Skip to main content
Kundli GPT

रविवार, 25 मई 2025

दैनिक पंचांग

चिंतन का दिन

आज रविवार है। त्रयोदशी तिथि 15:51 बजे तक, फिर चतुर्दशी 12:12 (कल) बजे तक रहेगी। अश्विनी नक्षत्र 11:12 बजे तक, उसके बाद भरणी 08:23 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग सौभाग्य 11:05 बजे तक, फिर शोभन योग 07:01 (कल) बजे तक। गर करण 05:38 बजे तक, उसके बाद वणिज 15:51 बजे तक, फिर विष्टि 02:02 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (17:27 से 19:10) के दौरान टालें। चन्द्रमा मेष राशि में है और सूर्य वृषभ राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • कृष्ण त्रयोदशी

      पिछले दिन 19:20 उसी दिन 15:51

    • कृष्ण चतुर्दशी

      उसी दिन 15:51 अगले दिन 12:12

    त्रयोदशी — उत्साह की तिथि। उत्सव और सक्रिय कार्यों के लिए शुभ।

  • रविवार

    रविवार — सूर्य द्वारा शासित। तेज और नेतृत्व का दिन; नेतृत्व कार्य और स्वास्थ्य के लिए शुभ।

  • ज्येष्ठ · आषाढ़

नक्षत्र · योग · करण

    • अश्विनी

      पिछले दिन 13:47 उसी दिन 11:12

    • भरणी

      उसी दिन 11:12 अगले दिन 08:23

    लघु नक्षत्र — संक्षिप्त कार्य, छोटी यात्राएँ और संवाद के लिए उपयुक्त।

    • सौभाग्य

      पिछले दिन 14:59 उसी दिन 11:05

    • शोभन

      उसी दिन 11:05 अगले दिन 07:01

    शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • गर

      पिछले दिन 19:20 उसी दिन 05:38

    • वणिज

      उसी दिन 05:38 उसी दिन 15:51

    • विष्टि

      उसी दिन 15:51 अगले दिन 02:02

    चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।

एक नज़र में दिन

उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

कृष्ण त्रयोदशी · रवि

00 06 12 18 उद्वेग · 05:25 – 07:08 चल · 07:08 – 08:51 लाभ · 08:51 – 10:35 अमृत · 10:35 – 12:18 काल · 12:18 – 14:01 शुभ · 14:01 – 15:44 रोग · 15:44 – 17:27 उद्वेग · 17:27 – 19:10 शुभ · 19:10 – 20:27 अमृत · 20:27 – 21:44 चल · 21:44 – 23:01 रोग · 23:01 – 00:18 काल · 00:18 – 01:34 लाभ · 01:34 – 02:51 उद्वेग · 02:51 – 04:08 शुभ · 04:08 – 05:25 उद्योग · 05:25 – 07:08 अमृत · 07:08 – 08:51 काल · 08:51 – 10:35 शुभ · 10:35 – 12:18 रोग · 12:18 – 14:01 शून्य · 14:01 – 15:44 लाभ · 15:44 – 17:27 चल · 17:27 – 19:10 शून्य · 19:10 – 20:27 लाभ · 20:27 – 21:44 चल · 21:44 – 23:01 रोग · 23:01 – 00:18 काल · 00:18 – 01:34 शुभ · 01:34 – 02:51 अमृत · 02:51 – 04:08 उद्योग · 04:08 – 05:25 ब्रह्म मुहूर्त · 04:03 – 04:44 अभिजित मुहूर्त · 11:50 – 12:45 अमृत काल · 04:46 – 06:12 राहु काल · 17:27 – 19:10 यमगण्ड काल · 12:18 – 14:01 गुलिक काल · 15:44 – 17:27 वर्ज्यम् · 07:38 – 09:03 सूर्य · 05:25 – 06:34 शुक्र · 06:34 – 07:43 बुध · 07:43 – 08:51 चंद्र · 08:51 – 10:00 शनि · 10:00 – 11:09 गुरु · 11:09 – 12:18 मंगल · 12:18 – 13:26 सूर्य · 13:26 – 14:35 शुक्र · 14:35 – 15:44 बुध · 15:44 – 16:53 चंद्र · 16:53 – 18:02 शनि · 18:02 – 19:10 गुरु · 19:10 – 20:01 मंगल · 20:01 – 20:53 सूर्य · 20:53 – 21:44 शुक्र · 21:44 – 22:35 बुध · 22:35 – 23:26 चंद्र · 23:26 – 00:18 शनि · 00:18 – 01:09 गुरु · 01:09 – 02:00 मंगल · 02:00 – 02:51 सूर्य · 02:51 – 03:42 शुक्र · 03:42 – 04:34 बुध · 04:34 – 05:25

25 मई

दैनिक पंचांग

दिन के समय

8 · 1 घं 43 मि
05:25
07:08
08:51
10:35
12:18
14:01
15:44
17:27

रात के समय

8 · 1 घं 17 मि
19:10
20:27
21:44
23:01
00:18
01:34
02:51
04:08

दिन के समय

8 · 1 घं 43 मि
05:25
07:08
08:51
10:35
12:18
14:01
15:44
17:27

रात के समय

8 · 1 घं 17 मि
19:10
20:27
21:44
23:01
00:18
01:34
02:51
04:08
04:03 04:44
11:50 12:45
04:46 06:12
17:27 19:10
12:18 14:01
15:44 17:27
07:38 09:03

दिन के घंटे

12 · 1 घं 9 मि
05:25
06:34
07:43
08:51
10:00
11:09
12:18
13:26
14:35
15:44
16:53
18:02

रात के घंटे

12 · 51 मि
19:10
20:01
20:53
21:44
22:35
23:26
00:18
01:09
02:00
02:51
03:42
04:34

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

25 मई 2025 की तिथि क्या है?
25 मई 2025 की तिथि कृष्ण त्रयोदशी है।
25 मई 2025 का नक्षत्र क्या है?
25 मई 2025 का नक्षत्र अश्विनी और योग सौभाग्य है।
25 मई 2025 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
दिल्ली में सूर्योदय 05:25 पर तथा सूर्यास्त 19:10 पर होगा।
25 मई 2025 को राहु काल कब है?
दिल्ली में राहु काल 17:27–19:10 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।