सोमवार, 11 मई 2026
दैनिक पंचांग
आज सोमवार है। नवमी तिथि 15:24 बजे तक, फिर दशमी 14:52 (कल) बजे तक रहेगी। शतभिषा नक्षत्र 01:28 (कल) बजे तक, उसके बाद पूर्व भाद्रपदा 01:16 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग ऐन्द्र 01:03 (कल) बजे तक, फिर वैधृति योग 23:18 (कल) बजे तक। गर करण 15:24 बजे तक, उसके बाद वणिज 03:15 (कल) बजे तक, फिर विष्टि 14:52 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (07:14 से 08:55) के दौरान टालें। चन्द्रमा कुम्भ राशि में है और सूर्य मेष राशि में।
पुरुषोत्तम मास
अधिक वैशाख
पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।
तिथि · वार · चान्द्र मास
कृष्ण नवमी
पिछले दिन15:06उसी दिन15:24
कृष्ण दशमी
उसी दिन15:24अगले दिन14:52
नवमी — दुर्गा को समर्पित। साधना के लिए श्रेष्ठ; बड़े नए कार्य परंपरा में टाले जाते हैं।
सोमवार
सोमवार — चंद्र द्वारा शासित। शांत और भावपूर्ण दिन; पारिवारिक कार्य, जल-सम्बन्धित कार्य और अध्ययन के लिए उपयुक्त।
- अमान्तवैशाखपूर्णिमान्तज्येष्ठ
नक्षत्र · योग · करण
शतभिषा · पाद 1
उसी दिन00:49अगले दिन01:28
चर नक्षत्र — यात्रा, बदलाव और स्थान-परिवर्तन के लिए शुभ।
ऐन्द्र
उसी दिन02:07अगले दिन01:03
शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।
गर
उसी दिन03:21उसी दिन15:24
वणिज
उसी दिन15:24अगले दिन03:15
चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।
एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
कृष्ण नवमी · सोम
11 मई
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8·1 घं 41 मि| 05:3307:14 | ||
| 07:1408:55 | ||
| 08:5510:36 | ||
| 10:3612:17 | ||
| 12:1713:58 | ||
| 13:5815:40 | ||
| 15:4017:21 | ||
| 17:2119:02 |
रात के समय
8·1 घं 19 मि| 19:0220:21 | ||
| 20:2121:39 | ||
| 21:3922:58 | ||
| 22:5800:17 | ||
| 00:1701:36 | ||
| 01:3602:54 | ||
| 02:5404:13 | ||
| 04:1305:32 |
दिन के समय
8·1 घं 41 मि| 05:3307:14 | ||
| 07:1408:55 | ||
| 08:5510:36 | ||
| 10:3612:17 | ||
| 12:1713:58 | ||
| 13:5815:40 | ||
| 15:4017:21 | ||
| 17:2119:02 |
रात के समय
8·1 घं 19 मि| 19:0220:21 | ||
| 20:2121:39 | ||
| 21:3922:58 | ||
| 22:5800:17 | ||
| 00:1701:36 | ||
| 01:3602:54 | ||
| 02:5404:13 | ||
| 04:1305:32 |
| 04:08→04:50 | ||
| 11:50→12:44 | ||
| 18:04→19:43 | ||
| 07:14→08:55 | ||
| 10:36→12:17 | ||
| 13:58→15:40 | ||
| 08:13→09:51 |
दिन के घंटे
12·1 घं 7 मि| 05:3306:40 | ||
| 06:4007:47 | ||
| 07:4708:55 | ||
| 08:5510:02 | ||
| 10:0211:10 | ||
| 11:1012:17 | ||
| 12:1713:25 | ||
| 13:2514:32 | ||
| 14:3215:40 | ||
| 15:4016:47 | ||
| 16:4717:54 | ||
| 17:5419:02 |
रात के घंटे
12·53 मि| 19:0219:54 | ||
| 19:5420:47 | ||
| 20:4721:39 | ||
| 21:3922:32 | ||
| 22:3223:24 | ||
| 23:2400:17 | ||
| 00:1701:09 | ||
| 01:0902:02 | ||
| 02:0202:54 | ||
| 02:5403:47 | ||
| 03:4704:39 | ||
| 04:3905:32 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 11 मई 2026 की तिथि क्या है?
- 11 मई 2026 की तिथि कृष्ण नवमी है।
- 11 मई 2026 का नक्षत्र क्या है?
- 11 मई 2026 का नक्षत्र शतभिषा और योग ऐन्द्र है।
- 11 मई 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- दिल्ली में सूर्योदय 05:33 पर तथा सूर्यास्त 19:02 पर होगा।
- 11 मई 2026 को राहु काल कब है?
- दिल्ली में राहु काल 07:14–08:55 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।

