गुरुवार, 28 मई 2026
दैनिक पंचांग
आज गुरुवार है। द्वादशी तिथि 07:57 बजे तक, फिर त्रयोदशी 09:51 (कल) बजे तक रहेगी। चित्रा नक्षत्र 08:07 बजे तक, उसके बाद स्वाति 10:37 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग वरीयान् 03:53 (कल) बजे तक, फिर परिघ योग 04:34 (कल) बजे तक। बालव करण 07:57 बजे तक, उसके बाद कौलव 20:52 बजे तक, फिर तैतिल 09:51 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (14:01 से 15:45) के दौरान टालें। चन्द्रमा तुला राशि में है और सूर्य वृषभ राशि में।
पुरुषोत्तम मास
अधिक ज्येष्ठ
17 मई से 15 जून, 2026 तक
पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।
तिथि · वार · चान्द्र मास
शुक्ल द्वादशी
पिछले दिन06:22उसी दिन07:57
शुक्ल त्रयोदशी
उसी दिन07:57अगले दिन09:51
द्वादशी — एकादशी व्रत की समाप्ति। शांत और पुनःस्थापन की तिथि।
गुरुवार
गुरुवार — गुरु (बृहस्पति) द्वारा शासित। सप्ताह का सबसे शुभ दिन; अध्ययन, संस्कार और नए आरंभ के लिए श्रेष्ठ।
- अमान्तअधिक ज्येष्ठपूर्णिमान्तअधिक ज्येष्ठ
नक्षत्र · योग · करण
चित्रा
पिछले दिन05:56उसी दिन08:07
स्वाति
उसी दिन08:07अगले दिन10:37
मृदु नक्षत्र — संगीत, मैत्री और चिकित्सा जैसी कोमल गतिविधियों के लिए शुभ।
वरीयान्
उसी दिन03:23अगले दिन03:53
शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।
बालव
पिछले दिन19:07उसी दिन07:57
कौलव
उसी दिन07:57उसी दिन20:52
तैतिल
उसी दिन20:52अगले दिन09:51
चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।
एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
शुक्ल द्वादशी · गुरु
28 मई
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8·1 घं 43 मि| 05:2407:08 | ||
| 07:0808:51 | ||
| 08:5110:35 | ||
| 10:3512:18 | ||
| 12:1814:01 | ||
| 14:0115:45 | ||
| 15:4517:28 | ||
| 17:2819:12 |
रात के समय
8·1 घं 17 मि| 19:1220:28 | ||
| 20:2821:45 | ||
| 21:4523:01 | ||
| 23:0100:18 | ||
| 00:1801:34 | ||
| 01:3402:51 | ||
| 02:5104:07 | ||
| 04:0705:24 |
दिन के समय
8·1 घं 43 मि| 05:2407:08 | ||
| 07:0808:51 | ||
| 08:5110:35 | ||
| 10:3512:18 | ||
| 12:1814:01 | ||
| 14:0115:45 | ||
| 15:4517:28 | ||
| 17:2819:12 |
रात के समय
8·1 घं 17 मि| 19:1220:28 | ||
| 20:2821:45 | ||
| 21:4523:01 | ||
| 23:0100:18 | ||
| 00:1801:34 | ||
| 01:3402:51 | ||
| 02:5104:07 | ||
| 04:0705:24 |
| 04:03→04:43 | ||
| 11:50→12:46 | ||
| 01:08→02:53 | ||
| 14:01→15:45 | ||
| 05:24→07:08 | ||
| 08:51→10:35 | ||
| 14:40→16:24 |
दिन के घंटे
12·1 घं 9 मि| 05:2406:33 | ||
| 06:3307:42 | ||
| 07:4208:51 | ||
| 08:5110:00 | ||
| 10:0011:09 | ||
| 11:0912:18 | ||
| 12:1813:27 | ||
| 13:2714:36 | ||
| 14:3615:45 | ||
| 15:4516:54 | ||
| 16:5418:03 | ||
| 18:0319:12 |
रात के घंटे
12·51 मि| 19:1220:03 | ||
| 20:0320:54 | ||
| 20:5421:45 | ||
| 21:4522:36 | ||
| 22:3623:27 | ||
| 23:2700:18 | ||
| 00:1801:09 | ||
| 01:0902:00 | ||
| 02:0002:51 | ||
| 02:5103:42 | ||
| 03:4204:33 | ||
| 04:3305:24 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 28 मई 2026 की तिथि क्या है?
- 28 मई 2026 की तिथि शुक्ल द्वादशी है।
- 28 मई 2026 का नक्षत्र क्या है?
- 28 मई 2026 का नक्षत्र चित्रा और योग वरीयान् है।
- 28 मई 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- दिल्ली में सूर्योदय 05:24 पर तथा सूर्यास्त 19:12 पर होगा।
- 28 मई 2026 को राहु काल कब है?
- दिल्ली में राहु काल 14:01–15:45 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।

