शुक्रवार, 26 नवंबर 2027
दैनिक पंचांग
आज शुक्रवार है। त्रयोदशी तिथि 09:48 बजे तक, फिर चतुर्दशी 09:07 (कल) बजे तक रहेगी। स्वाति नक्षत्र 17:58 बजे तक, उसके बाद विशाखा 18:04 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग सौभाग्य 07:17 बजे तक, फिर शोभन योग 05:30 (कल) बजे तक। वणिज करण 09:48 बजे तक, उसके बाद विष्टि 21:24 बजे तक, फिर शकुनि 09:07 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (10:49 से 12:08) के दौरान टालें। चन्द्रमा तुला राशि में है और सूर्य वृश्चिक राशि में।
तिथि · वार · चान्द्र मास
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कृष्ण त्रयोदशी
पिछले दिन 10:51 उसी दिन 09:48
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कृष्ण चतुर्दशी
उसी दिन 09:48 अगले दिन 09:07
त्रयोदशी — उत्साह की तिथि। उत्सव और सक्रिय कार्यों के लिए शुभ।
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शुक्रवार
शुक्रवार — शुक्र द्वारा शासित। सौम्य और सुखद दिन; कला, सम्बन्ध और सौंदर्य-सम्बन्धित कार्यों के लिए शुभ।
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मार्गशीर्ष · पौष
नक्षत्र · योग · करण
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स्वाति
पिछले दिन 18:16 उसी दिन 17:58
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विशाखा
उसी दिन 17:58 अगले दिन 18:04
चर नक्षत्र — यात्रा, बदलाव और स्थान-परिवर्तन के लिए शुभ।
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सौभाग्य
पिछले दिन 09:21 उसी दिन 07:17
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शोभन
उसी दिन 07:17 अगले दिन 05:30
शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।
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वणिज
पिछले दिन 22:17 उसी दिन 09:48
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विष्टि
उसी दिन 09:48 उसी दिन 21:24
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शकुनि
उसी दिन 21:24 अगले दिन 09:07
चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।
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एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
कृष्ण त्रयोदशी · शुक्र
26 नव॰
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8 · 1 घं 19 मि| 06:52 08:11 | ||
| 08:11 09:30 | ||
| 09:30 10:49 | ||
| 10:49 12:08 | ||
| 12:08 13:27 | ||
| 13:27 14:46 | ||
| 14:46 16:05 | ||
| 16:05 17:24 |
रात के समय
8 · 1 घं 41 मि| 17:24 19:05 | ||
| 19:05 20:46 | ||
| 20:46 22:27 | ||
| 22:27 00:08 | ||
| 00:08 01:49 | ||
| 01:49 03:30 | ||
| 03:30 05:11 | ||
| 05:11 06:52 |
दिन के समय
8 · 1 घं 19 मि| 06:52 08:11 | ||
| 08:11 09:30 | ||
| 09:30 10:49 | ||
| 10:49 12:08 | ||
| 12:08 13:27 | ||
| 13:27 14:46 | ||
| 14:46 16:05 | ||
| 16:05 17:24 |
रात के समय
8 · 1 घं 41 मि| 17:24 19:05 | ||
| 19:05 20:46 | ||
| 20:46 22:27 | ||
| 22:27 00:08 | ||
| 00:08 01:49 | ||
| 01:49 03:30 | ||
| 03:30 05:11 | ||
| 05:11 06:52 |
| 05:04 → 05:58 | ||
| 11:47 → 12:29 | ||
| 09:17 → 10:52 | ||
| 10:49 → 12:08 | ||
| 14:46 → 16:05 | ||
| 08:11 → 09:30 | ||
| 23:48 → 01:23 |
दिन के घंटे
12 · 53 मि| 06:52 07:44 | ||
| 07:44 08:37 | ||
| 08:37 09:30 | ||
| 09:30 10:22 | ||
| 10:22 11:15 | ||
| 11:15 12:08 | ||
| 12:08 13:00 | ||
| 13:00 13:53 | ||
| 13:53 14:46 | ||
| 14:46 15:38 | ||
| 15:38 16:31 | ||
| 16:31 17:24 |
रात के घंटे
12 · 1 घं 7 मि| 17:24 18:31 | ||
| 18:31 19:39 | ||
| 19:39 20:46 | ||
| 20:46 21:53 | ||
| 21:53 23:01 | ||
| 23:01 00:08 | ||
| 00:08 01:15 | ||
| 01:15 02:23 | ||
| 02:23 03:30 | ||
| 03:30 04:38 | ||
| 04:38 05:45 | ||
| 05:45 06:52 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 26 नवंबर 2027 की तिथि क्या है?
- 26 नवंबर 2027 की तिथि कृष्ण त्रयोदशी है।
- 26 नवंबर 2027 का नक्षत्र क्या है?
- 26 नवंबर 2027 का नक्षत्र स्वाति और योग सौभाग्य है।
- 26 नवंबर 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- दिल्ली में सूर्योदय 06:52 पर तथा सूर्यास्त 17:24 पर होगा।
- 26 नवंबर 2027 को राहु काल कब है?
- दिल्ली में राहु काल 10:49–12:08 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।