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सोमवार, 4 मार्च 2024

दैनिक पंचांग

चिंतन का दिन

आज सोमवार है। अष्टमी तिथि 08:49 बजे तक, फिर नवमी 08:04 (कल) बजे तक रहेगी। ज्येष्ठा नक्षत्र 16:21 बजे तक, उसके बाद मूल 15:59 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग वज्र 16:04 बजे तक, फिर सिद्धि योग 14:07 (कल) बजे तक। कौलव करण 08:49 बजे तक, उसके बाद तैतिल 20:33 बजे तक, फिर गर 08:04 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (08:10 से 09:37) के दौरान टालें। चन्द्रमा वृश्चिक राशि में है और सूर्य कुम्भ राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • कृष्ण अष्टमी

      पिछले दिन08:45उसी दिन08:49

    • कृष्ण नवमी

      उसी दिन08:49अगले दिन08:04

    अष्टमी — तीव्र ऊर्जा वाली तिथि। नए कार्य आरंभ करने के लिए परंपरा में टाली जाती है।

  • सोमवार

    सोमवार — चंद्र द्वारा शासित। शांत और भावपूर्ण दिन; पारिवारिक कार्य, जल-सम्बन्धित कार्य और अध्ययन के लिए उपयुक्त।

  • अमान्तमाघ
    पूर्णिमान्तफाल्गुन

नक्षत्र · योग · करण

    • ज्येष्ठा

      पिछले दिन15:54उसी दिन16:21

    • मूल

      उसी दिन16:21अगले दिन15:59

    तीक्ष्ण नक्षत्र — निर्णायक कार्य, चिकित्सकीय हस्तक्षेप और एकाग्र शक्ति वाले कार्य के लिए उपयुक्त।

    • वज्र

      पिछले दिन17:23उसी दिन16:04

    • सिद्धि

      उसी दिन16:04अगले दिन14:07

    अशुभ योग — आज सूर्य-चंद्र की ऊर्जाएँ विरोधी हैं। बड़े नए उपक्रम परंपरा में टाले जाते हैं।

    • कौलव

      पिछले दिन20:53उसी दिन08:49

    • तैतिल

      उसी दिन08:49उसी दिन20:33

    • गर

      उसी दिन20:33अगले दिन08:04

    चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।

एक नज़र में दिन

उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

कृष्ण अष्टमी · सोम

00061218अमृत · 06:42 – 08:10काल · 08:10 – 09:37शुभ · 09:37 – 11:05रोग · 11:05 – 12:32उद्वेग · 12:32 – 14:00चल · 14:00 – 15:28लाभ · 15:28 – 16:55अमृत · 16:55 – 18:23चल · 18:23 – 19:55रोग · 19:55 – 21:27काल · 21:27 – 23:00लाभ · 23:00 – 00:32उद्वेग · 00:32 – 02:04शुभ · 02:04 – 03:37अमृत · 03:37 – 05:09चल · 05:09 – 06:41चल · 06:42 – 08:10लाभ · 08:10 – 09:37शून्य · 09:37 – 11:05रोग · 11:05 – 12:32शुभ · 12:32 – 14:00काल · 14:00 – 15:28अमृत · 15:28 – 16:55उद्योग · 16:55 – 18:23उद्योग · 18:23 – 19:55अमृत · 19:55 – 21:27शुभ · 21:27 – 23:00काल · 23:00 – 00:32रोग · 00:32 – 02:04चल · 02:04 – 03:37लाभ · 03:37 – 05:09शून्य · 05:09 – 06:41ब्रह्म मुहूर्त · 05:04 – 05:53अभिजित मुहूर्त · 12:09 – 12:56अमृत काल · 07:23 – 09:01राहु काल · 08:10 – 09:37यमगण्ड काल · 11:05 – 12:32गुलिक काल · 14:00 – 15:28वर्ज्यम् · 21:36 – 23:14चंद्र · 06:42 – 07:41शनि · 07:41 – 08:39गुरु · 08:39 – 09:37मंगल · 09:37 – 10:36सूर्य · 10:36 – 11:34शुक्र · 11:34 – 12:32बुध · 12:32 – 13:31चंद्र · 13:31 – 14:29शनि · 14:29 – 15:28गुरु · 15:28 – 16:26मंगल · 16:26 – 17:24सूर्य · 17:24 – 18:23शुक्र · 18:23 – 19:24बुध · 19:24 – 20:26चंद्र · 20:26 – 21:27शनि · 21:27 – 22:29गुरु · 22:29 – 23:30मंगल · 23:30 – 00:32सूर्य · 00:32 – 01:34शुक्र · 01:34 – 02:35बुध · 02:35 – 03:37चंद्र · 03:37 – 04:38शनि · 04:38 – 05:40गुरु · 05:40 – 06:41

4 मार्च

दैनिक पंचांग

दिन के समय

8·1 घं 28 मि
06:42
08:10
09:37
11:05
12:32
14:00
15:28
16:55

रात के समय

8·1 घं 32 मि
18:23
19:55
21:27
23:00
00:32
02:04
03:37
05:09

दिन के समय

8·1 घं 28 मि
06:42
08:10
09:37
11:05
12:32
14:00
15:28
16:55

रात के समय

8·1 घं 32 मि
18:23
19:55
21:27
23:00
00:32
02:04
03:37
05:09
05:0405:53
12:0912:56
07:2309:01
08:1009:37
11:0512:32
14:0015:28
21:3623:14

दिन के घंटे

12·58 मि
06:42
07:41
08:39
09:37
10:36
11:34
12:32
13:31
14:29
15:28
16:26
17:24

रात के घंटे

12·1 घं 2 मि
18:23
19:24
20:26
21:27
22:29
23:30
00:32
01:34
02:35
03:37
04:38
05:40

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

4 मार्च 2024 की तिथि क्या है?
4 मार्च 2024 की तिथि कृष्ण अष्टमी है।
4 मार्च 2024 का नक्षत्र क्या है?
4 मार्च 2024 का नक्षत्र ज्येष्ठा और योग वज्र है।
4 मार्च 2024 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
दिल्ली में सूर्योदय 06:42 पर तथा सूर्यास्त 18:23 पर होगा।
4 मार्च 2024 को राहु काल कब है?
दिल्ली में राहु काल 08:10–09:37 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।