शनिवार, 29 मई 2027
दैनिक पंचांग
आज शनिवार है। अष्टमी तिथि 08:20 बजे तक, फिर नवमी 09:35 (कल) बजे तक रहेगी। शतभिषा नक्षत्र 09:41 बजे तक, उसके बाद पूर्व भाद्रपदा 11:31 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग विष्कुम्भ 03:41 (कल) बजे तक, फिर प्रीति योग 03:14 (कल) बजे तक। कौलव करण 08:20 बजे तक, उसके बाद तैतिल 21:03 बजे तक, फिर गर 09:35 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (08:51 से 10:35) के दौरान टालें। चन्द्रमा कुम्भ राशि में है और सूर्य वृषभ राशि में।
पुरुषोत्तम मास
अधिक वैशाख
पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।
तिथि · वार · चान्द्र मास
कृष्ण अष्टमी
पिछले दिन06:26उसी दिन08:20
कृष्ण नवमी
उसी दिन08:20अगले दिन09:35
अष्टमी — तीव्र ऊर्जा वाली तिथि। नए कार्य आरंभ करने के लिए परंपरा में टाली जाती है।
शनिवार
शनिवार — शनि द्वारा शासित। अनुशासित और गंभीर दिन; अधूरे कार्य पूर्ण करने के लिए उपयुक्त, नए आरंभ के लिए कम।
- अमान्तवैशाखपूर्णिमान्तज्येष्ठ
नक्षत्र · योग · करण
शतभिषा
पिछले दिन07:13उसी दिन09:41
पूर्व भाद्रपदा
उसी दिन09:41अगले दिन11:31
चर नक्षत्र — यात्रा, बदलाव और स्थान-परिवर्तन के लिए शुभ।
विष्कुम्भ
उसी दिन03:33अगले दिन03:41
अशुभ योग — आज सूर्य-चंद्र की ऊर्जाएँ विरोधी हैं। बड़े नए उपक्रम परंपरा में टाले जाते हैं।
कौलव
पिछले दिन19:27उसी दिन08:20
तैतिल
उसी दिन08:20उसी दिन21:03
गर
उसी दिन21:03अगले दिन09:35
चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।
एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
कृष्ण अष्टमी · शनि
29 मई
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8·1 घं 44 मि| 05:2407:08 | ||
| 07:0808:51 | ||
| 08:5110:35 | ||
| 10:3512:18 | ||
| 12:1814:02 | ||
| 14:0215:45 | ||
| 15:4517:29 | ||
| 17:2919:12 |
रात के समय
8·1 घं 16 मि| 19:1220:29 | ||
| 20:2921:45 | ||
| 21:4523:02 | ||
| 23:0200:18 | ||
| 00:1801:34 | ||
| 01:3402:51 | ||
| 02:5104:07 | ||
| 04:0705:24 |
दिन के समय
8·1 घं 44 मि| 05:2407:08 | ||
| 07:0808:51 | ||
| 08:5110:35 | ||
| 10:3512:18 | ||
| 12:1814:02 | ||
| 14:0215:45 | ||
| 15:4517:29 | ||
| 17:2919:12 |
रात के समय
8·1 घं 16 मि| 19:1220:29 | ||
| 20:2921:45 | ||
| 21:4523:02 | ||
| 23:0200:18 | ||
| 00:1801:34 | ||
| 01:3402:51 | ||
| 02:5104:07 | ||
| 04:0705:24 |
| 04:02→04:43 | ||
| 11:51→12:46 | ||
| 01:45→03:31 | ||
| 08:51→10:35 | ||
| 14:02→15:45 | ||
| 05:24→07:08 | ||
| 15:10→16:55 |
दिन के घंटे
12·1 घं 9 मि| 05:2406:33 | ||
| 06:3307:42 | ||
| 07:4208:51 | ||
| 08:5110:00 | ||
| 10:0011:09 | ||
| 11:0912:18 | ||
| 12:1813:27 | ||
| 13:2714:36 | ||
| 14:3615:45 | ||
| 15:4516:54 | ||
| 16:5418:03 | ||
| 18:0319:12 |
रात के घंटे
12·51 मि| 19:1220:03 | ||
| 20:0320:54 | ||
| 20:5421:45 | ||
| 21:4522:36 | ||
| 22:3623:27 | ||
| 23:2700:18 | ||
| 00:1801:09 | ||
| 01:0902:00 | ||
| 02:0002:51 | ||
| 02:5103:42 | ||
| 03:4204:33 | ||
| 04:3305:24 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 29 मई 2027 की तिथि क्या है?
- 29 मई 2027 की तिथि कृष्ण अष्टमी है।
- 29 मई 2027 का नक्षत्र क्या है?
- 29 मई 2027 का नक्षत्र शतभिषा और योग विष्कुम्भ है।
- 29 मई 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- दिल्ली में सूर्योदय 05:24 पर तथा सूर्यास्त 19:12 पर होगा।
- 29 मई 2027 को राहु काल कब है?
- दिल्ली में राहु काल 08:51–10:35 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।

