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पंचांग — नवंबर 2024
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रवि
सोम
मंगल
बुध
गुरु
शुक्र
शनि
1
अमावस्या स्वाति 06:33 गोवर्धन पूजा 2
प्रतिपदा विशाखा 06:34 भाई दूज 3
द्वितीया अनुराधा 06:34 4
तृतीया अनुराधा 06:35 5
चतुर्थी ज्येष्ठा 06:36 लाभ पंचम 6
पंचमी मूल 06:36 छठ पूजा 7
षष्ठी पूर्व आषाढ़ा 06:37 8
सप्तमी उत्तर आषाढ़ा 06:38 9
अष्टमी श्रवण 06:39 10
नवमी धनिष्ठा 06:40 11
दशमी शतभिषा 06:40 12
देवउठनी एकादशी पूर्व भाद्रपदा 06:41 13
द्वादशी रेवती 06:42 14
त्रयोदशी अश्विनी 06:43 15
पूर्णिमा भरणी 06:43 16
प्रतिपदा कृत्तिका 06:44 17
द्वितीया रोहिणी 06:45 18
तृतीया मृगशिरा 06:46 19
चतुर्थी आर्द्रा 06:47 20
पंचमी पुनर्वसु 06:47 21
षष्ठी पुष्य 06:48 22
सप्तमी आश्लेषा 06:49 23
अष्टमी मघा 06:50 24
नवमी पूर्व फाल्गुनी 06:51 25
दशमी उत्तर फाल्गुनी 06:51 26
सफला एकादशी हस्त 06:52 27
द्वादशी चित्रा 06:53 28
त्रयोदशी चित्रा 06:54 29
त्रयोदशी स्वाति 06:54 30
चतुर्दशी विशाखा 06:55 आज मंगलवार, 23 जून 2026 शुक्ल नवमी हस्त
आगामी पर्व
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गोवर्धन पूजा
1 नवंबर 2024श्रीकृष्ण द्वारा गोवर्धन पर्वत उठाकर ब्रजवासियों की रक्षा करने का स्मरण। भक्त अन्नकूट — विभिन्न व्यंजनों का पर्वत — कृष्ण को अर्पित करते हैं।
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भाई दूज
2 नवंबर 2024बहनें भाइयों के मस्तक पर तिलक लगाकर उनके मंगल की कामना करती हैं और भाई बहनों को उपहार देते हैं। दीपावली पर्व का समापन दिवस।
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लाभ पंचम
5 नवंबर 2024दीपावली के बाद का पाँचवाँ दिन, गुजराती व्यापार परंपरा में 'लाभ' का दिन — दुकानें पुनः खुलती हैं, नए बही-खातों का शुभारंभ होता है और व्यापार नववर्ष की पहली प्रविष्टियाँ करते हैं।
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छठ पूजा
6 नवंबर 2024सूर्य देव और छठी मैया को समर्पित चार दिवसीय पर्व। भक्त कठोर उपवास रखते हैं और नदी या तालाब के तट पर अस्तगामी एवं उगते सूर्य को अर्घ्य देते हैं।