शनिवार, 2 नवंबर 2024
दैनिक पंचांग
आज शनिवार है। प्रतिपदा तिथि 20:22 बजे तक, फिर द्वितीया 22:05 (कल) बजे तक रहेगी। विशाखा नक्षत्र 05:58 (कल) बजे तक, उसके बाद अनुराधा 08:03 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग आयुष्मान् 11:17 बजे तक, फिर सौभाग्य योग 11:38 (कल) बजे तक। किंस्तुघ्न करण 07:22 बजे तक, उसके बाद बव 20:22 बजे तक, फिर बालव 09:16 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (09:19 से 10:41) के दौरान टालें। चन्द्रमा तुला राशि में है और सूर्य तुला राशि में।
तिथि · वार · चान्द्र मास
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शुक्ल प्रतिपदा
पिछले दिन 18:17 उसी दिन 20:22
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शुक्ल द्वितीया
उसी दिन 20:22 अगले दिन 22:05
प्रतिपदा — प्रथम तिथि। नए आरंभ और नींव रखने के लिए शुभ मानी जाती है।
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शनिवार
शनिवार — शनि द्वारा शासित। अनुशासित और गंभीर दिन; अधूरे कार्य पूर्ण करने के लिए उपयुक्त, नए आरंभ के लिए कम।
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कार्तिक · मार्गशीर्ष
नक्षत्र · योग · करण
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विशाखा · पाद 1
उसी दिन 03:30 अगले दिन 05:58
मिश्र नक्षत्र — मिली-जुली ऊर्जा; कार्य की प्रकृति दिन के अनुरूप चुनें।
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आयुष्मान्
पिछले दिन 10:39 उसी दिन 11:17
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सौभाग्य
उसी दिन 11:17 अगले दिन 11:38
शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।
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किंस्तुघ्न
पिछले दिन 18:17 उसी दिन 07:22
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बव
उसी दिन 07:22 उसी दिन 20:22
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बालव
उसी दिन 20:22 अगले दिन 09:16
स्थिर करण — मास के अंत में ही आते हैं और परिवर्तन का संकेत देते हैं। अधूरे कार्य पूर्ण करने के लिए उपयुक्त।
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एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
शुक्ल प्रतिपदा · शनि
2 नव॰
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8 · 1 घं 23 मि| 06:34 07:56 | ||
| 07:56 09:19 | ||
| 09:19 10:41 | ||
| 10:41 12:04 | ||
| 12:04 13:27 | ||
| 13:27 14:49 | ||
| 14:49 16:12 | ||
| 16:12 17:35 |
रात के समय
8 · 1 घं 37 मि| 17:35 19:12 | ||
| 19:12 20:49 | ||
| 20:49 22:27 | ||
| 22:27 00:04 | ||
| 00:04 01:42 | ||
| 01:42 03:19 | ||
| 03:19 04:57 | ||
| 04:57 06:34 |
दिन के समय
8 · 1 घं 23 मि| 06:34 07:56 | ||
| 07:56 09:19 | ||
| 09:19 10:41 | ||
| 10:41 12:04 | ||
| 12:04 13:27 | ||
| 13:27 14:49 | ||
| 14:49 16:12 | ||
| 16:12 17:35 |
रात के समय
8 · 1 घं 37 मि| 17:35 19:12 | ||
| 19:12 20:49 | ||
| 20:49 22:27 | ||
| 22:27 00:04 | ||
| 00:04 01:42 | ||
| 01:42 03:19 | ||
| 03:19 04:57 | ||
| 04:57 06:34 |
| 04:50 → 05:42 | ||
| 11:42 → 12:26 | ||
| 20:15 → 22:01 | ||
| 09:19 → 10:41 | ||
| 13:27 → 14:49 | ||
| 06:34 → 07:56 | ||
| 09:40 → 11:26 |
दिन के घंटे
12 · 55 मि| 06:34 07:29 | ||
| 07:29 08:24 | ||
| 08:24 09:19 | ||
| 09:19 10:14 | ||
| 10:14 11:09 | ||
| 11:09 12:04 | ||
| 12:04 12:59 | ||
| 12:59 13:54 | ||
| 13:54 14:49 | ||
| 14:49 15:44 | ||
| 15:44 16:39 | ||
| 16:39 17:35 |
रात के घंटे
12 · 1 घं 5 मि| 17:35 18:40 | ||
| 18:40 19:45 | ||
| 19:45 20:49 | ||
| 20:49 21:54 | ||
| 21:54 22:59 | ||
| 22:59 00:04 | ||
| 00:04 01:09 | ||
| 01:09 02:14 | ||
| 02:14 03:19 | ||
| 03:19 04:24 | ||
| 04:24 05:29 | ||
| 05:29 06:34 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 2 नवंबर 2024 की तिथि क्या है?
- 2 नवंबर 2024 की तिथि शुक्ल प्रतिपदा है।
- 2 नवंबर 2024 का नक्षत्र क्या है?
- 2 नवंबर 2024 का नक्षत्र विशाखा और योग आयुष्मान् है।
- 2 नवंबर 2024 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- दिल्ली में सूर्योदय 06:34 पर तथा सूर्यास्त 17:35 पर होगा।
- 2 नवंबर 2024 को राहु काल कब है?
- दिल्ली में राहु काल 09:19–10:41 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।