Skip to main content
Kundli GPT

शनिवार, 15 नवंबर 2025

दैनिक पंचांग

चिंतन का दिन

आज शनिवार है। एकादशी तिथि 02:37 (कल) बजे तक, फिर द्वादशी 04:48 (कल) बजे तक रहेगी। उत्तर फाल्गुनी नक्षत्र 23:33 बजे तक, उसके बाद हस्त 02:10 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग विष्कुम्भ 06:45 (कल) बजे तक, फिर प्रीति योग 07:21 (कल) बजे तक। बव करण 13:40 बजे तक, उसके बाद बालव 02:37 (कल) बजे तक, फिर कौलव 15:40 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (09:24 से 10:45) के दौरान टालें। चन्द्रमा कन्या राशि में है और सूर्य तुला राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • उत्पन्ना एकादशी

      उसी दिन 00:50 अगले दिन 02:37

    एकादशी — अनेक लोगों के लिए उपवास का दिन। आध्यात्मिक रूप से महत्त्वपूर्ण और आत्म-चिंतन की तिथि।

  • शनिवार

    शनिवार — शनि द्वारा शासित। अनुशासित और गंभीर दिन; अधूरे कार्य पूर्ण करने के लिए उपयुक्त, नए आरंभ के लिए कम।

  • कार्तिक · मार्गशीर्ष

नक्षत्र · योग · करण

    • उत्तर फाल्गुनी

      पिछले दिन 21:20 उसी दिन 23:33

    • हस्त

      उसी दिन 23:33 अगले दिन 02:10

    स्थिर नक्षत्र — दीर्घकालिक संकल्प, नींव और स्थायी क्रय के लिए श्रेष्ठ।

    • विष्कुम्भ

      उसी दिन 06:24 अगले दिन 06:45

    अशुभ योग — आज सूर्य-चंद्र की ऊर्जाएँ विरोधी हैं। बड़े नए उपक्रम परंपरा में टाले जाते हैं।

    • बव

      उसी दिन 00:50 उसी दिन 13:40

    • बालव

      उसी दिन 13:40 अगले दिन 02:37

    चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।

एक नज़र में दिन

उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

कृष्ण एकादशी · शनि

00 06 12 18 काल · 06:43 – 08:04 शुभ · 08:04 – 09:24 रोग · 09:24 – 10:45 उद्वेग · 10:45 – 12:05 चल · 12:05 – 13:26 लाभ · 13:26 – 14:46 अमृत · 14:46 – 16:07 काल · 16:07 – 17:27 काल · 17:27 – 19:07 लाभ · 19:07 – 20:46 उद्वेग · 20:46 – 22:26 शुभ · 22:26 – 00:06 अमृत · 00:06 – 01:45 चल · 01:45 – 03:25 रोग · 03:25 – 05:04 काल · 05:04 – 06:44 काल · 06:43 – 08:04 चल · 08:04 – 09:24 उद्योग · 09:24 – 10:45 अमृत · 10:45 – 12:05 लाभ · 12:05 – 13:26 रोग · 13:26 – 14:46 शुभ · 14:46 – 16:07 शून्य · 16:07 – 17:27 अमृत · 17:27 – 19:07 रोग · 19:07 – 20:46 शून्य · 20:46 – 22:26 उद्योग · 22:26 – 00:06 शुभ · 00:06 – 01:45 लाभ · 01:45 – 03:25 चल · 03:25 – 05:04 काल · 05:04 – 06:44 ब्रह्म मुहूर्त · 04:57 – 05:50 अभिजित मुहूर्त · 11:44 – 12:27 अमृत काल · 15:41 – 17:26 राहु काल · 09:24 – 10:45 यमगण्ड काल · 13:26 – 14:46 गुलिक काल · 06:43 – 08:04 वर्ज्यम् · 05:12 – 06:57 शनि · 06:43 – 07:37 गुरु · 07:37 – 08:31 मंगल · 08:31 – 09:24 सूर्य · 09:24 – 10:18 शुक्र · 10:18 – 11:11 बुध · 11:11 – 12:05 चंद्र · 12:05 – 12:59 शनि · 12:59 – 13:52 गुरु · 13:52 – 14:46 मंगल · 14:46 – 15:40 सूर्य · 15:40 – 16:33 शुक्र · 16:33 – 17:27 बुध · 17:27 – 18:33 चंद्र · 18:33 – 19:40 शनि · 19:40 – 20:46 गुरु · 20:46 – 21:53 मंगल · 21:53 – 22:59 सूर्य · 22:59 – 00:06 शुक्र · 00:06 – 01:12 बुध · 01:12 – 02:18 चंद्र · 02:18 – 03:25 शनि · 03:25 – 04:31 गुरु · 04:31 – 05:38 मंगल · 05:38 – 06:44

15 नव॰

दैनिक पंचांग

दिन के समय

8 · 1 घं 20 मि
06:43
08:04
09:24
10:45
12:05
13:26
14:46
16:07

रात के समय

8 · 1 घं 40 मि
17:27
19:07
20:46
22:26
00:06
01:45
03:25
05:04

दिन के समय

8 · 1 घं 20 मि
06:43
08:04
09:24
10:45
12:05
13:26
14:46
16:07

रात के समय

8 · 1 घं 40 मि
17:27
19:07
20:46
22:26
00:06
01:45
03:25
05:04
04:57 05:50
11:44 12:27
15:41 17:26
09:24 10:45
13:26 14:46
06:43 08:04
05:12 06:57

दिन के घंटे

12 · 54 मि
06:43
07:37
08:31
09:24
10:18
11:11
12:05
12:59
13:52
14:46
15:40
16:33

रात के घंटे

12 · 1 घं 6 मि
17:27
18:33
19:40
20:46
21:53
22:59
00:06
01:12
02:18
03:25
04:31
05:38

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

15 नवंबर 2025 की तिथि क्या है?
15 नवंबर 2025 की तिथि कृष्ण एकादशी है।
15 नवंबर 2025 का नक्षत्र क्या है?
15 नवंबर 2025 का नक्षत्र उत्तर फाल्गुनी और योग विष्कुम्भ है।
15 नवंबर 2025 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
दिल्ली में सूर्योदय 06:43 पर तथा सूर्यास्त 17:27 पर होगा।
15 नवंबर 2025 को राहु काल कब है?
दिल्ली में राहु काल 09:24–10:45 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।