सोमवार, 11 नवंबर 2024
दैनिक पंचांग
आज सोमवार है। दशमी तिथि 18:47 बजे तक, फिर एकादशी 16:05 (कल) बजे तक रहेगी। शतभिषा नक्षत्र 09:39 बजे तक, उसके बाद पूर्व भाद्रपदा 07:51 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग व्याघात 22:35 बजे तक, फिर हर्षण योग 19:08 (कल) बजे तक। तैतिल करण 07:58 बजे तक, उसके बाद गर 18:47 बजे तक, फिर वणिज 05:29 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (08:01 से 09:22) के दौरान टालें। चन्द्रमा कुम्भ राशि में है और सूर्य तुला राशि में।
तिथि · वार · चान्द्र मास
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शुक्ल दशमी
पिछले दिन 21:01 उसी दिन 18:47
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देवउठनी एकादशी
उसी दिन 18:47 अगले दिन 16:05
दशमी — स्थिर और भरोसेमंद तिथि। अधिकांश कार्यों के लिए शुभ मानी जाती है।
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सोमवार
सोमवार — चंद्र द्वारा शासित। शांत और भावपूर्ण दिन; पारिवारिक कार्य, जल-सम्बन्धित कार्य और अध्ययन के लिए उपयुक्त।
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कार्तिक · मार्गशीर्ष
नक्षत्र · योग · करण
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शतभिषा
पिछले दिन 10:59 उसी दिन 09:39
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पूर्व भाद्रपदा
उसी दिन 09:39 अगले दिन 07:51
चर नक्षत्र — यात्रा, बदलाव और स्थान-परिवर्तन के लिए शुभ।
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व्याघात
उसी दिन 01:41 उसी दिन 22:35
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हर्षण
उसी दिन 22:35 अगले दिन 19:08
अशुभ योग — आज सूर्य-चंद्र की ऊर्जाएँ विरोधी हैं। बड़े नए उपक्रम परंपरा में टाले जाते हैं।
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तैतिल
पिछले दिन 21:01 उसी दिन 07:58
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गर
उसी दिन 07:58 उसी दिन 18:47
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वणिज
उसी दिन 18:47 अगले दिन 05:29
चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।
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एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
शुक्ल दशमी · सोम
11 नव॰
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8 · 1 घं 21 मि| 06:40 08:01 | ||
| 08:01 09:22 | ||
| 09:22 10:43 | ||
| 10:43 12:05 | ||
| 12:05 13:26 | ||
| 13:26 14:47 | ||
| 14:47 16:08 | ||
| 16:08 17:29 |
रात के समय
8 · 1 घं 39 मि| 17:29 19:08 | ||
| 19:08 20:47 | ||
| 20:47 22:26 | ||
| 22:26 00:05 | ||
| 00:05 01:44 | ||
| 01:44 03:23 | ||
| 03:23 05:02 | ||
| 05:02 06:41 |
दिन के समय
8 · 1 घं 21 मि| 06:40 08:01 | ||
| 08:01 09:22 | ||
| 09:22 10:43 | ||
| 10:43 12:05 | ||
| 12:05 13:26 | ||
| 13:26 14:47 | ||
| 14:47 16:08 | ||
| 16:08 17:29 |
रात के समय
8 · 1 घं 39 मि| 17:29 19:08 | ||
| 19:08 20:47 | ||
| 20:47 22:26 | ||
| 22:26 00:05 | ||
| 00:05 01:44 | ||
| 01:44 03:23 | ||
| 03:23 05:02 | ||
| 05:02 06:41 |
| 04:55 → 05:48 | ||
| 11:43 → 12:26 | ||
| 02:51 → 04:22 | ||
| 08:01 → 09:22 | ||
| 10:43 → 12:05 | ||
| 13:26 → 14:47 | ||
| 17:47 → 19:18 |
दिन के घंटे
12 · 54 मि| 06:40 07:34 | ||
| 07:34 08:28 | ||
| 08:28 09:22 | ||
| 09:22 10:16 | ||
| 10:16 11:11 | ||
| 11:11 12:05 | ||
| 12:05 12:59 | ||
| 12:59 13:53 | ||
| 13:53 14:47 | ||
| 14:47 15:41 | ||
| 15:41 16:35 | ||
| 16:35 17:29 |
रात के घंटे
12 · 1 घं 6 मि| 17:29 18:35 | ||
| 18:35 19:41 | ||
| 19:41 20:47 | ||
| 20:47 21:53 | ||
| 21:53 22:59 | ||
| 22:59 00:05 | ||
| 00:05 01:11 | ||
| 01:11 02:17 | ||
| 02:17 03:23 | ||
| 03:23 04:29 | ||
| 04:29 05:35 | ||
| 05:35 06:41 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 11 नवंबर 2024 की तिथि क्या है?
- 11 नवंबर 2024 की तिथि शुक्ल दशमी है।
- 11 नवंबर 2024 का नक्षत्र क्या है?
- 11 नवंबर 2024 का नक्षत्र शतभिषा और योग व्याघात है।
- 11 नवंबर 2024 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- दिल्ली में सूर्योदय 06:40 पर तथा सूर्यास्त 17:29 पर होगा।
- 11 नवंबर 2024 को राहु काल कब है?
- दिल्ली में राहु काल 08:01–09:22 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।