49 08:20
13:59 15:31
06:18 07:50
09:22 10:54
01:30 03:01

दिन के घंटे

12 · 1 घं 1 मि
06:18
07:19
08:21
09:22
10:24
11:25
12:27
13:28
14:29
15:31
16:32
17:34

रात के घंटे

12 · 58 मि
18:35
19:34
20:32
21:31
22:29
23:28
00:26
01:24
02:23
03:21
04:20
05:18

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

26 मार्च 2026 की तिथि क्या है?
26 मार्च 2026 की तिथि शुक्ल अष्टमी है।
26 मार्च 2026 का नक्षत्र क्या है?
26 मार्च 2026 का नक्षत्र आर्द्रा और योग शोभन है।
26 मार्च 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
दिल्ली में सूर्योदय 06:18 पर तथा सूर्यास्त 18:35 पर होगा।
26 मार्च 2026 को राहु काल कब है?
दिल्ली में राहु काल 13:59–15:31 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।