मंगलवार, 12 मई 2026
दैनिक पंचांग
आज मंगलवार है। दशमी तिथि 14:52 बजे तक, फिर एकादशी 13:30 (कल) बजे तक रहेगी। पूर्व भाद्रपदा नक्षत्र 01:16 (कल) बजे तक, उसके बाद उत्तर भाद्रपदा 00:17 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग वैधृति 23:18 बजे तक, फिर विष्कुम्भ योग 20:53 (कल) बजे तक। विष्टि करण 14:52 बजे तक, उसके बाद बव 02:17 (कल) बजे तक, फिर बालव 13:30 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (15:40 से 17:21) के दौरान टालें। चन्द्रमा कुम्भ राशि में है और सूर्य मेष राशि में।
पुरुषोत्तम मास
अधिक वैशाख
पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।
तिथि · वार · चान्द्र मास
कृष्ण दशमी
पिछले दिन15:24उसी दिन14:52
अपरा एकादशी
उसी दिन14:52अगले दिन13:30
दशमी — स्थिर और भरोसेमंद तिथि। अधिकांश कार्यों के लिए शुभ मानी जाती है।
मंगलवार
मंगलवार — मंगल द्वारा शासित। ऊर्जावान और साहसी दिन; कर्म और शारीरिक कार्य के लिए शुभ, संवेदनशील मामलों के लिए कम।
- अमान्तवैशाखपूर्णिमान्तज्येष्ठ
नक्षत्र · योग · करण
पूर्व भाद्रपदा · पाद 1
उसी दिन01:28अगले दिन01:16
उग्र नक्षत्र — बड़े नए आरंभ के लिए परंपरा में टाला जाता है; पूर्णता और परिवर्तन के कार्यों के लिए उपयुक्त।
वैधृति
उसी दिन01:03उसी दिन23:18
विष्कुम्भ
उसी दिन23:18अगले दिन20:53
अशुभ योग — आज सूर्य-चंद्र की ऊर्जाएँ विरोधी हैं। बड़े नए उपक्रम परंपरा में टाले जाते हैं।
विष्टि
उसी दिन03:15उसी दिन14:52
बव
उसी दिन14:52अगले दिन02:17
विष्टि (भद्रा) करण — महत्त्वपूर्ण नए कार्यों के लिए परंपरा में टाला जाता है; सामान्य कार्य चलते हैं।
एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
कृष्ण दशमी · मंगल
12 मई
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8·1 घं 41 मि| 05:3207:13 | ||
| 07:1308:55 | ||
| 08:5510:36 | ||
| 10:3612:17 | ||
| 12:1713:58 | ||
| 13:5815:40 | ||
| 15:4017:21 | ||
| 17:2119:02 |
रात के समय
8·1 घं 19 मि| 19:0220:21 | ||
| 20:2121:40 | ||
| 21:4022:58 | ||
| 22:5800:17 | ||
| 00:1701:35 | ||
| 01:3502:54 | ||
| 02:5404:13 | ||
| 04:1305:31 |
दिन के समय
8·1 घं 41 मि| 05:3207:13 | ||
| 07:1308:55 | ||
| 08:5510:36 | ||
| 10:3612:17 | ||
| 12:1713:58 | ||
| 13:5815:40 | ||
| 15:4017:21 | ||
| 17:2119:02 |
रात के समय
8·1 घं 19 मि| 19:0220:21 | ||
| 20:2121:40 | ||
| 21:4022:58 | ||
| 22:5800:17 | ||
| 00:1701:35 | ||
| 01:3502:54 | ||
| 02:5404:13 | ||
| 04:1305:31 |
| 04:08→04:50 | ||
| 11:50→12:44 | ||
| 17:20→18:55 | ||
| 15:40→17:21 | ||
| 08:55→10:36 | ||
| 12:17→13:58 | ||
| 07:49→09:24 |
दिन के घंटे
12·1 घं 8 मि| 05:3206:39 | ||
| 06:3907:47 | ||
| 07:4708:55 | ||
| 08:5510:02 | ||
| 10:0211:10 | ||
| 11:1012:17 | ||
| 12:1713:25 | ||
| 13:2514:32 | ||
| 14:3215:40 | ||
| 15:4016:47 | ||
| 16:4717:55 | ||
| 17:5519:02 |
रात के घंटे
12·52 मि| 19:0219:55 | ||
| 19:5520:47 | ||
| 20:4721:40 | ||
| 21:4022:32 | ||
| 22:3223:24 | ||
| 23:2400:17 | ||
| 00:1701:09 | ||
| 01:0902:02 | ||
| 02:0202:54 | ||
| 02:5403:46 | ||
| 03:4604:39 | ||
| 04:3905:31 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 12 मई 2026 की तिथि क्या है?
- 12 मई 2026 की तिथि कृष्ण दशमी है।
- 12 मई 2026 का नक्षत्र क्या है?
- 12 मई 2026 का नक्षत्र पूर्व भाद्रपदा और योग वैधृति है।
- 12 मई 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- दिल्ली में सूर्योदय 05:32 पर तथा सूर्यास्त 19:02 पर होगा।
- 12 मई 2026 को राहु काल कब है?
- दिल्ली में राहु काल 15:40–17:21 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।

