शुक्रवार, 7 मई 2027
दैनिक पंचांग
आज शुक्रवार है। प्रतिपदा तिथि 14:14 बजे तक, फिर द्वितीया 11:43 (कल) बजे तक रहेगी। कृत्तिका नक्षत्र 23:41 बजे तक, उसके बाद रोहिणी 21:52 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग सौभाग्य 08:55 बजे तक, फिर शोभन योग 05:50 (कल) बजे तक। बव करण 14:14 बजे तक, उसके बाद बालव 01:00 (कल) बजे तक, फिर कौलव 11:43 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (10:37 से 12:17) के दौरान टालें। चन्द्रमा मेष राशि में है और सूर्य मेष राशि में।
पुरुषोत्तम मास
अधिक वैशाख
पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।
तिथि · वार · चान्द्र मास
शुक्ल प्रतिपदा
पिछले दिन16:28उसी दिन14:14
शुक्ल द्वितीया
उसी दिन14:14अगले दिन11:43
प्रतिपदा — प्रथम तिथि। नए आरंभ और नींव रखने के लिए शुभ मानी जाती है।
शुक्रवार
शुक्रवार — शुक्र द्वारा शासित। सौम्य और सुखद दिन; कला, सम्बन्ध और सौंदर्य-सम्बन्धित कार्यों के लिए शुभ।
- अमान्तवैशाखपूर्णिमान्तवैशाख
नक्षत्र · योग · करण
कृत्तिका
उसी दिन01:17उसी दिन23:41
रोहिणी
उसी दिन23:41अगले दिन21:52
मिश्र नक्षत्र — मिली-जुली ऊर्जा; कार्य की प्रकृति दिन के अनुरूप चुनें।
सौभाग्य
पिछले दिन11:46उसी दिन08:55
शोभन
उसी दिन08:55अगले दिन05:50
शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।
बव
उसी दिन03:24उसी दिन14:14
बालव
उसी दिन14:14अगले दिन01:00
चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।
एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
शुक्ल प्रतिपदा · शुक्र
7 मई
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8·1 घं 40 मि| 05:3607:16 | ||
| 07:1608:57 | ||
| 08:5710:37 | ||
| 10:3712:17 | ||
| 12:1713:58 | ||
| 13:5815:38 | ||
| 15:3817:19 | ||
| 17:1918:59 |
रात के समय
8·1 घं 19 मि| 18:5920:19 | ||
| 20:1921:38 | ||
| 21:3822:58 | ||
| 22:5800:17 | ||
| 00:1701:37 | ||
| 01:3702:56 | ||
| 02:5604:15 | ||
| 04:1505:35 |
दिन के समय
8·1 घं 40 मि| 05:3607:16 | ||
| 07:1608:57 | ||
| 08:5710:37 | ||
| 10:3712:17 | ||
| 12:1713:58 | ||
| 13:5815:38 | ||
| 15:3817:19 | ||
| 17:1918:59 |
रात के समय
8·1 घं 19 मि| 18:5920:19 | ||
| 20:1921:38 | ||
| 21:3822:58 | ||
| 22:5800:17 | ||
| 00:1701:37 | ||
| 01:3702:56 | ||
| 02:5604:15 | ||
| 04:1505:35 |
| 04:11→04:53 | ||
| 11:51→12:44 | ||
| 21:27→22:56 | ||
| 10:37→12:17 | ||
| 15:38→17:19 | ||
| 07:16→08:57 | ||
| 12:29→13:59 |
दिन के घंटे
12·1 घं 7 मि| 05:3606:43 | ||
| 06:4307:50 | ||
| 07:5008:57 | ||
| 08:5710:03 | ||
| 10:0311:10 | ||
| 11:1012:17 | ||
| 12:1713:24 | ||
| 13:2414:31 | ||
| 14:3115:38 | ||
| 15:3816:45 | ||
| 16:4517:52 | ||
| 17:5218:59 |
रात के घंटे
12·53 मि| 18:5919:52 | ||
| 19:5220:45 | ||
| 20:4521:38 | ||
| 21:3822:31 | ||
| 22:3123:24 | ||
| 23:2400:17 | ||
| 00:1701:10 | ||
| 01:1002:03 | ||
| 02:0302:56 | ||
| 02:5603:49 | ||
| 03:4904:42 | ||
| 04:4205:35 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 7 मई 2027 की तिथि क्या है?
- 7 मई 2027 की तिथि शुक्ल प्रतिपदा है।
- 7 मई 2027 का नक्षत्र क्या है?
- 7 मई 2027 का नक्षत्र कृत्तिका और योग सौभाग्य है।
- 7 मई 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- दिल्ली में सूर्योदय 05:36 पर तथा सूर्यास्त 18:59 पर होगा।
- 7 मई 2027 को राहु काल कब है?
- दिल्ली में राहु काल 10:37–12:17 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।

