बुधवार, 6 मई 2026
दैनिक पंचांग
आज बुधवार है। चतुर्थी तिथि 07:51 बजे तक, फिर पंचमी 10:14 (कल) बजे तक रहेगी। मूल नक्षत्र 15:53 बजे तक, उसके बाद पूर्व आषाढ़ा 18:45 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग सिद्ध 01:10 (कल) बजे तक, फिर साध्य योग 01:58 (कल) बजे तक। बालव करण 07:51 बजे तक, उसके बाद कौलव 21:04 बजे तक, फिर तैतिल 10:14 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (12:17 से 13:58) के दौरान टालें। चन्द्रमा धनु राशि में है और सूर्य मेष राशि में।
पुरुषोत्तम मास
अधिक वैशाख
पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।
तिथि · वार · चान्द्र मास
कृष्ण चतुर्थी
पिछले दिन05:24उसी दिन07:51
कृष्ण पंचमी
उसी दिन07:51अगले दिन10:14
चतुर्थी — गणेश को समर्पित। पूजा-पाठ और विघ्न निवारण के लिए श्रेष्ठ; बड़े नए कार्यों के लिए कम उपयुक्त।
बुधवार
बुधवार — बुध द्वारा शासित। संवाद और बुद्धि का दिन; अध्ययन, लेखन और व्यापार के लिए शुभ।
- अमान्तवैशाखपूर्णिमान्तज्येष्ठ
नक्षत्र · योग · करण
मूल
पिछले दिन12:54उसी दिन15:53
पूर्व आषाढ़ा
उसी दिन15:53अगले दिन18:45
तीक्ष्ण नक्षत्र — निर्णायक कार्य, चिकित्सकीय हस्तक्षेप और एकाग्र शक्ति वाले कार्य के लिए उपयुक्त।
सिद्ध
उसी दिन00:15अगले दिन01:10
शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।
बालव
पिछले दिन18:38उसी दिन07:51
कौलव
उसी दिन07:51उसी दिन21:04
तैतिल
उसी दिन21:04अगले दिन10:14
चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।
एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
कृष्ण चतुर्थी · बुध
6 मई
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8·1 घं 40 मि| 05:3607:16 | ||
| 07:1608:57 | ||
| 08:5710:37 | ||
| 10:3712:17 | ||
| 12:1713:58 | ||
| 13:5815:38 | ||
| 15:3817:18 | ||
| 17:1818:59 |
रात के समय
8·1 घं 20 मि| 18:5920:18 | ||
| 20:1821:38 | ||
| 21:3822:58 | ||
| 22:5800:17 | ||
| 00:1701:37 | ||
| 01:3702:56 | ||
| 02:5604:16 | ||
| 04:1605:35 |
दिन के समय
8·1 घं 40 मि| 05:3607:16 | ||
| 07:1608:57 | ||
| 08:5710:37 | ||
| 10:3712:17 | ||
| 12:1713:58 | ||
| 13:5815:38 | ||
| 15:3817:18 | ||
| 17:1818:59 |
रात के समय
8·1 घं 20 मि| 18:5920:18 | ||
| 20:1821:38 | ||
| 21:3822:58 | ||
| 22:5800:17 | ||
| 00:1701:37 | ||
| 01:3702:56 | ||
| 02:5604:16 | ||
| 04:1605:35 |
| 04:11→04:54 | ||
| 08:41→10:29 | ||
| 12:17→13:58 | ||
| 07:16→08:57 | ||
| 10:37→12:17 | ||
| 21:53→23:41 |
दिन के घंटे
12·1 घं 7 मि| 05:3606:43 | ||
| 06:4307:50 | ||
| 07:5008:57 | ||
| 08:5710:04 | ||
| 10:0411:11 | ||
| 11:1112:17 | ||
| 12:1713:24 | ||
| 13:2414:31 | ||
| 14:3115:38 | ||
| 15:3816:45 | ||
| 16:4517:52 | ||
| 17:5218:59 |
रात के घंटे
12·53 मि| 18:5919:52 | ||
| 19:5220:45 | ||
| 20:4521:38 | ||
| 21:3822:31 | ||
| 22:3123:24 | ||
| 23:2400:17 | ||
| 00:1701:10 | ||
| 01:1002:03 | ||
| 02:0302:56 | ||
| 02:5603:49 | ||
| 03:4904:42 | ||
| 04:4205:35 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 6 मई 2026 की तिथि क्या है?
- 6 मई 2026 की तिथि कृष्ण चतुर्थी है।
- 6 मई 2026 का नक्षत्र क्या है?
- 6 मई 2026 का नक्षत्र मूल और योग सिद्ध है।
- 6 मई 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- दिल्ली में सूर्योदय 05:36 पर तथा सूर्यास्त 18:59 पर होगा।
- 6 मई 2026 को राहु काल कब है?
- दिल्ली में राहु काल 12:17–13:58 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।

