शुक्रवार, 2 मई 2025
दैनिक पंचांग
आज शुक्रवार है। पंचमी तिथि 09:15 बजे तक, फिर षष्ठी 07:52 (कल) बजे तक रहेगी। आर्द्रा नक्षत्र 13:03 बजे तक, उसके बाद पुनर्वसु 12:33 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग धृति 03:18 (कल) बजे तक, फिर शूल योग 01:39 (कल) बजे तक। बालव करण 09:15 बजे तक, उसके बाद कौलव 20:27 बजे तक, फिर तैतिल 07:52 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (10:38 से 12:18) के दौरान टालें। चन्द्रमा मिथुन राशि में है और सूर्य मेष राशि में।
पुरुषोत्तम मास
अधिक वैशाख
पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।
तिथि · वार · चान्द्र मास
शुक्ल पंचमी
पिछले दिन11:24उसी दिन09:15
शुक्ल षष्ठी
उसी दिन09:15अगले दिन07:52
पंचमी — शांति और सामंजस्य की तिथि। अध्ययन, संगीत और कला के लिए शुभ।
शुक्रवार
शुक्रवार — शुक्र द्वारा शासित। सौम्य और सुखद दिन; कला, सम्बन्ध और सौंदर्य-सम्बन्धित कार्यों के लिए शुभ।
- अमान्तवैशाखपूर्णिमान्तवैशाख
नक्षत्र · योग · करण
आर्द्रा
पिछले दिन14:20उसी दिन13:03
पुनर्वसु
उसी दिन13:03अगले दिन12:33
तीक्ष्ण नक्षत्र — निर्णायक कार्य, चिकित्सकीय हस्तक्षेप और एकाग्र शक्ति वाले कार्य के लिए उपयुक्त।
धृति
उसी दिन05:37अगले दिन03:18
शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।
बालव
पिछले दिन22:14उसी दिन09:15
कौलव
उसी दिन09:15उसी दिन20:27
तैतिल
उसी दिन20:27अगले दिन07:52
चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।
एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
शुक्ल पंचमी · शुक्र
2 मई
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8·1 घं 40 मि| 05:3907:19 | ||
| 07:1908:58 | ||
| 08:5810:38 | ||
| 10:3812:18 | ||
| 12:1813:57 | ||
| 13:5715:37 | ||
| 15:3717:17 | ||
| 17:1718:57 |
रात के समय
8·1 घं 20 मि| 18:5720:17 | ||
| 20:1721:37 | ||
| 21:3722:57 | ||
| 22:5700:17 | ||
| 00:1701:38 | ||
| 01:3802:58 | ||
| 02:5804:18 | ||
| 04:1805:38 |
दिन के समय
8·1 घं 40 मि| 05:3907:19 | ||
| 07:1908:58 | ||
| 08:5810:38 | ||
| 10:3812:18 | ||
| 12:1813:57 | ||
| 13:5715:37 | ||
| 15:3717:17 | ||
| 17:1718:57 |
रात के समय
8·1 घं 20 मि| 18:5720:17 | ||
| 20:1721:37 | ||
| 21:3722:57 | ||
| 22:5700:17 | ||
| 00:1701:38 | ||
| 01:3802:58 | ||
| 02:5804:18 | ||
| 04:1805:38 |
| 04:13→04:56 | ||
| 11:51→12:44 | ||
| 03:35→05:06 | ||
| 10:38→12:18 | ||
| 15:37→17:17 | ||
| 07:19→08:58 | ||
| 22:17→23:48 |
दिन के घंटे
12·1 घं 6 मि| 05:3906:46 | ||
| 06:4607:52 | ||
| 07:5208:58 | ||
| 08:5810:05 | ||
| 10:0511:11 | ||
| 11:1112:18 | ||
| 12:1813:24 | ||
| 13:2414:31 | ||
| 14:3115:37 | ||
| 15:3716:44 | ||
| 16:4417:50 | ||
| 17:5018:57 |
रात के घंटे
12·53 मि| 18:5719:50 | ||
| 19:5020:43 | ||
| 20:4321:37 | ||
| 21:3722:30 | ||
| 22:3023:24 | ||
| 23:2400:17 | ||
| 00:1701:11 | ||
| 01:1102:04 | ||
| 02:0402:58 | ||
| 02:5803:51 | ||
| 03:5104:45 | ||
| 04:4505:38 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 2 मई 2025 की तिथि क्या है?
- 2 मई 2025 की तिथि शुक्ल पंचमी है।
- 2 मई 2025 का नक्षत्र क्या है?
- 2 मई 2025 का नक्षत्र आर्द्रा और योग धृति है।
- 2 मई 2025 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- दिल्ली में सूर्योदय 05:39 पर तथा सूर्यास्त 18:57 पर होगा।
- 2 मई 2025 को राहु काल कब है?
- दिल्ली में राहु काल 10:38–12:18 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।

