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Kundli GPT

मंगलवार, 19 नवंबर 2024

दैनिक पंचांग

चिंतन का दिन

आज मंगलवार है। चतुर्थी तिथि 17:28 बजे तक, फिर पंचमी 16:49 (कल) बजे तक रहेगी। आर्द्रा नक्षत्र 14:55 बजे तक, उसके बाद पुनर्वसु 14:49 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग साध्य 14:55 बजे तक, फिर शुभ योग 13:07 (कल) बजे तक। बालव करण 17:28 बजे तक, उसके बाद कौलव 05:02 (कल) बजे तक, फिर तैतिल 16:49 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (14:46 से 16:06) के दौरान टालें। चन्द्रमा मिथुन राशि में है और सूर्य वृश्चिक राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • कृष्ण चतुर्थी

      पिछले दिन 18:56 उसी दिन 17:28

    • कृष्ण पंचमी

      उसी दिन 17:28 अगले दिन 16:49

    चतुर्थी — गणेश को समर्पित। पूजा-पाठ और विघ्न निवारण के लिए श्रेष्ठ; बड़े नए कार्यों के लिए कम उपयुक्त।

  • मंगलवार

    मंगलवार — मंगल द्वारा शासित। ऊर्जावान और साहसी दिन; कर्म और शारीरिक कार्य के लिए शुभ, संवेदनशील मामलों के लिए कम।

  • मार्गशीर्ष · पौष

नक्षत्र · योग · करण

    • आर्द्रा

      पिछले दिन 15:48 उसी दिन 14:55

    • पुनर्वसु

      उसी दिन 14:55 अगले दिन 14:49

    तीक्ष्ण नक्षत्र — निर्णायक कार्य, चिकित्सकीय हस्तक्षेप और एकाग्र शक्ति वाले कार्य के लिए उपयुक्त।

    • साध्य

      पिछले दिन 17:20 उसी दिन 14:55

    • शुभ

      उसी दिन 14:55 अगले दिन 13:07

    शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • बालव

      उसी दिन 06:06 उसी दिन 17:28

    • कौलव

      उसी दिन 17:28 अगले दिन 05:02

    चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।

एक नज़र में दिन

उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

कृष्ण चतुर्थी · मंगल

00 06 12 18 रोग · 06:47 – 08:06 उद्वेग · 08:06 – 09:26 चल · 09:26 – 10:46 लाभ · 10:46 – 12:06 अमृत · 12:06 – 13:26 काल · 13:26 – 14:46 शुभ · 14:46 – 16:06 रोग · 16:06 – 17:25 लाभ · 17:25 – 19:06 उद्वेग · 19:06 – 20:46 शुभ · 20:46 – 22:26 अमृत · 22:26 – 00:06 चल · 00:06 – 01:47 रोग · 01:47 – 03:27 काल · 03:27 – 05:07 लाभ · 05:07 – 06:47 रोग · 06:47 – 08:06 काल · 08:06 – 09:26 लाभ · 09:26 – 10:46 उद्योग · 10:46 – 12:06 चल · 12:06 – 13:26 अमृत · 13:26 – 14:46 शून्य · 14:46 – 16:06 शुभ · 16:06 – 17:25 काल · 17:25 – 19:06 शून्य · 19:06 – 20:46 रोग · 20:46 – 22:26 लाभ · 22:26 – 00:06 अमृत · 00:06 – 01:47 उद्योग · 01:47 – 03:27 चल · 03:27 – 05:07 शुभ · 05:07 – 06:47 ब्रह्म मुहूर्त · 05:00 – 05:53 अभिजित मुहूर्त · 11:45 – 12:27 अमृत काल · 05:17 – 06:50 राहु काल · 14:46 – 16:06 यमगण्ड काल · 09:26 – 10:46 गुलिक काल · 12:06 – 13:26 वर्ज्यम् · 23:53 – 01:26 मंगल · 06:47 – 07:40 सूर्य · 07:40 – 08:33 शुक्र · 08:33 – 09:26 बुध · 09:26 – 10:19 चंद्र · 10:19 – 11:13 शनि · 11:13 – 12:06 गुरु · 12:06 – 12:59 मंगल · 12:59 – 13:52 सूर्य · 13:52 – 14:46 शुक्र · 14:46 – 15:39 बुध · 15:39 – 16:32 चंद्र · 16:32 – 17:25 शनि · 17:25 – 18:32 गुरु · 18:32 – 19:39 मंगल · 19:39 – 20:46 सूर्य · 20:46 – 21:53 शुक्र · 21:53 – 23:00 बुध · 23:00 – 00:06 चंद्र · 00:06 – 01:13 शनि · 01:13 – 02:20 गुरु · 02:20 – 03:27 मंगल · 03:27 – 04:34 सूर्य · 04:34 – 05:41 शुक्र · 05:41 – 06:47

19 नव॰

दैनिक पंचांग

दिन के समय

8 · 1 घं 20 मि
06:47
08:06
09:26
10:46
12:06
13:26
14:46
16:06

रात के समय

8 · 1 घं 40 मि
17:25
19:06
20:46
22:26
00:06
01:47
03:27
05:07

दिन के समय

8 · 1 घं 20 मि
06:47
08:06
09:26
10:46
12:06
13:26
14:46
16:06

रात के समय

8 · 1 घं 40 मि
17:25
19:06
20:46
22:26
00:06
01:47
03:27
05:07
05:00 05:53
11:45 12:27
05:17 06:50
14:46 16:06
09:26 10:46
12:06 13:26
23:53 01:26

दिन के घंटे

12 · 53 मि
06:47
07:40
08:33
09:26
10:19
11:13
12:06
12:59
13:52
14:46
15:39
16:32

रात के घंटे

12 · 1 घं 7 मि
17:25
18:32
19:39
20:46
21:53
23:00
00:06
01:13
02:20
03:27
04:34
05:41

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

19 नवंबर 2024 की तिथि क्या है?
19 नवंबर 2024 की तिथि कृष्ण चतुर्थी है।
19 नवंबर 2024 का नक्षत्र क्या है?
19 नवंबर 2024 का नक्षत्र आर्द्रा और योग साध्य है।
19 नवंबर 2024 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
दिल्ली में सूर्योदय 06:47 पर तथा सूर्यास्त 17:25 पर होगा।
19 नवंबर 2024 को राहु काल कब है?
दिल्ली में राहु काल 14:46–16:06 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।