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Kundli GPT

गुरुवार, 31 अक्टूबर 2024

दैनिक पंचांग

चिंतन का दिन

आज गुरुवार है। चतुर्दशी तिथि 15:53 बजे तक, फिर अमावस्या 18:17 (कल) बजे तक रहेगी। चित्रा नक्षत्र 00:44 (कल) बजे तक, उसके बाद स्वाति 03:30 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग विष्कुम्भ 09:49 बजे तक, फिर प्रीति योग 10:39 (कल) बजे तक। शकुनि करण 15:53 बजे तक, उसके बाद चतुष्पाद 05:07 (कल) बजे तक, फिर नाग 18:17 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (13:27 से 14:50) के दौरान टालें। चन्द्रमा कन्या राशि में है और सूर्य तुला राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • कृष्ण चतुर्दशी

      पिछले दिन 13:15 उसी दिन 15:53

    • अमावस्या

      उसी दिन 15:53 अगले दिन 18:17

    चतुर्दशी — तीव्र और परिवर्तनकारी तिथि। बड़े निर्णय सावधानी से लेने चाहिए।

  • गुरुवार

    गुरुवार — गुरु (बृहस्पति) द्वारा शासित। सप्ताह का सबसे शुभ दिन; अध्ययन, संस्कार और नए आरंभ के लिए श्रेष्ठ।

  • कार्तिक · मार्गशीर्ष

नक्षत्र · योग · करण

    • चित्रा · पाद 2

      पिछले दिन 21:43 अगले दिन 00:44

    मृदु नक्षत्र — संगीत, मैत्री और चिकित्सा जैसी कोमल गतिविधियों के लिए शुभ।

    • विष्कुम्भ

      पिछले दिन 08:50 उसी दिन 09:49

    • प्रीति

      उसी दिन 09:49 अगले दिन 10:39

    अशुभ योग — आज सूर्य-चंद्र की ऊर्जाएँ विरोधी हैं। बड़े नए उपक्रम परंपरा में टाले जाते हैं।

    • शकुनि

      उसी दिन 02:35 उसी दिन 15:53

    • चतुष्पाद

      उसी दिन 15:53 अगले दिन 05:07

    स्थिर करण — मास के अंत में ही आते हैं और परिवर्तन का संकेत देते हैं। अधूरे कार्य पूर्ण करने के लिए उपयुक्त।

एक नज़र में दिन

उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

कृष्ण चतुर्दशी · गुरु

00 06 12 18 शुभ · 06:32 – 07:55 रोग · 07:55 – 09:18 उद्वेग · 09:18 – 10:41 चल · 10:41 – 12:04 लाभ · 12:04 – 13:27 अमृत · 13:27 – 14:50 काल · 14:50 – 16:13 शुभ · 16:13 – 17:36 अमृत · 17:36 – 19:13 चल · 19:13 – 20:50 रोग · 20:50 – 22:27 काल · 22:27 – 00:04 लाभ · 00:04 – 01:42 उद्वेग · 01:42 – 03:19 शुभ · 03:19 – 04:56 अमृत · 04:56 – 06:33 शुभ · 06:32 – 07:55 रोग · 07:55 – 09:18 शून्य · 09:18 – 10:41 लाभ · 10:41 – 12:04 काल · 12:04 – 13:27 चल · 13:27 – 14:50 उद्योग · 14:50 – 16:13 अमृत · 16:13 – 17:36 लाभ · 17:36 – 19:13 चल · 19:13 – 20:50 शुभ · 20:50 – 22:27 उद्योग · 22:27 – 00:04 अमृत · 00:04 – 01:42 शून्य · 01:42 – 03:19 रोग · 03:19 – 04:56 काल · 04:56 – 06:33 ब्रह्म मुहूर्त · 04:49 – 05:40 अभिजित मुहूर्त · 11:42 – 12:26 अमृत काल · 17:31 – 19:19 राहु काल · 13:27 – 14:50 यमगण्ड काल · 06:32 – 07:55 गुलिक काल · 09:18 – 10:41 वर्ज्यम् · 06:43 – 08:31 गुरु · 06:32 – 07:27 मंगल · 07:27 – 08:23 सूर्य · 08:23 – 09:18 शुक्र · 09:18 – 10:13 बुध · 10:13 – 11:09 चंद्र · 11:09 – 12:04 शनि · 12:04 – 12:59 गुरु · 12:59 – 13:55 मंगल · 13:55 – 14:50 सूर्य · 14:50 – 15:45 शुक्र · 15:45 – 16:41 बुध · 16:41 – 17:36 चंद्र · 17:36 – 18:41 शनि · 18:41 – 19:46 गुरु · 19:46 – 20:50 मंगल · 20:50 – 21:55 सूर्य · 21:55 – 23:00 शुक्र · 23:00 – 00:04 बुध · 00:04 – 01:09 चंद्र · 01:09 – 02:14 शनि · 02:14 – 03:19 गुरु · 03:19 – 04:23 मंगल · 04:23 – 05:28 सूर्य · 05:28 – 06:33

31 अक्टू॰

दैनिक पंचांग

दिन के समय

8 · 1 घं 23 मि
06:32
07:55
09:18
10:41
12:04
13:27
14:50
16:13

रात के समय

8 · 1 घं 37 मि
17:36
19:13
20:50
22:27
00:04
01:42
03:19
04:56

दिन के समय

8 · 1 घं 23 मि
06:32
07:55
09:18
10:41
12:04
13:27
14:50
16:13

रात के समय

8 · 1 घं 37 मि
17:36
19:13
20:50
22:27
00:04
01:42
03:19
04:56
04:49 05:40
11:42 12:26
17:31 19:19
13:27 14:50
06:32 07:55
09:18 10:41
06:43 08:31

दिन के घंटे

12 · 55 मि
06:32
07:27
08:23
09:18
10:13
11:09
12:04
12:59
13:55
14:50
15:45
16:41

रात के घंटे

12 · 1 घं 5 मि
17:36
18:41
19:46
20:50
21:55
23:00
00:04
01:09
02:14
03:19
04:23
05:28

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

31 अक्टूबर 2024 की तिथि क्या है?
31 अक्टूबर 2024 की तिथि कृष्ण चतुर्दशी है।
31 अक्टूबर 2024 का नक्षत्र क्या है?
31 अक्टूबर 2024 का नक्षत्र चित्रा और योग विष्कुम्भ है।
31 अक्टूबर 2024 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
दिल्ली में सूर्योदय 06:32 पर तथा सूर्यास्त 17:36 पर होगा।
31 अक्टूबर 2024 को राहु काल कब है?
दिल्ली में राहु काल 13:27–14:50 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।