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शनिवार, 22 मई 2027

दैनिक पंचांग

चिंतन का दिन

आज शनिवार है, कृष्ण पक्ष चल रहा है। द्वितीया तिथि शाम तक है, फिर तृतीया शुरू होगी। द्वितीया स्थिर तिथि है, साथ मिलकर काम करने के लिए अच्छी। चन्द्रमा ज्येष्ठा नक्षत्र में शाम तक है, फिर मूल में। नया काम अभिजित मुहूर्त में शुरू करें, 11:50 से 12:45 बजे तक, और राहु काल में न करें, 08:52 से 10:35 बजे तक। चन्द्रमा वृश्चिक राशि में है और सूर्य वृषभ राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • कृष्ण द्वितीया

      पिछले दिन 17:23 उसी दिन 18:48 तक

    • फिर

      कृष्ण तृतीया

      उसी दिन 18:48 अगले दिन 20:42

    द्वितीया — स्थिरता और साझेदारी की तिथि। सहयोगात्मक कार्यों के लिए शुभ।

  • शनिवार

    शनिवार — शनि द्वारा शासित। अनुशासित और गंभीर दिन; अधूरे कार्य पूर्ण करने के लिए उपयुक्त, नए आरंभ के लिए कम।

  • अमान्तवैशाख
    पूर्णिमान्तज्येष्ठ

नक्षत्र · योग · करण

    • ज्येष्ठा

      पिछले दिन 14:50 उसी दिन 16:49 तक

    • फिर

      मूल

      उसी दिन 16:49 अगले दिन 19:16

    तीक्ष्ण नक्षत्र — निर्णायक कार्य, चिकित्सकीय हस्तक्षेप और एकाग्र शक्ति वाले कार्य के लिए उपयुक्त।

    • सिद्ध

      पिछले दिन 22:13 उसी दिन 22:26 तक

    • फिर

      साध्य

      उसी दिन 22:26 अगले दिन 23:00

    शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • तैतिल

      पिछले दिन 17:23 उसी दिन 06:02 तक

    • फिर

      गर

      उसी दिन 06:02 उसी दिन 18:48

    • फिर

      वणिज

      उसी दिन 18:48 अगले दिन 07:41

    चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।

एक नज़र में दिन

उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

कृष्ण द्वितीया · शनि

00061218काल · 05:27 – 07:09शुभ · 07:09 – 08:52रोग · 08:52 – 10:35उद्वेग · 10:35 – 12:17चल · 12:17 – 14:00लाभ · 14:00 – 15:43अमृत · 15:43 – 17:26काल · 17:26 – 19:08काल · 19:08 – 20:26लाभ · 20:26 – 21:43उद्वेग · 21:43 – 23:00शुभ · 23:00 – 00:17अमृत · 00:17 – 01:34चल · 01:34 – 02:52रोग · 02:52 – 04:09काल · 04:09 – 05:26काल · 05:27 – 07:09चल · 07:09 – 08:52उद्योग · 08:52 – 10:35अमृत · 10:35 – 12:17लाभ · 12:17 – 14:00रोग · 14:00 – 15:43शुभ · 15:43 – 17:26शून्य · 17:26 – 19:08अमृत · 19:08 – 20:26रोग · 20:26 – 21:43शून्य · 21:43 – 23:00उद्योग · 23:00 – 00:17शुभ · 00:17 – 01:34लाभ · 01:34 – 02:52चल · 02:52 – 04:09काल · 04:09 – 05:26ब्रह्म मुहूर्त · 04:04 – 04:45अभिजित मुहूर्त · 11:50 – 12:45अमृत काल · 07:17 – 09:01राहु काल · 08:52 – 10:35यमगण्ड काल · 14:00 – 15:43गुलिक काल · 05:27 – 07:09वर्ज्यम् · 20:54 – 22:38शनि · 05:27 – 06:35गुरु · 06:35 – 07:44मंगल · 07:44 – 08:52सूर्य · 08:52 – 10:01शुक्र · 10:01 – 11:09बुध · 11:09 – 12:17चंद्र · 12:17 – 13:26शनि · 13:26 – 14:34गुरु · 14:34 – 15:43मंगल · 15:43 – 16:51सूर्य · 16:51 – 18:00शुक्र · 18:00 – 19:08बुध · 19:08 – 20:00चंद्र · 20:00 – 20:51शनि · 20:51 – 21:43गुरु · 21:43 – 22:34मंगल · 22:34 – 23:26सूर्य · 23:26 – 00:17शुक्र · 00:17 – 01:09बुध · 01:09 – 02:00चंद्र · 02:00 – 02:52शनि · 02:52 – 03:43गुरु · 03:43 – 04:35मंगल · 04:35 – 05:26

22 मई

दैनिक पंचांग

दिन के समय

8·1 घं 43 मि
05:27
07:09
08:52
10:35
12:17
14:00
15:43
17:26

रात के समय

8·1 घं 17 मि
19:08
20:26
21:43
23:00
00:17
01:34
02:52
04:09

दिन के समय

8·1 घं 43 मि
05:27
07:09
08:52
10:35
12:17
14:00
15:43
17:26

रात के समय

8·1 घं 17 मि
19:08
20:26
21:43
23:00
00:17
01:34
02:52
04:09
04:04→04:45
11:50→12:45
07:17→09:01
08:52→10:35
14:00→15:43
05:27→07:09
20:54→22:38

दिन के घंटे

12·1 घं 8 मि
05:27
06:35
07:44
08:52
10:01
11:09
12:17
13:26
14:34
15:43
16:51
18:00

रात के घंटे

12·51 मि
19:08
20:00
20:51
21:43
22:34
23:26
00:17
01:09
02:00
02:52
03:43
04:35

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

22 मई 2027 की तिथि क्या है?
22 मई 2027 की तिथि कृष्ण द्वितीया है।
22 मई 2027 का नक्षत्र क्या है?
22 मई 2027 का नक्षत्र ज्येष्ठा और योग सिद्ध है।
22 मई 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 05:27 पर तथा सूर्यास्त 19:08 पर होगा।
22 मई 2027 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 08:52–10:35 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।