शनिवार, 22 नवंबर 2025
दैनिक पंचांग
आज शनिवार है। द्वितीया तिथि 17:11 बजे तक, फिर तृतीया 19:25 (कल) बजे तक रहेगी। ज्येष्ठा नक्षत्र 16:46 बजे तक, उसके बाद मूल 19:27 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग सुकर्मा 11:28 बजे तक, फिर धृति योग 12:07 (कल) बजे तक। कौलव करण 17:11 बजे तक, उसके बाद तैतिल 06:20 (कल) बजे तक, फिर गर 19:25 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (09:28 से 10:47) के दौरान टालें। चन्द्रमा वृश्चिक राशि में है और सूर्य वृश्चिक राशि में।
पुरुषोत्तम मास
अधिक मार्गशीर्ष
पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।
तिथि · वार · चान्द्र मास
शुक्ल द्वितीया
पिछले दिन14:47उसी दिन17:11
शुक्ल तृतीया
उसी दिन17:11अगले दिन19:25
द्वितीया — स्थिरता और साझेदारी की तिथि। सहयोगात्मक कार्यों के लिए शुभ।
शनिवार
शनिवार — शनि द्वारा शासित। अनुशासित और गंभीर दिन; अधूरे कार्य पूर्ण करने के लिए उपयुक्त, नए आरंभ के लिए कम।
- अमान्तमार्गशीर्षपूर्णिमान्तमार्गशीर्ष
नक्षत्र · योग · करण
ज्येष्ठा
पिछले दिन13:55उसी दिन16:46
मूल
उसी दिन16:46अगले दिन19:27
तीक्ष्ण नक्षत्र — निर्णायक कार्य, चिकित्सकीय हस्तक्षेप और एकाग्र शक्ति वाले कार्य के लिए उपयुक्त।
सुकर्मा
पिछले दिन10:42उसी दिन11:28
धृति
उसी दिन11:28अगले दिन12:07
शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।
कौलव
उसी दिन04:00उसी दिन17:11
तैतिल
उसी दिन17:11अगले दिन06:20
चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।
एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
शुक्ल द्वितीया · शनि
22 नव॰
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8·1 घं 19 मि| 06:4908:08 | ||
| 08:0809:28 | ||
| 09:2810:47 | ||
| 10:4712:07 | ||
| 12:0713:26 | ||
| 13:2614:46 | ||
| 14:4616:05 | ||
| 16:0517:25 |
रात के समय
8·1 घं 41 मि| 17:2519:05 | ||
| 19:0520:46 | ||
| 20:4622:26 | ||
| 22:2600:07 | ||
| 00:0701:48 | ||
| 01:4803:28 | ||
| 03:2805:09 | ||
| 05:0906:50 |
दिन के समय
8·1 घं 19 मि| 06:4908:08 | ||
| 08:0809:28 | ||
| 09:2810:47 | ||
| 10:4712:07 | ||
| 12:0713:26 | ||
| 13:2614:46 | ||
| 14:4616:05 | ||
| 16:0517:25 |
रात के समय
8·1 घं 41 मि| 17:2519:05 | ||
| 19:0520:46 | ||
| 20:4622:26 | ||
| 22:2600:07 | ||
| 00:0701:48 | ||
| 01:4803:28 | ||
| 03:2805:09 | ||
| 05:0906:50 |
| 05:02→05:55 | ||
| 11:45→12:28 | ||
| 06:55→08:43 | ||
| 09:28→10:47 | ||
| 13:26→14:46 | ||
| 06:49→08:08 | ||
| 20:11→21:58 |
दिन के घंटे
12·53 मि| 06:4907:42 | ||
| 07:4208:35 | ||
| 08:3509:28 | ||
| 09:2810:21 | ||
| 10:2111:14 | ||
| 11:1412:07 | ||
| 12:0713:00 | ||
| 13:0013:53 | ||
| 13:5314:46 | ||
| 14:4615:39 | ||
| 15:3916:32 | ||
| 16:3217:25 |
रात के घंटे
12·1 घं 7 मि| 17:2518:32 | ||
| 18:3219:39 | ||
| 19:3920:46 | ||
| 20:4621:53 | ||
| 21:5323:00 | ||
| 23:0000:07 | ||
| 00:0701:14 | ||
| 01:1402:21 | ||
| 02:2103:28 | ||
| 03:2804:35 | ||
| 04:3505:43 | ||
| 05:4306:50 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 22 नवंबर 2025 की तिथि क्या है?
- 22 नवंबर 2025 की तिथि शुक्ल द्वितीया है।
- 22 नवंबर 2025 का नक्षत्र क्या है?
- 22 नवंबर 2025 का नक्षत्र ज्येष्ठा और योग सुकर्मा है।
- 22 नवंबर 2025 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- दिल्ली में सूर्योदय 06:49 पर तथा सूर्यास्त 17:25 पर होगा।
- 22 नवंबर 2025 को राहु काल कब है?
- दिल्ली में राहु काल 09:28–10:47 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।

