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Kundli GPT

बुधवार, 30 अक्टूबर 2024

दैनिक पंचांग

चिंतन का दिन

आज बुधवार है। त्रयोदशी तिथि 13:15 बजे तक, फिर चतुर्दशी 15:53 (कल) बजे तक रहेगी। हस्त नक्षत्र 21:43 बजे तक, उसके बाद चित्रा 00:44 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग वैधृति 08:50 बजे तक, फिर विष्कुम्भ योग 09:49 (कल) बजे तक। वणिज करण 13:15 बजे तक, उसके बाद विष्टि 02:35 (कल) बजे तक, फिर शकुनि 15:53 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (12:04 से 13:27) के दौरान टालें। चन्द्रमा कन्या राशि में है और सूर्य तुला राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • कृष्ण त्रयोदशी

      पिछले दिन 10:32 उसी दिन 13:15

    • कृष्ण चतुर्दशी

      उसी दिन 13:15 अगले दिन 15:53

    त्रयोदशी — उत्साह की तिथि। उत्सव और सक्रिय कार्यों के लिए शुभ।

  • बुधवार

    बुधवार — बुध द्वारा शासित। संवाद और बुद्धि का दिन; अध्ययन, लेखन और व्यापार के लिए शुभ।

  • कार्तिक · मार्गशीर्ष

नक्षत्र · योग · करण

    • हस्त

      पिछले दिन 18:33 उसी दिन 21:43

    • चित्रा

      उसी दिन 21:43 अगले दिन 00:44

    लघु नक्षत्र — संक्षिप्त कार्य, छोटी यात्राएँ और संवाद के लिए उपयुक्त।

    • वैधृति

      पिछले दिन 07:46 उसी दिन 08:50

    • विष्कुम्भ

      उसी दिन 08:50 अगले दिन 09:49

    अशुभ योग — आज सूर्य-चंद्र की ऊर्जाएँ विरोधी हैं। बड़े नए उपक्रम परंपरा में टाले जाते हैं।

    • वणिज

      पिछले दिन 23:54 उसी दिन 13:15

    • विष्टि

      उसी दिन 13:15 अगले दिन 02:35

    चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।

एक नज़र में दिन

उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

कृष्ण त्रयोदशी · बुध

00 06 12 18 लाभ · 06:31 – 07:55 अमृत · 07:55 – 09:18 काल · 09:18 – 10:41 शुभ · 10:41 – 12:04 रोग · 12:04 – 13:27 उद्वेग · 13:27 – 14:50 चल · 14:50 – 16:14 लाभ · 16:14 – 17:37 उद्वेग · 17:37 – 19:14 शुभ · 19:14 – 20:51 अमृत · 20:51 – 22:28 चल · 22:28 – 00:04 रोग · 00:04 – 01:41 काल · 01:41 – 03:18 लाभ · 03:18 – 04:55 उद्वेग · 04:55 – 06:32 लाभ · 06:31 – 07:55 शुभ · 07:55 – 09:18 अमृत · 09:18 – 10:41 चल · 10:41 – 12:04 उद्योग · 12:04 – 13:27 शून्य · 13:27 – 14:50 रोग · 14:50 – 16:14 काल · 16:14 – 17:37 शून्य · 17:37 – 19:14 रोग · 19:14 – 20:51 काल · 20:51 – 22:28 शुभ · 22:28 – 00:04 चल · 00:04 – 01:41 अमृत · 01:41 – 03:18 उद्योग · 03:18 – 04:55 लाभ · 04:55 – 06:32 ब्रह्म मुहूर्त · 04:48 – 05:40 अमृत काल · 14:55 – 16:44 राहु काल · 12:04 – 13:27 यमगण्ड काल · 07:55 – 09:18 गुलिक काल · 10:41 – 12:04 वर्ज्यम् · 04:03 – 05:52 बुध · 06:31 – 07:27 चंद्र · 07:27 – 08:22 शनि · 08:22 – 09:18 गुरु · 09:18 – 10:13 मंगल · 10:13 – 11:09 सूर्य · 11:09 – 12:04 शुक्र · 12:04 – 13:00 बुध · 13:00 – 13:55 चंद्र · 13:55 – 14:50 शनि · 14:50 – 15:46 गुरु · 15:46 – 16:41 मंगल · 16:41 – 17:37 सूर्य · 17:37 – 18:41 शुक्र · 18:41 – 19:46 बुध · 19:46 – 20:51 चंद्र · 20:51 – 21:55 शनि · 21:55 – 23:00 गुरु · 23:00 – 00:04 मंगल · 00:04 – 01:09 सूर्य · 01:09 – 02:14 शुक्र · 02:14 – 03:18 बुध · 03:18 – 04:23 चंद्र · 04:23 – 05:27 शनि · 05:27 – 06:32

30 अक्टू॰

दैनिक पंचांग

दिन के समय

8 · 1 घं 23 मि
06:31
07:55
09:18
10:41
12:04
13:27
14:50
16:14

रात के समय

8 · 1 घं 37 मि
17:37
19:14
20:51
22:28
00:04
01:41
03:18
04:55

दिन के समय

8 · 1 घं 23 मि
06:31
07:55
09:18
10:41
12:04
13:27
14:50
16:14

रात के समय

8 · 1 घं 37 मि
17:37
19:14
20:51
22:28
00:04
01:41
03:18
04:55
04:48 05:40
14:55 16:44
12:04 13:27
07:55 09:18
10:41 12:04
04:03 05:52

दिन के घंटे

12 · 55 मि
06:31
07:27
08:22
09:18
10:13
11:09
12:04
13:00
13:55
14:50
15:46
16:41

रात के घंटे

12 · 1 घं 5 मि
17:37
18:41
19:46
20:51
21:55
23:00
00:04
01:09
02:14
03:18
04:23
05:27

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

30 अक्टूबर 2024 की तिथि क्या है?
30 अक्टूबर 2024 की तिथि कृष्ण त्रयोदशी है।
30 अक्टूबर 2024 का नक्षत्र क्या है?
30 अक्टूबर 2024 का नक्षत्र हस्त और योग वैधृति है।
30 अक्टूबर 2024 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
दिल्ली में सूर्योदय 06:31 पर तथा सूर्यास्त 17:37 पर होगा।
30 अक्टूबर 2024 को राहु काल कब है?
दिल्ली में राहु काल 12:04–13:27 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।