बुधवार, 24 नवंबर 2027
दैनिक पंचांग
आज बुधवार है। एकादशी तिथि 12:11 बजे तक, फिर द्वादशी 10:51 (कल) बजे तक रहेगी। हस्त नक्षत्र 18:52 बजे तक, उसके बाद चित्रा 18:16 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग प्रीति 11:38 बजे तक, फिर आयुष्मान् योग 09:21 (कल) बजे तक। बालव करण 12:11 बजे तक, उसके बाद कौलव 23:29 बजे तक, फिर तैतिल 10:51 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (12:07 से 13:26) के दौरान टालें। चन्द्रमा कन्या राशि में है और सूर्य वृश्चिक राशि में।
तिथि · वार · चान्द्र मास
-
-
सफला एकादशी
पिछले दिन 13:45 उसी दिन 12:11
-
कृष्ण द्वादशी
उसी दिन 12:11 अगले दिन 10:51
एकादशी — अनेक लोगों के लिए उपवास का दिन। आध्यात्मिक रूप से महत्त्वपूर्ण और आत्म-चिंतन की तिथि।
-
-
बुधवार
बुधवार — बुध द्वारा शासित। संवाद और बुद्धि का दिन; अध्ययन, लेखन और व्यापार के लिए शुभ।
-
मार्गशीर्ष · पौष
नक्षत्र · योग · करण
-
-
हस्त
पिछले दिन 19:42 उसी दिन 18:52
-
चित्रा
उसी दिन 18:52 अगले दिन 18:16
लघु नक्षत्र — संक्षिप्त कार्य, छोटी यात्राएँ और संवाद के लिए उपयुक्त।
-
-
-
प्रीति
पिछले दिन 14:06 उसी दिन 11:38
-
आयुष्मान्
उसी दिन 11:38 अगले दिन 09:21
शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।
-
-
-
बालव
उसी दिन 00:57 उसी दिन 12:11
-
कौलव
उसी दिन 12:11 उसी दिन 23:29
-
तैतिल
उसी दिन 23:29 अगले दिन 10:51
चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।
-
एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
कृष्ण एकादशी · बुध
24 नव॰
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8 · 1 घं 19 मि| 06:50 08:09 | ||
| 08:09 09:29 | ||
| 09:29 10:48 | ||
| 10:48 12:07 | ||
| 12:07 13:26 | ||
| 13:26 14:46 | ||
| 14:46 16:05 | ||
| 16:05 17:24 |
रात के समय
8 · 1 घं 41 मि| 17:24 19:05 | ||
| 19:05 20:46 | ||
| 20:46 22:27 | ||
| 22:27 00:07 | ||
| 00:07 01:48 | ||
| 01:48 03:29 | ||
| 03:29 05:10 | ||
| 05:10 06:51 |
दिन के समय
8 · 1 घं 19 मि| 06:50 08:09 | ||
| 08:09 09:29 | ||
| 09:29 10:48 | ||
| 10:48 12:07 | ||
| 12:07 13:26 | ||
| 13:26 14:46 | ||
| 14:46 16:05 | ||
| 16:05 17:24 |
रात के समय
8 · 1 घं 41 मि| 17:24 19:05 | ||
| 19:05 20:46 | ||
| 20:46 22:27 | ||
| 22:27 00:07 | ||
| 00:07 01:48 | ||
| 01:48 03:29 | ||
| 03:29 05:10 | ||
| 05:10 06:51 |
| 05:03 → 05:56 | ||
| 13:04 → 14:37 | ||
| 12:07 → 13:26 | ||
| 08:09 → 09:29 | ||
| 10:48 → 12:07 | ||
| 03:48 → 05:21 |
दिन के घंटे
12 · 53 मि| 06:50 07:43 | ||
| 07:43 08:36 | ||
| 08:36 09:29 | ||
| 09:29 10:21 | ||
| 10:21 11:14 | ||
| 11:14 12:07 | ||
| 12:07 13:00 | ||
| 13:00 13:53 | ||
| 13:53 14:46 | ||
| 14:46 15:38 | ||
| 15:38 16:31 | ||
| 16:31 17:24 |
रात के घंटे
12 · 1 घं 7 मि| 17:24 18:31 | ||
| 18:31 19:39 | ||
| 19:39 20:46 | ||
| 20:46 21:53 | ||
| 21:53 23:00 | ||
| 23:00 00:07 | ||
| 00:07 01:15 | ||
| 01:15 02:22 | ||
| 02:22 03:29 | ||
| 03:29 04:36 | ||
| 04:36 05:44 | ||
| 05:44 06:51 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 24 नवंबर 2027 की तिथि क्या है?
- 24 नवंबर 2027 की तिथि कृष्ण एकादशी है।
- 24 नवंबर 2027 का नक्षत्र क्या है?
- 24 नवंबर 2027 का नक्षत्र हस्त और योग प्रीति है।
- 24 नवंबर 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- दिल्ली में सूर्योदय 06:50 पर तथा सूर्यास्त 17:24 पर होगा।
- 24 नवंबर 2027 को राहु काल कब है?
- दिल्ली में राहु काल 12:07–13:26 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।