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मंगलवार, 5 मार्च 2024

दैनिक पंचांग

चिंतन का दिन

आज मंगलवार है, कृष्ण पक्ष चल रहा है। नवमी तिथि सुबह तक है, फिर दशमी शुरू होगी। नवमी दुर्गा जी की तिथि है। यह पूजा के लिए अच्छी है, नए आरंभ के लिए नहीं। चन्द्रमा मूल नक्षत्र में दोपहर तक है, फिर पूर्व आषाढ़ा में। नया काम अभिजित मुहूर्त में शुरू करें, 12:09 से 12:56 बजे तक, और राहु काल में न करें, 15:28 से 16:55 बजे तक। चन्द्रमा धनु राशि में है और सूर्य कुम्भ राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • कृष्ण नवमी

      पिछले दिन 08:49 उसी दिन 08:04 तक

    • फिर

      कृष्ण दशमी

      उसी दिन 08:04 अगले दिन 06:31

    नवमी — दुर्गा को समर्पित। साधना के लिए श्रेष्ठ; बड़े नए कार्य परंपरा में टाले जाते हैं।

  • मंगलवार

    मंगलवार — मंगल द्वारा शासित। ऊर्जावान और साहसी दिन; कर्म और शारीरिक कार्य के लिए शुभ, संवेदनशील मामलों के लिए कम।

  • अमान्तमाघ
    पूर्णिमान्तफाल्गुन

नक्षत्र · योग · करण

    • मूल

      पिछले दिन 16:21 उसी दिन 15:59 तक

    • फिर

      पूर्व आषाढ़ा

      उसी दिन 15:59 अगले दिन 14:51

    तीक्ष्ण नक्षत्र — निर्णायक कार्य, चिकित्सकीय हस्तक्षेप और एकाग्र शक्ति वाले कार्य के लिए उपयुक्त।

    • सिद्धि

      पिछले दिन 16:04 उसी दिन 14:07 तक

    • फिर

      व्यतीपात

      उसी दिन 14:07 अगले दिन 11:32

    शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • गर

      पिछले दिन 20:33 उसी दिन 08:04 तक

    • फिर

      वणिज

      उसी दिन 08:04 उसी दिन 19:23

    • फिर

      विष्टि

      उसी दिन 19:23 अगले दिन 06:31

    चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।

एक नज़र में दिन

उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

कृष्ण नवमी · मंगल

00061218रोग · 06:41 – 08:09उद्वेग · 08:09 – 09:37चल · 09:37 – 11:05लाभ · 11:05 – 12:32अमृत · 12:32 – 14:00काल · 14:00 – 15:28शुभ · 15:28 – 16:55रोग · 16:55 – 18:23लाभ · 18:23 – 19:55उद्वेग · 19:55 – 21:27शुभ · 21:27 – 23:00अमृत · 23:00 – 00:32चल · 00:32 – 02:04रोग · 02:04 – 03:36काल · 03:36 – 05:08लाभ · 05:08 – 06:40रोग · 06:41 – 08:09काल · 08:09 – 09:37लाभ · 09:37 – 11:05उद्योग · 11:05 – 12:32चल · 12:32 – 14:00अमृत · 14:00 – 15:28शून्य · 15:28 – 16:55शुभ · 16:55 – 18:23काल · 18:23 – 19:55शून्य · 19:55 – 21:27रोग · 21:27 – 23:00लाभ · 23:00 – 00:32अमृत · 00:32 – 02:04उद्योग · 02:04 – 03:36चल · 03:36 – 05:08शुभ · 05:08 – 06:40ब्रह्म मुहूर्त · 05:03 – 05:52अभिजित मुहूर्त · 12:09 – 12:56अमृत काल · 09:41 – 11:15राहु काल · 15:28 – 16:55यमगण्ड काल · 09:37 – 11:05गुलिक काल · 12:32 – 14:00वर्ज्यम् · 00:13 – 01:48मंगल · 06:41 – 07:40सूर्य · 07:40 – 08:38शुक्र · 08:38 – 09:37बुध · 09:37 – 10:35चंद्र · 10:35 – 11:34शनि · 11:34 – 12:32गुरु · 12:32 – 13:31मंगल · 13:31 – 14:29सूर्य · 14:29 – 15:28शुक्र · 15:28 – 16:26बुध · 16:26 – 17:25चंद्र · 17:25 – 18:23शनि · 18:23 – 19:25गुरु · 19:25 – 20:26मंगल · 20:26 – 21:27सूर्य · 21:27 – 22:29शुक्र · 22:29 – 23:30बुध · 23:30 – 00:32चंद्र · 00:32 – 01:33शनि · 01:33 – 02:35गुरु · 02:35 – 03:36मंगल · 03:36 – 04:37सूर्य · 04:37 – 05:39शुक्र · 05:39 – 06:40

5 मार्च

दैनिक पंचांग

दिन के समय

8·1 घं 28 मि
06:41
08:09
09:37
11:05
12:32
14:00
15:28
16:55

रात के समय

8·1 घं 32 मि
18:23
19:55
21:27
23:00
00:32
02:04
03:36
05:08

दिन के समय

8·1 घं 28 मि
06:41
08:09
09:37
11:05
12:32
14:00
15:28
16:55

रात के समय

8·1 घं 32 मि
18:23
19:55
21:27
23:00
00:32
02:04
03:36
05:08
05:03→05:52
12:09→12:56
09:41→11:15
15:28→16:55
09:37→11:05
12:32→14:00
00:13→01:48

दिन के घंटे

12·58 मि
06:41
07:40
08:38
09:37
10:35
11:34
12:32
13:31
14:29
15:28
16:26
17:25

रात के घंटे

12·1 घं 1 मि
18:23
19:25
20:26
21:27
22:29
23:30
00:32
01:33
02:35
03:36
04:37
05:39

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

5 मार्च 2024 की तिथि क्या है?
5 मार्च 2024 की तिथि कृष्ण नवमी है।
5 मार्च 2024 का नक्षत्र क्या है?
5 मार्च 2024 का नक्षत्र मूल और योग सिद्धि है।
5 मार्च 2024 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 06:41 पर तथा सूर्यास्त 18:23 पर होगा।
5 मार्च 2024 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 15:28–16:55 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।