रविवार, 22 नवंबर 2026
दैनिक पंचांग
आज रविवार है। त्रयोदशी तिथि 02:37 (कल) बजे तक, फिर चतुर्दशी 23:42 (कल) बजे तक रहेगी। अश्विनी नक्षत्र 04:15 (कल) बजे तक, उसके बाद भरणी 02:01 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग व्यतीपात 23:28 बजे तक, फिर वरीयान् योग 19:57 (कल) बजे तक। कौलव करण 15:52 बजे तक, उसके बाद तैतिल 02:37 (कल) बजे तक, फिर गर 13:13 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (16:05 से 17:25) के दौरान टालें। चन्द्रमा मेष राशि में है और सूर्य वृश्चिक राशि में।
पुरुषोत्तम मास
अधिक कार्तिक
पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।
तिथि · वार · चान्द्र मास
शुक्ल त्रयोदशी
उसी दिन04:56अगले दिन02:37
त्रयोदशी — उत्साह की तिथि। उत्सव और सक्रिय कार्यों के लिए शुभ।
रविवार
रविवार — सूर्य द्वारा शासित। तेज और नेतृत्व का दिन; नेतृत्व कार्य और स्वास्थ्य के लिए शुभ।
- अमान्तकार्तिकपूर्णिमान्तकार्तिक
नक्षत्र · योग · करण
अश्विनी · पाद 1
उसी दिन05:54अगले दिन04:15
लघु नक्षत्र — संक्षिप्त कार्य, छोटी यात्राएँ और संवाद के लिए उपयुक्त।
व्यतीपात
उसी दिन02:29उसी दिन23:28
वरीयान्
उसी दिन23:28अगले दिन19:57
अशुभ योग — आज सूर्य-चंद्र की ऊर्जाएँ विरोधी हैं। बड़े नए उपक्रम परंपरा में टाले जाते हैं।
कौलव
उसी दिन04:56उसी दिन15:52
तैतिल
उसी दिन15:52अगले दिन02:37
चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।
एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
शुक्ल त्रयोदशी · रवि
22 नव॰
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8·1 घं 20 मि| 06:4908:08 | ||
| 08:0809:28 | ||
| 09:2810:47 | ||
| 10:4712:07 | ||
| 12:0713:26 | ||
| 13:2614:46 | ||
| 14:4616:05 | ||
| 16:0517:25 |
रात के समय
8·1 घं 41 मि| 17:2519:05 | ||
| 19:0520:46 | ||
| 20:4622:26 | ||
| 22:2600:07 | ||
| 00:0701:48 | ||
| 01:4803:28 | ||
| 03:2805:09 | ||
| 05:0906:49 |
दिन के समय
8·1 घं 20 मि| 06:4908:08 | ||
| 08:0809:28 | ||
| 09:2810:47 | ||
| 10:4712:07 | ||
| 12:0713:26 | ||
| 13:2614:46 | ||
| 14:4616:05 | ||
| 16:0517:25 |
रात के समय
8·1 घं 41 मि| 17:2519:05 | ||
| 19:0520:46 | ||
| 20:4622:26 | ||
| 22:2600:07 | ||
| 00:0701:48 | ||
| 01:4803:28 | ||
| 03:2805:09 | ||
| 05:0906:49 |
| 05:01→05:55 | ||
| 11:45→12:28 | ||
| 21:32→23:02 | ||
| 16:05→17:25 | ||
| 12:07→13:26 | ||
| 14:46→16:05 | ||
| 00:31→02:01 |
दिन के घंटे
12·53 मि| 06:4907:42 | ||
| 07:4208:35 | ||
| 08:3509:28 | ||
| 09:2810:21 | ||
| 10:2111:14 | ||
| 11:1412:07 | ||
| 12:0713:00 | ||
| 13:0013:53 | ||
| 13:5314:46 | ||
| 14:4615:39 | ||
| 15:3916:32 | ||
| 16:3217:25 |
रात के घंटे
12·1 घं 7 मि| 17:2518:32 | ||
| 18:3219:39 | ||
| 19:3920:46 | ||
| 20:4621:53 | ||
| 21:5323:00 | ||
| 23:0000:07 | ||
| 00:0701:14 | ||
| 01:1402:21 | ||
| 02:2103:28 | ||
| 03:2804:35 | ||
| 04:3505:42 | ||
| 05:4206:49 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 22 नवंबर 2026 की तिथि क्या है?
- 22 नवंबर 2026 की तिथि शुक्ल त्रयोदशी है।
- 22 नवंबर 2026 का नक्षत्र क्या है?
- 22 नवंबर 2026 का नक्षत्र अश्विनी और योग व्यतीपात है।
- 22 नवंबर 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- दिल्ली में सूर्योदय 06:49 पर तथा सूर्यास्त 17:25 पर होगा।
- 22 नवंबर 2026 को राहु काल कब है?
- दिल्ली में राहु काल 16:05–17:25 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।

