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Kundli GPT

शुक्रवार, 1 नवंबर 2024

दैनिक पंचांग

चिंतन का दिन

आज शुक्रवार है। अमावस्या तिथि 18:17 बजे तक, फिर प्रतिपदा 20:22 (कल) बजे तक रहेगी। स्वाति नक्षत्र 03:30 (कल) बजे तक, उसके बाद विशाखा 05:58 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग प्रीति 10:39 बजे तक, फिर आयुष्मान् योग 11:17 (कल) बजे तक। नाग करण 18:17 बजे तक, उसके बाद किंस्तुघ्न 07:22 (कल) बजे तक, फिर बव 20:22 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (10:41 से 12:04) के दौरान टालें। चन्द्रमा तुला राशि में है और सूर्य तुला राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • अमावस्या

      पिछले दिन 15:53 उसी दिन 18:17

    • शुक्ल प्रतिपदा

      उसी दिन 18:17 अगले दिन 20:22

    पूर्णिमा अथवा अमावस्या — पूर्ण या नव चंद्र की तिथि। भक्ति, समापन और संकल्प के लिए विशेष ऊर्जावान दिन।

  • शुक्रवार

    शुक्रवार — शुक्र द्वारा शासित। सौम्य और सुखद दिन; कला, सम्बन्ध और सौंदर्य-सम्बन्धित कार्यों के लिए शुभ।

  • कार्तिक · मार्गशीर्ष

नक्षत्र · योग · करण

    • स्वाति · पाद 1

      उसी दिन 00:44 अगले दिन 03:30

    चर नक्षत्र — यात्रा, बदलाव और स्थान-परिवर्तन के लिए शुभ।

    • प्रीति

      पिछले दिन 09:49 उसी दिन 10:39

    • आयुष्मान्

      उसी दिन 10:39 अगले दिन 11:17

    शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • नाग

      उसी दिन 05:07 उसी दिन 18:17

    • किंस्तुघ्न

      उसी दिन 18:17 अगले दिन 07:22

    स्थिर करण — मास के अंत में ही आते हैं और परिवर्तन का संकेत देते हैं। अधूरे कार्य पूर्ण करने के लिए उपयुक्त।

एक नज़र में दिन

उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

अमावस्या · शुक्र

00 06 12 18 चल · 06:33 – 07:56 लाभ · 07:56 – 09:18 अमृत · 09:18 – 10:41 काल · 10:41 – 12:04 शुभ · 12:04 – 13:27 रोग · 13:27 – 14:50 उद्वेग · 14:50 – 16:13 चल · 16:13 – 17:35 रोग · 17:35 – 19:13 काल · 19:13 – 20:50 लाभ · 20:50 – 22:27 उद्वेग · 22:27 – 00:04 शुभ · 00:04 – 01:42 अमृत · 01:42 – 03:19 चल · 03:19 – 04:56 रोग · 04:56 – 06:34 अमृत · 06:33 – 07:56 उद्योग · 07:56 – 09:18 चल · 09:18 – 10:41 काल · 10:41 – 12:04 शून्य · 12:04 – 13:27 लाभ · 13:27 – 14:50 शुभ · 14:50 – 16:13 रोग · 16:13 – 17:35 शुभ · 17:35 – 19:13 शून्य · 19:13 – 20:50 लाभ · 20:50 – 22:27 चल · 22:27 – 00:04 रोग · 00:04 – 01:42 काल · 01:42 – 03:19 अमृत · 03:19 – 04:56 उद्योग · 04:56 – 06:34 ब्रह्म मुहूर्त · 04:49 – 05:41 अभिजित मुहूर्त · 11:42 – 12:26 अमृत काल · 17:41 – 19:28 राहु काल · 10:41 – 12:04 यमगण्ड काल · 14:50 – 16:13 गुलिक काल · 07:56 – 09:18 वर्ज्यम् · 06:59 – 08:46 शुक्र · 06:33 – 07:28 बुध · 07:28 – 08:23 चंद्र · 08:23 – 09:18 शनि · 09:18 – 10:14 गुरु · 10:14 – 11:09 मंगल · 11:09 – 12:04 सूर्य · 12:04 – 12:59 शुक्र · 12:59 – 13:54 बुध · 13:54 – 14:50 चंद्र · 14:50 – 15:45 शनि · 15:45 – 16:40 गुरु · 16:40 – 17:35 मंगल · 17:35 – 18:40 सूर्य · 18:40 – 19:45 शुक्र · 19:45 – 20:50 बुध · 20:50 – 21:55 चंद्र · 21:55 – 23:00 शनि · 23:00 – 00:04 गुरु · 00:04 – 01:09 मंगल · 01:09 – 02:14 सूर्य · 02:14 – 03:19 शुक्र · 03:19 – 04:24 बुध · 04:24 – 05:29 चंद्र · 05:29 – 06:34

1 नव॰

दैनिक पंचांग

दिन के समय

8 · 1 घं 23 मि
06:33
07:56
09:18
10:41
12:04
13:27
14:50
16:13

रात के समय

8 · 1 घं 37 मि
17:35
19:13
20:50
22:27
00:04
01:42
03:19
04:56

दिन के समय

8 · 1 घं 23 मि
06:33
07:56
09:18
10:41
12:04
13:27
14:50
16:13

रात के समय

8 · 1 घं 37 मि
17:35
19:13
20:50
22:27
00:04
01:42
03:19
04:56
04:49 05:41
11:42 12:26
17:41 19:28
10:41 12:04
14:50 16:13
07:56 09:18
06:59 08:46

दिन के घंटे

12 · 55 मि
06:33
07:28
08:23
09:18
10:14
11:09
12:04
12:59
13:54
14:50
15:45
16:40

रात के घंटे

12 · 1 घं 5 मि
17:35
18:40
19:45
20:50
21:55
23:00
00:04
01:09
02:14
03:19
04:24
05:29

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1 नवंबर 2024 की तिथि क्या है?
1 नवंबर 2024 की तिथि अमावस्या है।
1 नवंबर 2024 का नक्षत्र क्या है?
1 नवंबर 2024 का नक्षत्र स्वाति और योग प्रीति है।
1 नवंबर 2024 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
दिल्ली में सूर्योदय 06:33 पर तथा सूर्यास्त 17:35 पर होगा।
1 नवंबर 2024 को राहु काल कब है?
दिल्ली में राहु काल 10:41–12:04 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।