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Kundli GPT

गुरुवार, 14 नवंबर 2024

दैनिक पंचांग

शुभ दिन

आज गुरुवार है। त्रयोदशी तिथि 09:43 बजे तक, फिर चतुर्दशी 06:19 (कल) बजे तक रहेगी। अश्विनी नक्षत्र 00:32 (कल) बजे तक, उसके बाद भरणी 21:54 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग सिद्धि 11:29 बजे तक, फिर व्यतीपात योग 07:29 (कल) बजे तक। तैतिल करण 09:43 बजे तक, उसके बाद गर 20:01 बजे तक, फिर वणिज 06:19 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (13:26 से 14:46) के दौरान टालें। चन्द्रमा मेष राशि में है और सूर्य तुला राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • शुक्ल त्रयोदशी

      पिछले दिन 13:01 उसी दिन 09:43

    • शुक्ल चतुर्दशी

      उसी दिन 09:43 अगले दिन 06:19

    त्रयोदशी — उत्साह की तिथि। उत्सव और सक्रिय कार्यों के लिए शुभ।

  • गुरुवार

    गुरुवार — गुरु (बृहस्पति) द्वारा शासित। सप्ताह का सबसे शुभ दिन; अध्ययन, संस्कार और नए आरंभ के लिए श्रेष्ठ।

  • कार्तिक · मार्गशीर्ष

नक्षत्र · योग · करण

    • अश्विनी · पाद 1

      उसी दिन 03:10 अगले दिन 00:32

    लघु नक्षत्र — संक्षिप्त कार्य, छोटी यात्राएँ और संवाद के लिए उपयुक्त।

    • सिद्धि

      पिछले दिन 15:24 उसी दिन 11:29

    • व्यतीपात

      उसी दिन 11:29 अगले दिन 07:29

    शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • तैतिल

      पिछले दिन 23:24 उसी दिन 09:43

    • गर

      उसी दिन 09:43 उसी दिन 20:01

    • वणिज

      उसी दिन 20:01 अगले दिन 06:19

    चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।

एक नज़र में दिन

उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

शुक्ल त्रयोदशी · गुरु

00 06 12 18 शुभ · 06:43 – 08:03 रोग · 08:03 – 09:24 उद्वेग · 09:24 – 10:44 चल · 10:44 – 12:05 लाभ · 12:05 – 13:26 अमृत · 13:26 – 14:46 काल · 14:46 – 16:07 शुभ · 16:07 – 17:27 अमृत · 17:27 – 19:07 चल · 19:07 – 20:46 रोग · 20:46 – 22:26 काल · 22:26 – 00:05 लाभ · 00:05 – 01:45 उद्वेग · 01:45 – 03:24 शुभ · 03:24 – 05:04 अमृत · 05:04 – 06:43 शुभ · 06:43 – 08:03 रोग · 08:03 – 09:24 शून्य · 09:24 – 10:44 लाभ · 10:44 – 12:05 काल · 12:05 – 13:26 चल · 13:26 – 14:46 उद्योग · 14:46 – 16:07 अमृत · 16:07 – 17:27 लाभ · 17:27 – 19:07 चल · 19:07 – 20:46 शुभ · 20:46 – 22:26 उद्योग · 22:26 – 00:05 अमृत · 00:05 – 01:45 शून्य · 01:45 – 03:24 रोग · 03:24 – 05:04 काल · 05:04 – 06:43 ब्रह्म मुहूर्त · 04:57 – 05:50 अभिजित मुहूर्त · 11:43 – 12:26 अमृत काल · 18:08 – 19:33 राहु काल · 13:26 – 14:46 यमगण्ड काल · 06:43 – 08:03 गुलिक काल · 09:24 – 10:44 वर्ज्यम् · 20:58 – 22:24 गुरु · 06:43 – 07:36 मंगल · 07:36 – 08:30 सूर्य · 08:30 – 09:24 शुक्र · 09:24 – 10:18 बुध · 10:18 – 11:11 चंद्र · 11:11 – 12:05 शनि · 12:05 – 12:59 गुरु · 12:59 – 13:52 मंगल · 13:52 – 14:46 सूर्य · 14:46 – 15:40 शुक्र · 15:40 – 16:34 बुध · 16:34 – 17:27 चंद्र · 17:27 – 18:34 शनि · 18:34 – 19:40 गुरु · 19:40 – 20:46 मंगल · 20:46 – 21:53 सूर्य · 21:53 – 22:59 शुक्र · 22:59 – 00:05 बुध · 00:05 – 01:12 चंद्र · 01:12 – 02:18 शनि · 02:18 – 03:24 गुरु · 03:24 – 04:31 मंगल · 04:31 – 05:37 सूर्य · 05:37 – 06:43

14 नव॰

दैनिक पंचांग

दिन के समय

8 · 1 घं 21 मि
06:43
08:03
09:24
10:44
12:05
13:26
14:46
16:07

रात के समय

8 · 1 घं 40 मि
17:27
19:07
20:46
22:26
00:05
01:45
03:24
05:04

दिन के समय

8 · 1 घं 21 मि
06:43
08:03
09:24
10:44
12:05
13:26
14:46
16:07

रात के समय

8 · 1 घं 40 मि
17:27
19:07
20:46
22:26
00:05
01:45
03:24
05:04
04:57 05:50
11:43 12:26
18:08 19:33
13:26 14:46
06:43 08:03
09:24 10:44
20:58 22:24

दिन के घंटे

12 · 54 मि
06:43
07:36
08:30
09:24
10:18
11:11
12:05
12:59
13:52
14:46
15:40
16:34

रात के घंटे

12 · 1 घं 6 मि
17:27
18:34
19:40
20:46
21:53
22:59
00:05
01:12
02:18
03:24
04:31
05:37

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

14 नवंबर 2024 की तिथि क्या है?
14 नवंबर 2024 की तिथि शुक्ल त्रयोदशी है।
14 नवंबर 2024 का नक्षत्र क्या है?
14 नवंबर 2024 का नक्षत्र अश्विनी और योग सिद्धि है।
14 नवंबर 2024 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
दिल्ली में सूर्योदय 06:43 पर तथा सूर्यास्त 17:27 पर होगा।
14 नवंबर 2024 को राहु काल कब है?
दिल्ली में राहु काल 13:26–14:46 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।