सोमवार, 29 नवंबर 2027
दैनिक पंचांग
आज सोमवार है। प्रतिपदा तिथि 09:13 बजे तक, फिर द्वितीया 10:08 (कल) बजे तक रहेगी। ज्येष्ठा नक्षत्र 19:46 बजे तक, उसके बाद मूल 21:28 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग धृति 02:28 (कल) बजे तक, फिर शूल योग 02:21 (कल) बजे तक। बव करण 09:13 बजे तक, उसके बाद बालव 21:36 बजे तक, फिर कौलव 10:08 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (08:13 से 09:31) के दौरान टालें। चन्द्रमा वृश्चिक राशि में है और सूर्य वृश्चिक राशि में।
पुरुषोत्तम मास
अधिक मार्गशीर्ष
पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।
तिथि · वार · चान्द्र मास
शुक्ल प्रतिपदा
पिछले दिन08:54उसी दिन09:13
शुक्ल द्वितीया
उसी दिन09:13अगले दिन10:08
प्रतिपदा — प्रथम तिथि। नए आरंभ और नींव रखने के लिए शुभ मानी जाती है।
सोमवार
सोमवार — चंद्र द्वारा शासित। शांत और भावपूर्ण दिन; पारिवारिक कार्य, जल-सम्बन्धित कार्य और अध्ययन के लिए उपयुक्त।
- अमान्तमार्गशीर्षपूर्णिमान्तमार्गशीर्ष
नक्षत्र · योग · करण
ज्येष्ठा
पिछले दिन18:39उसी दिन19:46
मूल
उसी दिन19:46अगले दिन21:28
तीक्ष्ण नक्षत्र — निर्णायक कार्य, चिकित्सकीय हस्तक्षेप और एकाग्र शक्ति वाले कार्य के लिए उपयुक्त।
धृति
उसी दिन03:03अगले दिन02:28
शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।
बव
पिछले दिन20:59उसी दिन09:13
बालव
उसी दिन09:13उसी दिन21:36
कौलव
उसी दिन21:36अगले दिन10:08
चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।
एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
शुक्ल प्रतिपदा · सोम
29 नव॰
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8·1 घं 19 मि| 06:5408:13 | ||
| 08:1309:31 | ||
| 09:3110:50 | ||
| 10:5012:09 | ||
| 12:0913:27 | ||
| 13:2714:46 | ||
| 14:4616:05 | ||
| 16:0517:23 |
रात के समय
8·1 घं 41 मि| 17:2319:05 | ||
| 19:0520:46 | ||
| 20:4622:28 | ||
| 22:2800:09 | ||
| 00:0901:50 | ||
| 01:5003:32 | ||
| 03:3205:13 | ||
| 05:1306:55 |
दिन के समय
8·1 घं 19 मि| 06:5408:13 | ||
| 08:1309:31 | ||
| 09:3110:50 | ||
| 10:5012:09 | ||
| 12:0913:27 | ||
| 13:2714:46 | ||
| 14:4616:05 | ||
| 16:0517:23 |
रात के समय
8·1 घं 41 मि| 17:2319:05 | ||
| 19:0520:46 | ||
| 20:4622:28 | ||
| 22:2800:09 | ||
| 00:0901:50 | ||
| 01:5003:32 | ||
| 03:3205:13 | ||
| 05:1306:55 |
| 05:06→06:00 | ||
| 11:48→12:30 | ||
| 10:34→12:14 | ||
| 08:13→09:31 | ||
| 10:50→12:09 | ||
| 13:27→14:46 | ||
| 00:31→02:11 |
दिन के घंटे
12·52 मि| 06:5407:46 | ||
| 07:4608:39 | ||
| 08:3909:31 | ||
| 09:3110:24 | ||
| 10:2411:16 | ||
| 11:1612:09 | ||
| 12:0913:01 | ||
| 13:0113:54 | ||
| 13:5414:46 | ||
| 14:4615:39 | ||
| 15:3916:31 | ||
| 16:3117:23 |
रात के घंटे
12·1 घं 8 मि| 17:2318:31 | ||
| 18:3119:39 | ||
| 19:3920:46 | ||
| 20:4621:54 | ||
| 21:5423:01 | ||
| 23:0100:09 | ||
| 00:0901:17 | ||
| 01:1702:24 | ||
| 02:2403:32 | ||
| 03:3204:40 | ||
| 04:4005:47 | ||
| 05:4706:55 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 29 नवंबर 2027 की तिथि क्या है?
- 29 नवंबर 2027 की तिथि शुक्ल प्रतिपदा है।
- 29 नवंबर 2027 का नक्षत्र क्या है?
- 29 नवंबर 2027 का नक्षत्र ज्येष्ठा और योग धृति है।
- 29 नवंबर 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- दिल्ली में सूर्योदय 06:54 पर तथा सूर्यास्त 17:23 पर होगा।
- 29 नवंबर 2027 को राहु काल कब है?
- दिल्ली में राहु काल 08:13–09:31 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।

