गुरुवार, 28 नवंबर 2024
दैनिक पंचांग
आज गुरुवार है। त्रयोदशी तिथि 08:40 (कल) बजे तक, फिर चतुर्दशी 10:30 (कल) बजे तक रहेगी। चित्रा नक्षत्र 07:35 बजे तक, उसके बाद स्वाति 10:17 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग सौभाग्य 16:00 बजे तक, फिर शोभन योग 16:32 (कल) बजे तक। गर करण 19:35 बजे तक, उसके बाद वणिज 08:40 (कल) बजे तक, फिर विष्टि 21:38 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (13:27 से 14:46) के दौरान टालें। चन्द्रमा तुला राशि में है और सूर्य वृश्चिक राशि में।
पुरुषोत्तम मास
अधिक कार्तिक
पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।
तिथि · वार · चान्द्र मास
कृष्ण त्रयोदशी
उसी दिन06:24अगले दिन08:40
त्रयोदशी — उत्साह की तिथि। उत्सव और सक्रिय कार्यों के लिए शुभ।
गुरुवार
गुरुवार — गुरु (बृहस्पति) द्वारा शासित। सप्ताह का सबसे शुभ दिन; अध्ययन, संस्कार और नए आरंभ के लिए श्रेष्ठ।
- अमान्तकार्तिकपूर्णिमान्तमार्गशीर्ष
नक्षत्र · योग · करण
चित्रा
पिछले दिन04:34उसी दिन07:35
स्वाति
उसी दिन07:35अगले दिन10:17
मृदु नक्षत्र — संगीत, मैत्री और चिकित्सा जैसी कोमल गतिविधियों के लिए शुभ।
सौभाग्य
पिछले दिन15:12उसी दिन16:00
शोभन
उसी दिन16:00अगले दिन16:32
शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।
गर
उसी दिन06:24उसी दिन19:35
वणिज
उसी दिन19:35अगले दिन08:40
चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।
एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
कृष्ण त्रयोदशी · गुरु
28 नव॰
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8·1 घं 19 मि| 06:5408:12 | ||
| 08:1209:31 | ||
| 09:3110:50 | ||
| 10:5012:09 | ||
| 12:0913:27 | ||
| 13:2714:46 | ||
| 14:4616:05 | ||
| 16:0517:23 |
रात के समय
8·1 घं 41 मि| 17:2319:05 | ||
| 19:0520:46 | ||
| 20:4622:28 | ||
| 22:2800:09 | ||
| 00:0901:50 | ||
| 01:5003:32 | ||
| 03:3205:13 | ||
| 05:1306:54 |
दिन के समय
8·1 घं 19 मि| 06:5408:12 | ||
| 08:1209:31 | ||
| 09:3110:50 | ||
| 10:5012:09 | ||
| 12:0913:27 | ||
| 13:2714:46 | ||
| 14:4616:05 | ||
| 16:0517:23 |
रात के समय
8·1 घं 41 मि| 17:2319:05 | ||
| 19:0520:46 | ||
| 20:4622:28 | ||
| 22:2800:09 | ||
| 00:0901:50 | ||
| 01:5003:32 | ||
| 03:3205:13 | ||
| 05:1306:54 |
| 05:06→06:00 | ||
| 11:48→12:30 | ||
| 00:23→02:11 | ||
| 13:27→14:46 | ||
| 06:54→08:12 | ||
| 09:31→10:50 | ||
| 13:34→15:22 |
दिन के घंटे
12·52 मि| 06:5407:46 | ||
| 07:4608:39 | ||
| 08:3909:31 | ||
| 09:3110:24 | ||
| 10:2411:16 | ||
| 11:1612:09 | ||
| 12:0913:01 | ||
| 13:0113:54 | ||
| 13:5414:46 | ||
| 14:4615:39 | ||
| 15:3916:31 | ||
| 16:3117:23 |
रात के घंटे
12·1 घं 8 मि| 17:2318:31 | ||
| 18:3119:39 | ||
| 19:3920:46 | ||
| 20:4621:54 | ||
| 21:5423:01 | ||
| 23:0100:09 | ||
| 00:0901:17 | ||
| 01:1702:24 | ||
| 02:2403:32 | ||
| 03:3204:39 | ||
| 04:3905:47 | ||
| 05:4706:54 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 28 नवंबर 2024 की तिथि क्या है?
- 28 नवंबर 2024 की तिथि कृष्ण त्रयोदशी है।
- 28 नवंबर 2024 का नक्षत्र क्या है?
- 28 नवंबर 2024 का नक्षत्र चित्रा और योग सौभाग्य है।
- 28 नवंबर 2024 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- दिल्ली में सूर्योदय 06:54 पर तथा सूर्यास्त 17:23 पर होगा।
- 28 नवंबर 2024 को राहु काल कब है?
- दिल्ली में राहु काल 13:27–14:46 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।

