रविवार, 2 नवंबर 2025
दैनिक पंचांग
आज रविवार है। एकादशी तिथि 07:31 बजे तक, फिर द्वादशी 05:07 (कल) बजे तक रहेगी। पूर्व भाद्रपदा नक्षत्र 17:03 बजे तक, उसके बाद उत्तर भाद्रपदा 15:05 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग व्याघात 23:09 बजे तक, फिर हर्षण योग 19:38 (कल) बजे तक। विष्टि करण 07:31 बजे तक, उसके बाद बव 18:24 बजे तक, फिर बालव 05:07 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (16:12 से 17:35) के दौरान टालें। चन्द्रमा कुम्भ राशि में है और सूर्य तुला राशि में।
पुरुषोत्तम मास
अधिक कार्तिक
पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।
तिथि · वार · चान्द्र मास
देवउठनी एकादशी
पिछले दिन09:12उसी दिन07:31
शुक्ल द्वादशी
उसी दिन07:31अगले दिन05:07
एकादशी — अनेक लोगों के लिए उपवास का दिन। आध्यात्मिक रूप से महत्त्वपूर्ण और आत्म-चिंतन की तिथि।
रविवार
रविवार — सूर्य द्वारा शासित। तेज और नेतृत्व का दिन; नेतृत्व कार्य और स्वास्थ्य के लिए शुभ।
- अमान्तकार्तिकपूर्णिमान्तकार्तिक
नक्षत्र · योग · करण
पूर्व भाद्रपदा
पिछले दिन18:20उसी दिन17:03
उत्तर भाद्रपदा
उसी दिन17:03अगले दिन15:05
उग्र नक्षत्र — बड़े नए आरंभ के लिए परंपरा में टाला जाता है; पूर्णता और परिवर्तन के कार्यों के लिए उपयुक्त।
व्याघात
उसी दिन02:08उसी दिन23:09
हर्षण
उसी दिन23:09अगले दिन19:38
अशुभ योग — आज सूर्य-चंद्र की ऊर्जाएँ विरोधी हैं। बड़े नए उपक्रम परंपरा में टाले जाते हैं।
विष्टि
पिछले दिन20:27उसी दिन07:31
बव
उसी दिन07:31उसी दिन18:24
बालव
उसी दिन18:24अगले दिन05:07
विष्टि (भद्रा) करण — महत्त्वपूर्ण नए कार्यों के लिए परंपरा में टाला जाता है; सामान्य कार्य चलते हैं।
एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
शुक्ल एकादशी · रवि
2 नव॰
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8·1 घं 23 मि| 06:3307:56 | ||
| 07:5609:19 | ||
| 09:1910:41 | ||
| 10:4112:04 | ||
| 12:0413:27 | ||
| 13:2714:49 | ||
| 14:4916:12 | ||
| 16:1217:35 |
रात के समय
8·1 घं 37 मि| 17:3519:12 | ||
| 19:1220:50 | ||
| 20:5022:27 | ||
| 22:2700:04 | ||
| 00:0401:42 | ||
| 01:4203:19 | ||
| 03:1904:57 | ||
| 04:5706:34 |
दिन के समय
8·1 घं 23 मि| 06:3307:56 | ||
| 07:5609:19 | ||
| 09:1910:41 | ||
| 10:4112:04 | ||
| 12:0413:27 | ||
| 13:2714:49 | ||
| 14:4916:12 | ||
| 16:1217:35 |
रात के समय
8·1 घं 37 मि| 17:3519:12 | ||
| 19:1220:50 | ||
| 20:5022:27 | ||
| 22:2700:04 | ||
| 00:0401:42 | ||
| 01:4203:19 | ||
| 03:1904:57 | ||
| 04:5706:34 |
| 04:50→05:42 | ||
| 11:42→12:26 | ||
| 09:28→10:59 | ||
| 16:12→17:35 | ||
| 12:04→13:27 | ||
| 14:49→16:12 | ||
| 00:23→01:54 |
दिन के घंटे
12·55 मि| 06:3307:28 | ||
| 07:2808:24 | ||
| 08:2409:19 | ||
| 09:1910:14 | ||
| 10:1411:09 | ||
| 11:0912:04 | ||
| 12:0412:59 | ||
| 12:5913:54 | ||
| 13:5414:49 | ||
| 14:4915:45 | ||
| 15:4516:40 | ||
| 16:4017:35 |
रात के घंटे
12·1 घं 5 मि| 17:3518:40 | ||
| 18:4019:45 | ||
| 19:4520:50 | ||
| 20:5021:55 | ||
| 21:5522:59 | ||
| 22:5900:04 | ||
| 00:0401:09 | ||
| 01:0902:14 | ||
| 02:1403:19 | ||
| 03:1904:24 | ||
| 04:2405:29 | ||
| 05:2906:34 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 2 नवंबर 2025 की तिथि क्या है?
- 2 नवंबर 2025 की तिथि शुक्ल एकादशी है।
- 2 नवंबर 2025 का नक्षत्र क्या है?
- 2 नवंबर 2025 का नक्षत्र पूर्व भाद्रपदा और योग व्याघात है।
- 2 नवंबर 2025 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- दिल्ली में सूर्योदय 06:33 पर तथा सूर्यास्त 17:35 पर होगा।
- 2 नवंबर 2025 को राहु काल कब है?
- दिल्ली में राहु काल 16:12–17:35 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।

