गुरुवार, 6 मई 2027
दैनिक पंचांग
आज गुरुवार है। अमावस्या तिथि 16:28 बजे तक, फिर प्रतिपदा 14:14 (कल) बजे तक रहेगी। भरणी नक्षत्र 01:17 (कल) बजे तक, उसके बाद कृत्तिका 23:41 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग आयुष्मान् 11:46 बजे तक, फिर सौभाग्य योग 08:55 (कल) बजे तक। नाग करण 16:28 बजे तक, उसके बाद किंस्तुघ्न 03:24 (कल) बजे तक, फिर बव 14:14 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (13:58 से 15:38) के दौरान टालें। चन्द्रमा मेष राशि में है और सूर्य मेष राशि में।
पुरुषोत्तम मास
अधिक चैत्र
पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।
तिथि · वार · चान्द्र मास
अमावस्या
पिछले दिन18:17उसी दिन16:28
शुक्ल प्रतिपदा
उसी दिन16:28अगले दिन14:14
पूर्णिमा अथवा अमावस्या — पूर्ण या नव चंद्र की तिथि। भक्ति, समापन और संकल्प के लिए विशेष ऊर्जावान दिन।
गुरुवार
गुरुवार — गुरु (बृहस्पति) द्वारा शासित। सप्ताह का सबसे शुभ दिन; अध्ययन, संस्कार और नए आरंभ के लिए श्रेष्ठ।
- अमान्तचैत्रपूर्णिमान्तवैशाख
नक्षत्र · योग · करण
भरणी · पाद 1
उसी दिन02:31अगले दिन01:17
उग्र नक्षत्र — बड़े नए आरंभ के लिए परंपरा में टाला जाता है; पूर्णता और परिवर्तन के कार्यों के लिए उपयुक्त।
आयुष्मान्
पिछले दिन14:13उसी दिन11:46
सौभाग्य
उसी दिन11:46अगले दिन08:55
शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।
नाग
उसी दिन05:26उसी दिन16:28
किंस्तुघ्न
उसी दिन16:28अगले दिन03:24
स्थिर करण — मास के अंत में ही आते हैं और परिवर्तन का संकेत देते हैं। अधूरे कार्य पूर्ण करने के लिए उपयुक्त।
एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
अमावस्या · गुरु
6 मई
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8·1 घं 40 मि| 05:3607:17 | ||
| 07:1708:57 | ||
| 08:5710:37 | ||
| 10:3712:18 | ||
| 12:1813:58 | ||
| 13:5815:38 | ||
| 15:3817:18 | ||
| 17:1818:59 |
रात के समय
8·1 घं 20 मि| 18:5920:18 | ||
| 20:1821:38 | ||
| 21:3822:58 | ||
| 22:5800:17 | ||
| 00:1701:37 | ||
| 01:3702:56 | ||
| 02:5604:16 | ||
| 04:1605:36 |
दिन के समय
8·1 घं 40 मि| 05:3607:17 | ||
| 07:1708:57 | ||
| 08:5710:37 | ||
| 10:3712:18 | ||
| 12:1813:58 | ||
| 13:5815:38 | ||
| 15:3817:18 | ||
| 17:1818:59 |
रात के समय
8·1 घं 20 मि| 18:5920:18 | ||
| 20:1821:38 | ||
| 21:3822:58 | ||
| 22:5800:17 | ||
| 00:1701:37 | ||
| 01:3702:56 | ||
| 02:5604:16 | ||
| 04:1605:36 |
| 04:11→04:54 | ||
| 11:51→12:44 | ||
| 20:44→22:15 | ||
| 13:58→15:38 | ||
| 05:36→07:17 | ||
| 08:57→10:37 | ||
| 11:37→13:08 |
दिन के घंटे
12·1 घं 7 मि| 05:3606:43 | ||
| 06:4307:50 | ||
| 07:5008:57 | ||
| 08:5710:04 | ||
| 10:0411:11 | ||
| 11:1112:18 | ||
| 12:1813:24 | ||
| 13:2414:31 | ||
| 14:3115:38 | ||
| 15:3816:45 | ||
| 16:4517:52 | ||
| 17:5218:59 |
रात के घंटे
12·53 मि| 18:5919:52 | ||
| 19:5220:45 | ||
| 20:4521:38 | ||
| 21:3822:31 | ||
| 22:3123:24 | ||
| 23:2400:17 | ||
| 00:1701:10 | ||
| 01:1002:03 | ||
| 02:0302:56 | ||
| 02:5603:49 | ||
| 03:4904:43 | ||
| 04:4305:36 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 6 मई 2027 की तिथि क्या है?
- 6 मई 2027 की तिथि अमावस्या है।
- 6 मई 2027 का नक्षत्र क्या है?
- 6 मई 2027 का नक्षत्र भरणी और योग आयुष्मान् है।
- 6 मई 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- दिल्ली में सूर्योदय 05:36 पर तथा सूर्यास्त 18:59 पर होगा।
- 6 मई 2027 को राहु काल कब है?
- दिल्ली में राहु काल 13:58–15:38 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।

