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Kundli GPT

मंगलवार, 25 नवंबर 2025

दैनिक पंचांग

शुभ दिन

आज मंगलवार है। पंचमी तिथि 22:57 बजे तक, फिर षष्ठी 00:02 (कल) बजे तक रहेगी। उत्तर आषाढ़ा नक्षत्र 23:57 बजे तक, उसके बाद श्रवण 01:32 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग गण्ड 12:48 बजे तक, फिर वृद्धि योग 12:41 (कल) बजे तक। बव करण 10:13 बजे तक, उसके बाद बालव 22:57 बजे तक, फिर कौलव 11:34 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (14:46 से 16:05) के दौरान टालें। चन्द्रमा मकर राशि में है और सूर्य वृश्चिक राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • शुक्ल पंचमी

      पिछले दिन 21:22 उसी दिन 22:57

    • शुक्ल षष्ठी

      उसी दिन 22:57 अगले दिन 00:02

    पंचमी — शांति और सामंजस्य की तिथि। अध्ययन, संगीत और कला के लिए शुभ।

  • मंगलवार

    मंगलवार — मंगल द्वारा शासित। ऊर्जावान और साहसी दिन; कर्म और शारीरिक कार्य के लिए शुभ, संवेदनशील मामलों के लिए कम।

  • मार्गशीर्ष · पौष

नक्षत्र · योग · करण

    • उत्तर आषाढ़ा

      पिछले दिन 21:53 उसी दिन 23:57

    • श्रवण

      उसी दिन 23:57 अगले दिन 01:32

    स्थिर नक्षत्र — दीर्घकालिक संकल्प, नींव और स्थायी क्रय के लिए श्रेष्ठ।

    • गण्ड

      पिछले दिन 12:35 उसी दिन 12:48

    • वृद्धि

      उसी दिन 12:48 अगले दिन 12:41

    अशुभ योग — आज सूर्य-चंद्र की ऊर्जाएँ विरोधी हैं। बड़े नए उपक्रम परंपरा में टाले जाते हैं।

    • बव

      पिछले दिन 21:22 उसी दिन 10:13

    • बालव

      उसी दिन 10:13 उसी दिन 22:57

    • कौलव

      उसी दिन 22:57 अगले दिन 11:34

    चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।

एक नज़र में दिन

उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

शुक्ल पंचमी · मंगल

00 06 12 18 रोग · 06:51 – 08:10 उद्वेग · 08:10 – 09:29 चल · 09:29 – 10:48 लाभ · 10:48 – 12:08 अमृत · 12:08 – 13:27 काल · 13:27 – 14:46 शुभ · 14:46 – 16:05 रोग · 16:05 – 17:24 लाभ · 17:24 – 19:05 उद्वेग · 19:05 – 20:46 शुभ · 20:46 – 22:27 अमृत · 22:27 – 00:08 चल · 00:08 – 01:49 रोग · 01:49 – 03:30 काल · 03:30 – 05:11 लाभ · 05:11 – 06:52 रोग · 06:51 – 08:10 काल · 08:10 – 09:29 लाभ · 09:29 – 10:48 उद्योग · 10:48 – 12:08 चल · 12:08 – 13:27 अमृत · 13:27 – 14:46 शून्य · 14:46 – 16:05 शुभ · 16:05 – 17:24 काल · 17:24 – 19:05 शून्य · 19:05 – 20:46 रोग · 20:46 – 22:27 लाभ · 22:27 – 00:08 अमृत · 00:08 – 01:49 उद्योग · 01:49 – 03:30 चल · 03:30 – 05:11 शुभ · 05:11 – 06:52 ब्रह्म मुहूर्त · 05:04 – 05:57 अभिजित मुहूर्त · 11:46 – 12:29 अमृत काल · 17:00 – 18:44 राहु काल · 14:46 – 16:05 यमगण्ड काल · 09:29 – 10:48 गुलिक काल · 12:08 – 13:27 वर्ज्यम् · 06:34 – 08:18 मंगल · 06:51 – 07:44 सूर्य · 07:44 – 08:37 शुक्र · 08:37 – 09:29 बुध · 09:29 – 10:22 चंद्र · 10:22 – 11:15 शनि · 11:15 – 12:08 गुरु · 12:08 – 13:00 मंगल · 13:00 – 13:53 सूर्य · 13:53 – 14:46 शुक्र · 14:46 – 15:38 बुध · 15:38 – 16:31 चंद्र · 16:31 – 17:24 शनि · 17:24 – 18:31 गुरु · 18:31 – 19:39 मंगल · 19:39 – 20:46 सूर्य · 20:46 – 21:53 शुक्र · 21:53 – 23:01 बुध · 23:01 – 00:08 चंद्र · 00:08 – 01:15 शनि · 01:15 – 02:23 गुरु · 02:23 – 03:30 मंगल · 03:30 – 04:37 सूर्य · 04:37 – 05:45 शुक्र · 05:45 – 06:52

25 नव॰

दैनिक पंचांग

दिन के समय

8 · 1 घं 19 मि
06:51
08:10
09:29
10:48
12:08
13:27
14:46
16:05

रात के समय

8 · 1 घं 41 मि
17:24
19:05
20:46
22:27
00:08
01:49
03:30
05:11

दिन के समय

8 · 1 घं 19 मि
06:51
08:10
09:29
10:48
12:08
13:27
14:46
16:05

रात के समय

8 · 1 घं 41 मि
17:24
19:05
20:46
22:27
00:08
01:49
03:30
05:11
05:04 05:57
11:46 12:29
17:00 18:44
14:46 16:05
09:29 10:48
12:08 13:27
06:34 08:18

दिन के घंटे

12 · 53 मि
06:51
07:44
08:37
09:29
10:22
11:15
12:08
13:00
13:53
14:46
15:38
16:31

रात के घंटे

12 · 1 घं 7 मि
17:24
18:31
19:39
20:46
21:53
23:01
00:08
01:15
02:23
03:30
04:37
05:45

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

25 नवंबर 2025 की तिथि क्या है?
25 नवंबर 2025 की तिथि शुक्ल पंचमी है।
25 नवंबर 2025 का नक्षत्र क्या है?
25 नवंबर 2025 का नक्षत्र उत्तर आषाढ़ा और योग गण्ड है।
25 नवंबर 2025 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
दिल्ली में सूर्योदय 06:51 पर तथा सूर्यास्त 17:24 पर होगा।
25 नवंबर 2025 को राहु काल कब है?
दिल्ली में राहु काल 14:46–16:05 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।