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Kundli GPT

शुक्रवार, 22 मई 2026

दैनिक पंचांग

शुभ दिन

आज शुक्रवार है। षष्ठी तिथि 06:24 बजे तक, फिर सप्तमी 05:04 (कल) बजे तक रहेगी। आश्लेषा नक्षत्र 02:08 (कल) बजे तक, उसके बाद मघा 02:10 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग वृद्धि 08:20 बजे तक, फिर ध्रुव योग 06:15 (कल) बजे तक। तैतिल करण 06:24 बजे तक, उसके बाद गर 17:39 बजे तक, फिर वणिज 05:04 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (10:35 से 12:17) के दौरान टालें। चन्द्रमा कर्क राशि में है और सूर्य वृषभ राशि में।

पुरुषोत्तम मास

अधिक ज्येष्ठ

17 मई से 15 जून, 2026 तक

पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • शुक्ल षष्ठी

      पिछले दिन 08:27 उसी दिन 06:24

    • शुक्ल सप्तमी

      उसी दिन 06:24 अगले दिन 05:04

    षष्ठी — साहस और बल की तिथि। कठिन कार्यों को पूर्ण करने के लिए उपयुक्त।

  • शुक्रवार

    शुक्रवार — शुक्र द्वारा शासित। सौम्य और सुखद दिन; कला, सम्बन्ध और सौंदर्य-सम्बन्धित कार्यों के लिए शुभ।

  • ज्येष्ठ · आषाढ़

नक्षत्र · योग · करण

    • आश्लेषा · पाद 1

      उसी दिन 02:50 अगले दिन 02:08

    तीक्ष्ण नक्षत्र — निर्णायक कार्य, चिकित्सकीय हस्तक्षेप और एकाग्र शक्ति वाले कार्य के लिए उपयुक्त।

    • वृद्धि

      पिछले दिन 10:59 उसी दिन 08:20

    • ध्रुव

      उसी दिन 08:20 अगले दिन 06:15

    शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • तैतिल

      पिछले दिन 19:20 उसी दिन 06:24

    • गर

      उसी दिन 06:24 उसी दिन 17:39

    • वणिज

      उसी दिन 17:39 अगले दिन 05:04

    चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।

एक नज़र में दिन

उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

शुक्ल षष्ठी · शुक्र

00 06 12 18 चल · 05:26 – 07:09 लाभ · 07:09 – 08:52 अमृत · 08:52 – 10:35 काल · 10:35 – 12:17 शुभ · 12:17 – 14:00 रोग · 14:00 – 15:43 उद्वेग · 15:43 – 17:26 चल · 17:26 – 19:08 रोग · 19:08 – 20:26 काल · 20:26 – 21:43 लाभ · 21:43 – 23:00 उद्वेग · 23:00 – 00:17 शुभ · 00:17 – 01:34 अमृत · 01:34 – 02:52 चल · 02:52 – 04:09 रोग · 04:09 – 05:26 अमृत · 05:26 – 07:09 उद्योग · 07:09 – 08:52 चल · 08:52 – 10:35 काल · 10:35 – 12:17 शून्य · 12:17 – 14:00 लाभ · 14:00 – 15:43 शुभ · 15:43 – 17:26 रोग · 17:26 – 19:08 शुभ · 19:08 – 20:26 शून्य · 20:26 – 21:43 लाभ · 21:43 – 23:00 चल · 23:00 – 00:17 रोग · 00:17 – 01:34 काल · 01:34 – 02:52 अमृत · 02:52 – 04:09 उद्योग · 04:09 – 05:26 ब्रह्म मुहूर्त · 04:04 – 04:45 अभिजित मुहूर्त · 11:50 – 12:45 अमृत काल · 00:35 – 02:08 राहु काल · 10:35 – 12:17 यमगण्ड काल · 15:43 – 17:26 गुलिक काल · 07:09 – 08:52 वर्ज्यम् · 15:16 – 16:49

22 मई

दैनिक पंचांग

दिन के समय

8 · 1 घं 43 मि
05:26
07:09
08:52
10:35
12:17
14:00
15:43
17:26

रात के समय

8 · 1 घं 17 मि
19:08
20:26
21:43
23:00
00:17
01:34
02:52
04:09

दिन के समय

8 · 1 घं 43 मि
05:26
07:09
08:52
10:35
12:17
14:00
15:43
17:26

रात के समय

8 · 1 घं 17 मि
19:08
20:26
21:43
23:00
00:17
01:34
02:52
04:09
04:04 04:45
11:50 12:45
00:35 02:08
10:35 12:17
15:43 17:26
07:09 08:52
15:16 16:49

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

22 मई 2026 की तिथि क्या है?
22 मई 2026 की तिथि शुक्ल षष्ठी है।
22 मई 2026 का नक्षत्र क्या है?
22 मई 2026 का नक्षत्र आश्लेषा और योग वृद्धि है।
22 मई 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
दिल्ली में सूर्योदय 05:26 पर तथा सूर्यास्त 19:08 पर होगा।
22 मई 2026 को राहु काल कब है?
दिल्ली में राहु काल 10:35–12:17 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।