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Kundli GPT

बुधवार, 6 मार्च 2024

दैनिक पंचांग

चिंतन का दिन

आज बुधवार है। एकादशी तिथि 04:14 (कल) बजे तक, फिर द्वादशी 01:20 (कल) बजे तक रहेगी। पूर्व आषाढ़ा नक्षत्र 14:51 बजे तक, उसके बाद उत्तर आषाढ़ा 13:02 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग व्यतीपात 11:32 बजे तक, फिर वरीयान् योग 08:22 (कल) बजे तक। बव करण 17:27 बजे तक, उसके बाद बालव 04:14 (कल) बजे तक, फिर कौलव 14:51 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (12:32 से 14:00) के दौरान टालें। चन्द्रमा धनु राशि में है और सूर्य कुम्भ राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • पापमोचनी एकादशी

      उसी दिन 06:31 अगले दिन 04:14

    एकादशी — अनेक लोगों के लिए उपवास का दिन। आध्यात्मिक रूप से महत्त्वपूर्ण और आत्म-चिंतन की तिथि।

  • बुधवार

    बुधवार — बुध द्वारा शासित। संवाद और बुद्धि का दिन; अध्ययन, लेखन और व्यापार के लिए शुभ।

  • फाल्गुन · चैत्र

नक्षत्र · योग · करण

    • पूर्व आषाढ़ा

      पिछले दिन 15:59 उसी दिन 14:51

    • उत्तर आषाढ़ा

      उसी दिन 14:51 अगले दिन 13:02

    उग्र नक्षत्र — बड़े नए आरंभ के लिए परंपरा में टाला जाता है; पूर्णता और परिवर्तन के कार्यों के लिए उपयुक्त।

    • व्यतीपात

      पिछले दिन 14:07 उसी दिन 11:32

    • वरीयान्

      उसी दिन 11:32 अगले दिन 08:22

    अशुभ योग — आज सूर्य-चंद्र की ऊर्जाएँ विरोधी हैं। बड़े नए उपक्रम परंपरा में टाले जाते हैं।

    • बव

      उसी दिन 06:31 उसी दिन 17:27

    • बालव

      उसी दिन 17:27 अगले दिन 04:14

    चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।

एक नज़र में दिन

उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

कृष्ण एकादशी · बुध

00 06 12 18 लाभ · 06:40 – 08:08 अमृत · 08:08 – 09:36 काल · 09:36 – 11:04 शुभ · 11:04 – 12:32 रोग · 12:32 – 14:00 उद्वेग · 14:00 – 15:28 चल · 15:28 – 16:56 लाभ · 16:56 – 18:24 उद्वेग · 18:24 – 19:56 शुभ · 19:56 – 21:28 अमृत · 21:28 – 23:00 चल · 23:00 – 00:31 रोग · 00:31 – 02:03 काल · 02:03 – 03:35 लाभ · 03:35 – 05:07 उद्वेग · 05:07 – 06:39 लाभ · 06:40 – 08:08 शुभ · 08:08 – 09:36 अमृत · 09:36 – 11:04 चल · 11:04 – 12:32 उद्योग · 12:32 – 14:00 शून्य · 14:00 – 15:28 रोग · 15:28 – 16:56 काल · 16:56 – 18:24 शून्य · 18:24 – 19:56 रोग · 19:56 – 21:28 काल · 21:28 – 23:00 शुभ · 23:00 – 00:31 चल · 00:31 – 02:03 अमृत · 02:03 – 03:35 उद्योग · 03:35 – 05:07 लाभ · 05:07 – 06:39 ब्रह्म मुहूर्त · 05:02 – 05:51 अमृत काल · 10:17 – 11:48 राहु काल · 12:32 – 14:00 यमगण्ड काल · 08:08 – 09:36 गुलिक काल · 11:04 – 12:32 वर्ज्यम् · 01:08 – 02:39 बुध · 06:40 – 07:39 चंद्र · 07:39 – 08:37 शनि · 08:37 – 09:36 गुरु · 09:36 – 10:35 मंगल · 10:35 – 11:33 सूर्य · 11:33 – 12:32 शुक्र · 12:32 – 13:31 बुध · 13:31 – 14:29 चंद्र · 14:29 – 15:28 शनि · 15:28 – 16:27 गुरु · 16:27 – 17:25 मंगल · 17:25 – 18:24 सूर्य · 18:24 – 19:25 शुक्र · 19:25 – 20:26 बुध · 20:26 – 21:28 चंद्र · 21:28 – 22:29 शनि · 22:29 – 23:30 गुरु · 23:30 – 00:31 मंगल · 00:31 – 01:33 सूर्य · 01:33 – 02:34 शुक्र · 02:34 – 03:35 बुध · 03:35 – 04:37 चंद्र · 04:37 – 05:38 शनि · 05:38 – 06:39

6 मार्च

दैनिक पंचांग

दिन के समय

8 · 1 घं 28 मि
06:40
08:08
09:36
11:04
12:32
14:00
15:28
16:56

रात के समय

8 · 1 घं 32 मि
18:24
19:56
21:28
23:00
00:31
02:03
03:35
05:07

दिन के समय

8 · 1 घं 28 मि
06:40
08:08
09:36
11:04
12:32
14:00
15:28
16:56

रात के समय

8 · 1 घं 32 मि
18:24
19:56
21:28
23:00
00:31
02:03
03:35
05:07
05:02 05:51
10:17 11:48
12:32 14:00
08:08 09:36
11:04 12:32
01:08 02:39

दिन के घंटे

12 · 59 मि
06:40
07:39
08:37
09:36
10:35
11:33
12:32
13:31
14:29
15:28
16:27
17:25

रात के घंटे

12 · 1 घं 1 मि
18:24
19:25
20:26
21:28
22:29
23:30
00:31
01:33
02:34
03:35
04:37
05:38

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

6 मार्च 2024 की तिथि क्या है?
6 मार्च 2024 की तिथि कृष्ण एकादशी है।
6 मार्च 2024 का नक्षत्र क्या है?
6 मार्च 2024 का नक्षत्र पूर्व आषाढ़ा और योग व्यतीपात है।
6 मार्च 2024 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
दिल्ली में सूर्योदय 06:40 पर तथा सूर्यास्त 18:24 पर होगा।
6 मार्च 2024 को राहु काल कब है?
दिल्ली में राहु काल 12:32–14:00 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।