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Kundli GPT

मंगलवार, 30 नवंबर 2027

दैनिक पंचांग

शुभ दिन

आज मंगलवार है। द्वितीया तिथि 10:08 बजे तक, फिर तृतीया 11:39 (कल) बजे तक रहेगी। मूल नक्षत्र 21:28 बजे तक, उसके बाद पूर्व आषाढ़ा 23:44 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग शूल 02:21 (कल) बजे तक, फिर गण्ड योग 02:40 (कल) बजे तक। कौलव करण 10:08 बजे तक, उसके बाद तैतिल 22:49 बजे तक, फिर गर 11:39 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (14:46 से 16:05) के दौरान टालें। चन्द्रमा धनु राशि में है और सूर्य वृश्चिक राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • शुक्ल द्वितीया

      पिछले दिन 09:13 उसी दिन 10:08

    • शुक्ल तृतीया

      उसी दिन 10:08 अगले दिन 11:39

    द्वितीया — स्थिरता और साझेदारी की तिथि। सहयोगात्मक कार्यों के लिए शुभ।

  • मंगलवार

    मंगलवार — मंगल द्वारा शासित। ऊर्जावान और साहसी दिन; कर्म और शारीरिक कार्य के लिए शुभ, संवेदनशील मामलों के लिए कम।

  • मार्गशीर्ष · पौष

नक्षत्र · योग · करण

    • मूल

      पिछले दिन 19:46 उसी दिन 21:28

    • पूर्व आषाढ़ा

      उसी दिन 21:28 अगले दिन 23:44

    तीक्ष्ण नक्षत्र — निर्णायक कार्य, चिकित्सकीय हस्तक्षेप और एकाग्र शक्ति वाले कार्य के लिए उपयुक्त।

    • शूल

      उसी दिन 02:28 अगले दिन 02:21

    अशुभ योग — आज सूर्य-चंद्र की ऊर्जाएँ विरोधी हैं। बड़े नए उपक्रम परंपरा में टाले जाते हैं।

    • कौलव

      पिछले दिन 21:36 उसी दिन 10:08

    • तैतिल

      उसी दिन 10:08 उसी दिन 22:49

    • गर

      उसी दिन 22:49 अगले दिन 11:39

    चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।

एक नज़र में दिन

उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

शुक्ल द्वितीया · मंगल

00 06 12 18 रोग · 06:55 – 08:13 उद्वेग · 08:13 – 09:32 चल · 09:32 – 10:50 लाभ · 10:50 – 12:09 अमृत · 12:09 – 13:28 काल · 13:28 – 14:46 शुभ · 14:46 – 16:05 रोग · 16:05 – 17:23 लाभ · 17:23 – 19:05 उद्वेग · 19:05 – 20:46 शुभ · 20:46 – 22:28 अमृत · 22:28 – 00:09 चल · 00:09 – 01:51 रोग · 01:51 – 03:32 काल · 03:32 – 05:14 लाभ · 05:14 – 06:55 रोग · 06:55 – 08:13 काल · 08:13 – 09:32 लाभ · 09:32 – 10:50 उद्योग · 10:50 – 12:09 चल · 12:09 – 13:28 अमृत · 13:28 – 14:46 शून्य · 14:46 – 16:05 शुभ · 16:05 – 17:23 काल · 17:23 – 19:05 शून्य · 19:05 – 20:46 रोग · 20:46 – 22:28 लाभ · 22:28 – 00:09 अमृत · 00:09 – 01:51 उद्योग · 01:51 – 03:32 चल · 03:32 – 05:14 शुभ · 05:14 – 06:55 ब्रह्म मुहूर्त · 05:07 – 06:01 अभिजित मुहूर्त · 11:48 – 12:30 अमृत काल · 14:37 – 16:20 राहु काल · 14:46 – 16:05 यमगण्ड काल · 09:32 – 10:50 गुलिक काल · 12:09 – 13:28 वर्ज्यम् · 04:20 – 06:03 मंगल · 06:55 – 07:47 सूर्य · 07:47 – 08:39 शुक्र · 08:39 – 09:32 बुध · 09:32 – 10:24 चंद्र · 10:24 – 11:17 शनि · 11:17 – 12:09 गुरु · 12:09 – 13:01 मंगल · 13:01 – 13:54 सूर्य · 13:54 – 14:46 शुक्र · 14:46 – 15:39 बुध · 15:39 – 16:31 चंद्र · 16:31 – 17:23 शनि · 17:23 – 18:31 गुरु · 18:31 – 19:39 मंगल · 19:39 – 20:46 सूर्य · 20:46 – 21:54 शुक्र · 21:54 – 23:02 बुध · 23:02 – 00:09 चंद्र · 00:09 – 01:17 शनि · 01:17 – 02:25 गुरु · 02:25 – 03:32 मंगल · 03:32 – 04:40 सूर्य · 04:40 – 05:48 शुक्र · 05:48 – 06:55

30 नव॰

दैनिक पंचांग

दिन के समय

8 · 1 घं 19 मि
06:55
08:13
09:32
10:50
12:09
13:28
14:46
16:05

रात के समय

8 · 1 घं 42 मि
17:23
19:05
20:46
22:28
00:09
01:51
03:32
05:14

दिन के समय

8 · 1 घं 19 मि
06:55
08:13
09:32
10:50
12:09
13:28
14:46
16:05

रात के समय

8 · 1 घं 42 मि
17:23
19:05
20:46
22:28
00:09
01:51
03:32
05:14
05:07 06:01
11:48 12:30
14:37 16:20
14:46 16:05
09:32 10:50
12:09 13:28
04:20 06:03

दिन के घंटे

12 · 52 मि
06:55
07:47
08:39
09:32
10:24
11:17
12:09
13:01
13:54
14:46
15:39
16:31

रात के घंटे

12 · 1 घं 8 मि
17:23
18:31
19:39
20:46
21:54
23:02
00:09
01:17
02:25
03:32
04:40
05:48

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

30 नवंबर 2027 की तिथि क्या है?
30 नवंबर 2027 की तिथि शुक्ल द्वितीया है।
30 नवंबर 2027 का नक्षत्र क्या है?
30 नवंबर 2027 का नक्षत्र मूल और योग शूल है।
30 नवंबर 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
दिल्ली में सूर्योदय 06:55 पर तथा सूर्यास्त 17:23 पर होगा।
30 नवंबर 2027 को राहु काल कब है?
दिल्ली में राहु काल 14:46–16:05 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।