संग्रह
पंचांग — नवंबर 2027
पूरा पंचांग देखने के लिए तिथि चुनें।
रवि
सोम
मंगल
बुध
गुरु
शुक्र
शनि
1
तृतीयाअनुराधा 06:322
चतुर्थीज्येष्ठा 06:333
पंचमीमूल 06:34लाभ पंचम4
षष्ठीपूर्व आषाढ़ा 06:34छठ पूजा5
सप्तमीउत्तर आषाढ़ा 06:356
अष्टमीश्रवण 06:367
नवमीधनिष्ठा 06:378
दशमीशतभिषा 06:379
दशमीपूर्व भाद्रपदा 06:3810
देवउठनी एकादशीउत्तर भाद्रपदा 06:3911
द्वादशीउत्तर भाद्रपदा 06:4012
त्रयोदशीरेवती 06:4013
चतुर्दशीअश्विनी 06:4114
पूर्णिमाभरणी 06:4215
प्रतिपदाकृत्तिका 06:4316
तृतीयामृगशिरा 06:4417
चतुर्थीआर्द्रा 06:4418
पंचमीपुनर्वसु 06:4519
षष्ठीपुष्य 06:4620
सप्तमीआश्लेषा 06:4721
अष्टमीमघा 06:4822
नवमीपूर्व फाल्गुनी 06:4823
दशमीउत्तर फाल्गुनी 06:4924
उत्पन्ना एकादशीहस्त 06:5025
द्वादशीचित्रा 06:5126
त्रयोदशीस्वाति 06:5227
चतुर्दशीविशाखा 06:5228
अमावस्याअनुराधा 06:5329
प्रतिपदाज्येष्ठा 06:5430
द्वितीयामूल 06:55आजसोमवार, 13 जुलाई 2026कृष्ण चतुर्दशीमृगशिरा
आगामी पर्व
लाभ पंचम
3 नवंबर 202716 महीने मेंदीपावली के बाद का पाँचवाँ दिन, गुजराती व्यापार परंपरा में 'लाभ' का दिन — दुकानें पुनः खुलती हैं, नए बही-खातों का शुभारंभ होता है और व्यापार नववर्ष की पहली प्रविष्टियाँ करते हैं।
छठ पूजा
4 नवंबर 202716 महीने मेंसूर्य देव और छठी मैया को समर्पित चार दिवसीय पर्व। भक्त कठोर उपवास रखते हैं और नदी या तालाब के तट पर अस्तगामी एवं उगते सूर्य को अर्घ्य देते हैं।

