मंगलवार, 29 अक्टूबर 2024
दैनिक पंचांग
आज मंगलवार है। द्वादशी तिथि 10:32 बजे तक, फिर त्रयोदशी 13:15 (कल) बजे तक रहेगी। उत्तर फाल्गुनी नक्षत्र 18:33 बजे तक, उसके बाद हस्त 21:43 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग ऐन्द्र 07:46 बजे तक, फिर वैधृति योग 08:50 (कल) बजे तक। तैतिल करण 10:32 बजे तक, उसके बाद गर 23:54 बजे तक, फिर वणिज 13:15 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (14:51 से 16:14) के दौरान टालें। चन्द्रमा कन्या राशि में है और सूर्य तुला राशि में।
इस तिथि के पर्व
मंगलवार, 29 अक्टूबर
पुरुषोत्तम मास
अधिक आश्विन
पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।
तिथि · वार · चान्द्र मास
कृष्ण द्वादशी
पिछले दिन07:51उसी दिन10:32
कृष्ण त्रयोदशी
उसी दिन10:32अगले दिन13:15
द्वादशी — एकादशी व्रत की समाप्ति। शांत और पुनःस्थापन की तिथि।
मंगलवार
मंगलवार — मंगल द्वारा शासित। ऊर्जावान और साहसी दिन; कर्म और शारीरिक कार्य के लिए शुभ, संवेदनशील मामलों के लिए कम।
- अमान्तआश्विनपूर्णिमान्तकार्तिक
नक्षत्र · योग · करण
उत्तर फाल्गुनी
पिछले दिन15:23उसी दिन18:33
हस्त
उसी दिन18:33अगले दिन21:43
स्थिर नक्षत्र — दीर्घकालिक संकल्प, नींव और स्थायी क्रय के लिए श्रेष्ठ।
ऐन्द्र
पिछले दिन06:46उसी दिन07:46
वैधृति
उसी दिन07:46अगले दिन08:50
शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।
तैतिल
पिछले दिन21:10उसी दिन10:32
गर
उसी दिन10:32उसी दिन23:54
वणिज
उसी दिन23:54अगले दिन13:15
चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।
एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
कृष्ण द्वादशी · मंगल
29 अक्टू॰
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8·1 घं 23 मि| 06:3107:54 | ||
| 07:5409:17 | ||
| 09:1710:41 | ||
| 10:4112:04 | ||
| 12:0413:28 | ||
| 13:2814:51 | ||
| 14:5116:14 | ||
| 16:1417:38 |
रात के समय
8·1 घं 37 मि| 17:3819:14 | ||
| 19:1420:51 | ||
| 20:5122:28 | ||
| 22:2800:05 | ||
| 00:0501:41 | ||
| 01:4103:18 | ||
| 03:1804:55 | ||
| 04:5506:31 |
दिन के समय
8·1 घं 23 मि| 06:3107:54 | ||
| 07:5409:17 | ||
| 09:1710:41 | ||
| 10:4112:04 | ||
| 12:0413:28 | ||
| 13:2814:51 | ||
| 14:5116:14 | ||
| 16:1417:38 |
रात के समय
8·1 घं 37 मि| 17:3819:14 | ||
| 19:1420:51 | ||
| 20:5122:28 | ||
| 22:2800:05 | ||
| 00:0501:41 | ||
| 01:4103:18 | ||
| 03:1804:55 | ||
| 04:5506:31 |
| 04:48→05:39 | ||
| 11:42→12:26 | ||
| 10:24→12:13 | ||
| 14:51→16:14 | ||
| 09:17→10:41 | ||
| 12:04→13:28 | ||
| 23:32→01:21 |
दिन के घंटे
12·56 मि| 06:3107:26 | ||
| 07:2608:22 | ||
| 08:2209:17 | ||
| 09:1710:13 | ||
| 10:1311:09 | ||
| 11:0912:04 | ||
| 12:0413:00 | ||
| 13:0013:55 | ||
| 13:5514:51 | ||
| 14:5115:47 | ||
| 15:4716:42 | ||
| 16:4217:38 |
रात के घंटे
12·1 घं 4 मि| 17:3818:42 | ||
| 18:4219:47 | ||
| 19:4720:51 | ||
| 20:5121:56 | ||
| 21:5623:00 | ||
| 23:0000:05 | ||
| 00:0501:09 | ||
| 01:0902:13 | ||
| 02:1303:18 | ||
| 03:1804:22 | ||
| 04:2205:27 | ||
| 05:2706:31 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 29 अक्टूबर 2024 की तिथि क्या है?
- 29 अक्टूबर 2024 की तिथि कृष्ण द्वादशी है।
- 29 अक्टूबर 2024 का नक्षत्र क्या है?
- 29 अक्टूबर 2024 का नक्षत्र उत्तर फाल्गुनी और योग ऐन्द्र है।
- 29 अक्टूबर 2024 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- दिल्ली में सूर्योदय 06:31 पर तथा सूर्यास्त 17:38 पर होगा।
- 29 अक्टूबर 2024 को राहु काल कब है?
- दिल्ली में राहु काल 14:51–16:14 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।

