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सोमवार, 26 मई 2025

दैनिक पंचांग

चिंतन का दिन

आज सोमवार है। चतुर्दशी तिथि 12:12 बजे तक, फिर अमावस्या 08:32 (कल) बजे तक रहेगी। भरणी नक्षत्र 08:23 बजे तक, उसके बाद कृत्तिका 05:32 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग शोभन 07:01 बजे तक, फिर अतिगण्ड योग 02:54 (कल) बजे तक। शकुनि करण 12:12 बजे तक, उसके बाद चतुष्पाद 22:21 बजे तक, फिर नाग 08:32 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (07:08 से 08:51) के दौरान टालें। चन्द्रमा मेष राशि में है और सूर्य वृषभ राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • कृष्ण चतुर्दशी

      पिछले दिन15:51उसी दिन12:12

    • अमावस्या

      उसी दिन12:12अगले दिन08:32

    चतुर्दशी — तीव्र और परिवर्तनकारी तिथि। बड़े निर्णय सावधानी से लेने चाहिए।

  • सोमवार

    सोमवार — चंद्र द्वारा शासित। शांत और भावपूर्ण दिन; पारिवारिक कार्य, जल-सम्बन्धित कार्य और अध्ययन के लिए उपयुक्त।

  • अमान्तवैशाख
    पूर्णिमान्तज्येष्ठ

नक्षत्र · योग · करण

    • भरणी

      पिछले दिन11:12उसी दिन08:23

    • कृत्तिका

      उसी दिन08:23अगले दिन05:32

    उग्र नक्षत्र — बड़े नए आरंभ के लिए परंपरा में टाला जाता है; पूर्णता और परिवर्तन के कार्यों के लिए उपयुक्त।

    • शोभन

      पिछले दिन11:05उसी दिन07:01

    • अतिगण्ड

      उसी दिन07:01अगले दिन02:54

    शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • शकुनि

      उसी दिन02:02उसी दिन12:12

    • चतुष्पाद

      उसी दिन12:12उसी दिन22:21

    • नाग

      उसी दिन22:21अगले दिन08:32

    स्थिर करण — मास के अंत में ही आते हैं और परिवर्तन का संकेत देते हैं। अधूरे कार्य पूर्ण करने के लिए उपयुक्त।

एक नज़र में दिन

उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

कृष्ण चतुर्दशी · सोम

00061218अमृत · 05:25 – 07:08काल · 07:08 – 08:51शुभ · 08:51 – 10:35रोग · 10:35 – 12:18उद्वेग · 12:18 – 14:01चल · 14:01 – 15:44लाभ · 15:44 – 17:28अमृत · 17:28 – 19:11चल · 19:11 – 20:28रोग · 20:28 – 21:44काल · 21:44 – 23:01लाभ · 23:01 – 00:18उद्वेग · 00:18 – 01:34शुभ · 01:34 – 02:51अमृत · 02:51 – 04:08चल · 04:08 – 05:25चल · 05:25 – 07:08लाभ · 07:08 – 08:51शून्य · 08:51 – 10:35रोग · 10:35 – 12:18शुभ · 12:18 – 14:01काल · 14:01 – 15:44अमृत · 15:44 – 17:28उद्योग · 17:28 – 19:11उद्योग · 19:11 – 20:28अमृत · 20:28 – 21:44शुभ · 21:44 – 23:01काल · 23:01 – 00:18रोग · 00:18 – 01:34चल · 01:34 – 02:51लाभ · 02:51 – 04:08शून्य · 04:08 – 05:25ब्रह्म मुहूर्त · 04:03 – 04:44अभिजित मुहूर्त · 11:50 – 12:45अमृत काल · 04:09 – 05:33राहु काल · 07:08 – 08:51यमगण्ड काल · 10:35 – 12:18गुलिक काल · 14:01 – 15:44वर्ज्यम् · 19:40 – 21:05चंद्र · 05:25 – 06:34शनि · 06:34 – 07:43गुरु · 07:43 – 08:51मंगल · 08:51 – 10:00सूर्य · 10:00 – 11:09शुक्र · 11:09 – 12:18बुध · 12:18 – 13:27चंद्र · 13:27 – 14:35शनि · 14:35 – 15:44गुरु · 15:44 – 16:53मंगल · 16:53 – 18:02सूर्य · 18:02 – 19:11शुक्र · 19:11 – 20:02बुध · 20:02 – 20:53चंद्र · 20:53 – 21:44शनि · 21:44 – 22:35गुरु · 22:35 – 23:27मंगल · 23:27 – 00:18सूर्य · 00:18 – 01:09शुक्र · 01:09 – 02:00बुध · 02:00 – 02:51चंद्र · 02:51 – 03:42शनि · 03:42 – 04:33गुरु · 04:33 – 05:25

26 मई

दैनिक पंचांग

दिन के समय

8·1 घं 43 मि
05:25
07:08
08:51
10:35
12:18
14:01
15:44
17:28

रात के समय

8·1 घं 17 मि
19:11
20:28
21:44
23:01
00:18
01:34
02:51
04:08

दिन के समय

8·1 घं 43 मि
05:25
07:08
08:51
10:35
12:18
14:01
15:44
17:28

रात के समय

8·1 घं 17 मि
19:11
20:28
21:44
23:01
00:18
01:34
02:51
04:08
04:0304:44
11:5012:45
04:0905:33
07:0808:51
10:3512:18
14:0115:44
19:4021:05

दिन के घंटे

12·1 घं 9 मि
05:25
06:34
07:43
08:51
10:00
11:09
12:18
13:27
14:35
15:44
16:53
18:02

रात के घंटे

12·51 मि
19:11
20:02
20:53
21:44
22:35
23:27
00:18
01:09
02:00
02:51
03:42
04:33

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

26 मई 2025 की तिथि क्या है?
26 मई 2025 की तिथि कृष्ण चतुर्दशी है।
26 मई 2025 का नक्षत्र क्या है?
26 मई 2025 का नक्षत्र भरणी और योग शोभन है।
26 मई 2025 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
दिल्ली में सूर्योदय 05:25 पर तथा सूर्यास्त 19:11 पर होगा।
26 मई 2025 को राहु काल कब है?
दिल्ली में राहु काल 07:08–08:51 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।