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Kundli GPT

मंगलवार, 6 मई 2025

दैनिक पंचांग

शुभ दिन

आज मंगलवार है। नवमी तिथि 08:38 बजे तक, फिर दशमी 10:20 (कल) बजे तक रहेगी। मघा नक्षत्र 15:51 बजे तक, उसके बाद पूर्व फाल्गुनी 18:16 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग ध्रुव 00:28 (कल) बजे तक, फिर व्याघात योग 01:03 (कल) बजे तक। कौलव करण 08:38 बजे तक, उसके बाद तैतिल 21:25 बजे तक, फिर गर 10:20 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (15:38 से 17:19) के दौरान टालें। चन्द्रमा सिंह राशि में है और सूर्य मेष राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • शुक्ल नवमी

      पिछले दिन 07:36 उसी दिन 08:38

    • शुक्ल दशमी

      उसी दिन 08:38 अगले दिन 10:20

    नवमी — दुर्गा को समर्पित। साधना के लिए श्रेष्ठ; बड़े नए कार्य परंपरा में टाले जाते हैं।

  • मंगलवार

    मंगलवार — मंगल द्वारा शासित। ऊर्जावान और साहसी दिन; कर्म और शारीरिक कार्य के लिए शुभ, संवेदनशील मामलों के लिए कम।

  • वैशाख · ज्येष्ठ

नक्षत्र · योग · करण

    • मघा

      पिछले दिन 14:00 उसी दिन 15:51

    • पूर्व फाल्गुनी

      उसी दिन 15:51 अगले दिन 18:16

    उग्र नक्षत्र — बड़े नए आरंभ के लिए परंपरा में टाला जाता है; पूर्णता और परिवर्तन के कार्यों के लिए उपयुक्त।

    • ध्रुव

      उसी दिन 00:18 अगले दिन 00:28

    शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • कौलव

      पिछले दिन 20:02 उसी दिन 08:38

    • तैतिल

      उसी दिन 08:38 उसी दिन 21:25

    • गर

      उसी दिन 21:25 अगले दिन 10:20

    चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।

एक नज़र में दिन

उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

शुक्ल नवमी · मंगल

00 06 12 18 रोग · 05:36 – 07:16 उद्वेग · 07:16 – 08:57 चल · 08:57 – 10:37 लाभ · 10:37 – 12:17 अमृत · 12:17 – 13:58 काल · 13:58 – 15:38 शुभ · 15:38 – 17:19 रोग · 17:19 – 18:59 लाभ · 18:59 – 20:18 उद्वेग · 20:18 – 21:38 शुभ · 21:38 – 22:58 अमृत · 22:58 – 00:17 चल · 00:17 – 01:37 रोग · 01:37 – 02:56 काल · 02:56 – 04:16 लाभ · 04:16 – 05:35 रोग · 05:36 – 07:16 काल · 07:16 – 08:57 लाभ · 08:57 – 10:37 उद्योग · 10:37 – 12:17 चल · 12:17 – 13:58 अमृत · 13:58 – 15:38 शून्य · 15:38 – 17:19 शुभ · 17:19 – 18:59 काल · 18:59 – 20:18 शून्य · 20:18 – 21:38 रोग · 21:38 – 22:58 लाभ · 22:58 – 00:17 अमृत · 00:17 – 01:37 उद्योग · 01:37 – 02:56 चल · 02:56 – 04:16 शुभ · 04:16 – 05:35 ब्रह्म मुहूर्त · 04:11 – 04:53 अभिजित मुहूर्त · 11:51 – 12:44 अमृत काल · 13:16 – 14:59 राहु काल · 15:38 – 17:19 यमगण्ड काल · 08:57 – 10:37 गुलिक काल · 12:17 – 13:58 वर्ज्यम् · 02:56 – 04:39 मंगल · 05:36 – 06:43 सूर्य · 06:43 – 07:50 शुक्र · 07:50 – 08:57 बुध · 08:57 – 10:04 चंद्र · 10:04 – 11:11 शनि · 11:11 – 12:17 गुरु · 12:17 – 13:24 मंगल · 13:24 – 14:31 सूर्य · 14:31 – 15:38 शुक्र · 15:38 – 16:45 बुध · 16:45 – 17:52 चंद्र · 17:52 – 18:59 शनि · 18:59 – 19:52 गुरु · 19:52 – 20:45 मंगल · 20:45 – 21:38 सूर्य · 21:38 – 22:31 शुक्र · 22:31 – 23:24 बुध · 23:24 – 00:17 चंद्र · 00:17 – 01:10 शनि · 01:10 – 02:03 गुरु · 02:03 – 02:56 मंगल · 02:56 – 03:49 सूर्य · 03:49 – 04:42 शुक्र · 04:42 – 05:35

6 मई

दैनिक पंचांग

दिन के समय

8 · 1 घं 40 मि
05:36
07:16
08:57
10:37
12:17
13:58
15:38
17:19

रात के समय

8 · 1 घं 20 मि
18:59
20:18
21:38
22:58
00:17
01:37
02:56
04:16

दिन के समय

8 · 1 घं 40 मि
05:36
07:16
08:57
10:37
12:17
13:58
15:38
17:19

रात के समय

8 · 1 घं 20 मि
18:59
20:18
21:38
22:58
00:17
01:37
02:56
04:16
04:11 04:53
11:51 12:44
13:16 14:59
15:38 17:19
08:57 10:37
12:17 13:58
02:56 04:39

दिन के घंटे

12 · 1 घं 7 मि
05:36
06:43
07:50
08:57
10:04
11:11
12:17
13:24
14:31
15:38
16:45
17:52

रात के घंटे

12 · 53 मि
18:59
19:52
20:45
21:38
22:31
23:24
00:17
01:10
02:03
02:56
03:49
04:42

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

6 मई 2025 की तिथि क्या है?
6 मई 2025 की तिथि शुक्ल नवमी है।
6 मई 2025 का नक्षत्र क्या है?
6 मई 2025 का नक्षत्र मघा और योग ध्रुव है।
6 मई 2025 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
दिल्ली में सूर्योदय 05:36 पर तथा सूर्यास्त 18:59 पर होगा।
6 मई 2025 को राहु काल कब है?
दिल्ली में राहु काल 15:38–17:19 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।