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सोमवार, 24 नवंबर 2025

दैनिक पंचांग

शुभ दिन

आज सोमवार है। चतुर्थी तिथि 21:22 बजे तक, फिर पंचमी 22:57 (कल) बजे तक रहेगी। पूर्व आषाढ़ा नक्षत्र 21:53 बजे तक, उसके बाद उत्तर आषाढ़ा 23:57 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग शूल 12:35 बजे तक, फिर गण्ड योग 12:48 (कल) बजे तक। वणिज करण 08:26 बजे तक, उसके बाद विष्टि 21:22 बजे तक, फिर बव 10:13 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (08:10 से 09:29) के दौरान टालें। चन्द्रमा धनु राशि में है और सूर्य वृश्चिक राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • शुक्ल चतुर्थी

      पिछले दिन19:25उसी दिन21:22

    • शुक्ल पंचमी

      उसी दिन21:22अगले दिन22:57

    चतुर्थी — गणेश को समर्पित। पूजा-पाठ और विघ्न निवारण के लिए श्रेष्ठ; बड़े नए कार्यों के लिए कम उपयुक्त।

  • सोमवार

    सोमवार — चंद्र द्वारा शासित। शांत और भावपूर्ण दिन; पारिवारिक कार्य, जल-सम्बन्धित कार्य और अध्ययन के लिए उपयुक्त।

  • अमान्तमार्गशीर्ष
    पूर्णिमान्तमार्गशीर्ष

नक्षत्र · योग · करण

    • पूर्व आषाढ़ा

      पिछले दिन19:27उसी दिन21:53

    • उत्तर आषाढ़ा

      उसी दिन21:53अगले दिन23:57

    उग्र नक्षत्र — बड़े नए आरंभ के लिए परंपरा में टाला जाता है; पूर्णता और परिवर्तन के कार्यों के लिए उपयुक्त।

    • शूल

      पिछले दिन12:07उसी दिन12:35

    • गण्ड

      उसी दिन12:35अगले दिन12:48

    अशुभ योग — आज सूर्य-चंद्र की ऊर्जाएँ विरोधी हैं। बड़े नए उपक्रम परंपरा में टाले जाते हैं।

    • वणिज

      पिछले दिन19:25उसी दिन08:26

    • विष्टि

      उसी दिन08:26उसी दिन21:22

    • बव

      उसी दिन21:22अगले दिन10:13

    चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।

एक नज़र में दिन

उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

शुक्ल चतुर्थी · सोम

00061218अमृत · 06:50 – 08:10काल · 08:10 – 09:29शुभ · 09:29 – 10:48रोग · 10:48 – 12:07उद्वेग · 12:07 – 13:26चल · 13:26 – 14:46लाभ · 14:46 – 16:05अमृत · 16:05 – 17:24चल · 17:24 – 19:05रोग · 19:05 – 20:46काल · 20:46 – 22:27लाभ · 22:27 – 00:08उद्वेग · 00:08 – 01:49शुभ · 01:49 – 03:29अमृत · 03:29 – 05:10चल · 05:10 – 06:51चल · 06:50 – 08:10लाभ · 08:10 – 09:29शून्य · 09:29 – 10:48रोग · 10:48 – 12:07शुभ · 12:07 – 13:26काल · 13:26 – 14:46अमृत · 14:46 – 16:05उद्योग · 16:05 – 17:24उद्योग · 17:24 – 19:05अमृत · 19:05 – 20:46शुभ · 20:46 – 22:27काल · 22:27 – 00:08रोग · 00:08 – 01:49चल · 01:49 – 03:29लाभ · 03:29 – 05:10शून्य · 05:10 – 06:51ब्रह्म मुहूर्त · 05:03 – 05:57अभिजित मुहूर्त · 11:46 – 12:28अमृत काल · 16:35 – 18:21राहु काल · 08:10 – 09:29यमगण्ड काल · 10:48 – 12:07गुलिक काल · 13:26 – 14:46वर्ज्यम् · 06:01 – 07:47चंद्र · 06:50 – 07:43शनि · 07:43 – 08:36गुरु · 08:36 – 09:29मंगल · 09:29 – 10:22सूर्य · 10:22 – 11:14शुक्र · 11:14 – 12:07बुध · 12:07 – 13:00चंद्र · 13:00 – 13:53शनि · 13:53 – 14:46गुरु · 14:46 – 15:38मंगल · 15:38 – 16:31सूर्य · 16:31 – 17:24शुक्र · 17:24 – 18:31बुध · 18:31 – 19:39चंद्र · 19:39 – 20:46शनि · 20:46 – 21:53गुरु · 21:53 – 23:00मंगल · 23:00 – 00:08सूर्य · 00:08 – 01:15शुक्र · 01:15 – 02:22बुध · 02:22 – 03:29चंद्र · 03:29 – 04:37शनि · 04:37 – 05:44गुरु · 05:44 – 06:51

24 नव॰

दैनिक पंचांग

दिन के समय

8·1 घं 19 मि
06:50
08:10
09:29
10:48
12:07
13:26
14:46
16:05

रात के समय

8·1 घं 41 मि
17:24
19:05
20:46
22:27
00:08
01:49
03:29
05:10

दिन के समय

8·1 घं 19 मि
06:50
08:10
09:29
10:48
12:07
13:26
14:46
16:05

रात के समय

8·1 घं 41 मि
17:24
19:05
20:46
22:27
00:08
01:49
03:29
05:10
05:0305:57
11:4612:28
16:3518:21
08:1009:29
10:4812:07
13:2614:46
06:0107:47

दिन के घंटे

12·53 मि
06:50
07:43
08:36
09:29
10:22
11:14
12:07
13:00
13:53
14:46
15:38
16:31

रात के घंटे

12·1 घं 7 मि
17:24
18:31
19:39
20:46
21:53
23:00
00:08
01:15
02:22
03:29
04:37
05:44

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

24 नवंबर 2025 की तिथि क्या है?
24 नवंबर 2025 की तिथि शुक्ल चतुर्थी है।
24 नवंबर 2025 का नक्षत्र क्या है?
24 नवंबर 2025 का नक्षत्र पूर्व आषाढ़ा और योग शूल है।
24 नवंबर 2025 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
दिल्ली में सूर्योदय 06:50 पर तथा सूर्यास्त 17:24 पर होगा।
24 नवंबर 2025 को राहु काल कब है?
दिल्ली में राहु काल 08:10–09:29 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।