शुक्रवार, 14 नवंबर 2025
दैनिक पंचांग
आज शुक्रवार है। दशमी तिथि 00:50 (कल) बजे तक, फिर एकादशी 02:37 (कल) बजे तक रहेगी। पूर्व फाल्गुनी नक्षत्र 21:20 बजे तक, उसके बाद उत्तर फाल्गुनी 23:33 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग वैधृति 06:24 (कल) बजे तक, फिर विष्कुम्भ योग 06:45 (कल) बजे तक। वणिज करण 12:07 बजे तक, उसके बाद विष्टि 00:50 (कल) बजे तक, फिर बव 13:40 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (10:44 से 12:05) के दौरान टालें। चन्द्रमा सिंह राशि में है और सूर्य तुला राशि में।
पुरुषोत्तम मास
अधिक कार्तिक
पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।
तिथि · वार · चान्द्र मास
कृष्ण दशमी
पिछले दिन23:34अगले दिन00:50
दशमी — स्थिर और भरोसेमंद तिथि। अधिकांश कार्यों के लिए शुभ मानी जाती है।
शुक्रवार
शुक्रवार — शुक्र द्वारा शासित। सौम्य और सुखद दिन; कला, सम्बन्ध और सौंदर्य-सम्बन्धित कार्यों के लिए शुभ।
- अमान्तकार्तिकपूर्णिमान्तमार्गशीर्ष
नक्षत्र · योग · करण
पूर्व फाल्गुनी
पिछले दिन19:37उसी दिन21:20
उत्तर फाल्गुनी
उसी दिन21:20अगले दिन23:33
उग्र नक्षत्र — बड़े नए आरंभ के लिए परंपरा में टाला जाता है; पूर्णता और परिवर्तन के कार्यों के लिए उपयुक्त।
वैधृति
उसी दिन06:26अगले दिन06:24
अशुभ योग — आज सूर्य-चंद्र की ऊर्जाएँ विरोधी हैं। बड़े नए उपक्रम परंपरा में टाले जाते हैं।
वणिज
पिछले दिन23:34उसी दिन12:07
विष्टि
उसी दिन12:07अगले दिन00:50
चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।
एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
कृष्ण दशमी · शुक्र
14 नव॰
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8·1 घं 21 मि| 06:4208:03 | ||
| 08:0309:24 | ||
| 09:2410:44 | ||
| 10:4412:05 | ||
| 12:0513:26 | ||
| 13:2614:46 | ||
| 14:4616:07 | ||
| 16:0717:27 |
रात के समय
8·1 घं 39 मि| 17:2719:07 | ||
| 19:0720:46 | ||
| 20:4622:26 | ||
| 22:2600:05 | ||
| 00:0501:45 | ||
| 01:4503:24 | ||
| 03:2405:04 | ||
| 05:0406:43 |
दिन के समय
8·1 घं 21 मि| 06:4208:03 | ||
| 08:0309:24 | ||
| 09:2410:44 | ||
| 10:4412:05 | ||
| 12:0513:26 | ||
| 13:2614:46 | ||
| 14:4616:07 | ||
| 16:0717:27 |
रात के समय
8·1 घं 39 मि| 17:2719:07 | ||
| 19:0720:46 | ||
| 20:4622:26 | ||
| 22:2600:05 | ||
| 00:0501:45 | ||
| 01:4503:24 | ||
| 03:2405:04 | ||
| 05:0406:43 |
| 04:56→05:49 | ||
| 11:43→12:26 | ||
| 14:28→16:11 | ||
| 10:44→12:05 | ||
| 14:46→16:07 | ||
| 08:03→09:24 | ||
| 04:11→05:54 |
दिन के घंटे
12·54 मि| 06:4207:36 | ||
| 07:3608:30 | ||
| 08:3009:24 | ||
| 09:2410:17 | ||
| 10:1711:11 | ||
| 11:1112:05 | ||
| 12:0512:59 | ||
| 12:5913:52 | ||
| 13:5214:46 | ||
| 14:4615:40 | ||
| 15:4016:34 | ||
| 16:3417:27 |
रात के घंटे
12·1 घं 6 मि| 17:2718:34 | ||
| 18:3419:40 | ||
| 19:4020:46 | ||
| 20:4621:53 | ||
| 21:5322:59 | ||
| 22:5900:05 | ||
| 00:0501:12 | ||
| 01:1202:18 | ||
| 02:1803:24 | ||
| 03:2404:31 | ||
| 04:3105:37 | ||
| 05:3706:43 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 14 नवंबर 2025 की तिथि क्या है?
- 14 नवंबर 2025 की तिथि कृष्ण दशमी है।
- 14 नवंबर 2025 का नक्षत्र क्या है?
- 14 नवंबर 2025 का नक्षत्र पूर्व फाल्गुनी और योग वैधृति है।
- 14 नवंबर 2025 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- दिल्ली में सूर्योदय 06:42 पर तथा सूर्यास्त 17:27 पर होगा।
- 14 नवंबर 2025 को राहु काल कब है?
- दिल्ली में राहु काल 10:44–12:05 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।

