बुधवार, 13 नवंबर 2024
दैनिक पंचांग
आज बुधवार है। द्वादशी तिथि 13:01 बजे तक, फिर त्रयोदशी 09:43 (कल) बजे तक रहेगी। रेवती नक्षत्र 03:10 (कल) बजे तक, उसके बाद अश्विनी 00:32 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग वज्र 15:24 बजे तक, फिर सिद्धि योग 11:29 (कल) बजे तक। बालव करण 13:01 बजे तक, उसके बाद कौलव 23:24 बजे तक, फिर तैतिल 09:43 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (12:05 से 13:26) के दौरान टालें। चन्द्रमा मीन राशि में है और सूर्य तुला राशि में।
पुरुषोत्तम मास
अधिक कार्तिक
पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।
तिथि · वार · चान्द्र मास
शुक्ल द्वादशी
पिछले दिन16:05उसी दिन13:01
शुक्ल त्रयोदशी
उसी दिन13:01अगले दिन09:43
द्वादशी — एकादशी व्रत की समाप्ति। शांत और पुनःस्थापन की तिथि।
बुधवार
बुधवार — बुध द्वारा शासित। संवाद और बुद्धि का दिन; अध्ययन, लेखन और व्यापार के लिए शुभ।
- अमान्तकार्तिकपूर्णिमान्तकार्तिक
नक्षत्र · योग · करण
रेवती · पाद 1
उसी दिन05:40अगले दिन03:10
मृदु नक्षत्र — संगीत, मैत्री और चिकित्सा जैसी कोमल गतिविधियों के लिए शुभ।
वज्र
पिछले दिन19:08उसी दिन15:24
सिद्धि
उसी दिन15:24अगले दिन11:29
अशुभ योग — आज सूर्य-चंद्र की ऊर्जाएँ विरोधी हैं। बड़े नए उपक्रम परंपरा में टाले जाते हैं।
बालव
उसी दिन02:35उसी दिन13:01
कौलव
उसी दिन13:01उसी दिन23:24
तैतिल
उसी दिन23:24अगले दिन09:43
चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।
एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
शुक्ल द्वादशी · बुध
13 नव॰
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8·1 घं 21 मि| 06:4208:03 | ||
| 08:0309:23 | ||
| 09:2310:44 | ||
| 10:4412:05 | ||
| 12:0513:26 | ||
| 13:2614:46 | ||
| 14:4616:07 | ||
| 16:0717:28 |
रात के समय
8·1 घं 39 मि| 17:2819:07 | ||
| 19:0720:47 | ||
| 20:4722:26 | ||
| 22:2600:05 | ||
| 00:0501:45 | ||
| 01:4503:24 | ||
| 03:2405:03 | ||
| 05:0306:43 |
दिन के समय
8·1 घं 21 मि| 06:4208:03 | ||
| 08:0309:23 | ||
| 09:2310:44 | ||
| 10:4412:05 | ||
| 12:0513:26 | ||
| 13:2614:46 | ||
| 14:4616:07 | ||
| 16:0717:28 |
रात के समय
8·1 घं 39 मि| 17:2819:07 | ||
| 19:0720:47 | ||
| 20:4722:26 | ||
| 22:2600:05 | ||
| 00:0501:45 | ||
| 01:4503:24 | ||
| 03:2405:03 | ||
| 05:0306:43 |
| 04:56→05:49 | ||
| 01:01→02:27 | ||
| 12:05→13:26 | ||
| 08:03→09:23 | ||
| 10:44→12:05 | ||
| 16:25→17:51 |
दिन के घंटे
12·54 मि| 06:4207:36 | ||
| 07:3608:29 | ||
| 08:2909:23 | ||
| 09:2310:17 | ||
| 10:1711:11 | ||
| 11:1112:05 | ||
| 12:0512:59 | ||
| 12:5913:52 | ||
| 13:5214:46 | ||
| 14:4615:40 | ||
| 15:4016:34 | ||
| 16:3417:28 |
रात के घंटे
12·1 घं 6 मि| 17:2818:34 | ||
| 18:3419:40 | ||
| 19:4020:47 | ||
| 20:4721:53 | ||
| 21:5322:59 | ||
| 22:5900:05 | ||
| 00:0501:11 | ||
| 01:1102:18 | ||
| 02:1803:24 | ||
| 03:2404:30 | ||
| 04:3005:36 | ||
| 05:3606:43 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 13 नवंबर 2024 की तिथि क्या है?
- 13 नवंबर 2024 की तिथि शुक्ल द्वादशी है।
- 13 नवंबर 2024 का नक्षत्र क्या है?
- 13 नवंबर 2024 का नक्षत्र रेवती और योग वज्र है।
- 13 नवंबर 2024 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- दिल्ली में सूर्योदय 06:42 पर तथा सूर्यास्त 17:28 पर होगा।
- 13 नवंबर 2024 को राहु काल कब है?
- दिल्ली में राहु काल 12:05–13:26 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।

