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Kundli GPT

शनिवार, 20 नवंबर 2027

दैनिक पंचांग

चिंतन का दिन

आज शनिवार है। सप्तमी तिथि 19:17 बजे तक, फिर अष्टमी 17:20 (कल) बजे तक रहेगी। आश्लेषा नक्षत्र 23:06 बजे तक, उसके बाद मघा 21:51 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग ब्रह्म 22:10 बजे तक, फिर ऐन्द्र योग 19:23 (कल) बजे तक। विष्टि करण 08:18 बजे तक, उसके बाद बव 19:17 बजे तक, फिर बालव 06:18 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (09:26 से 10:46) के दौरान टालें। चन्द्रमा कर्क राशि में है और सूर्य वृश्चिक राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • कृष्ण सप्तमी

      पिछले दिन 21:20 उसी दिन 19:17

    • कृष्ण अष्टमी

      उसी दिन 19:17 अगले दिन 17:20

    सप्तमी — सामान्यतः सहज और संतुलित तिथि। नियमित कार्यों और यात्रा के लिए शुभ।

  • शनिवार

    शनिवार — शनि द्वारा शासित। अनुशासित और गंभीर दिन; अधूरे कार्य पूर्ण करने के लिए उपयुक्त, नए आरंभ के लिए कम।

  • मार्गशीर्ष · पौष

नक्षत्र · योग · करण

    • आश्लेषा

      उसी दिन 00:26 उसी दिन 23:06

    • मघा

      उसी दिन 23:06 अगले दिन 21:51

    तीक्ष्ण नक्षत्र — निर्णायक कार्य, चिकित्सकीय हस्तक्षेप और एकाग्र शक्ति वाले कार्य के लिए उपयुक्त।

    • ब्रह्म

      उसी दिन 01:01 उसी दिन 22:10

    • ऐन्द्र

      उसी दिन 22:10 अगले दिन 19:23

    शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • विष्टि

      पिछले दिन 21:20 उसी दिन 08:18

    • बव

      उसी दिन 08:18 उसी दिन 19:17

    • बालव

      उसी दिन 19:17 अगले दिन 06:18

    विष्टि (भद्रा) करण — महत्त्वपूर्ण नए कार्यों के लिए परंपरा में टाला जाता है; सामान्य कार्य चलते हैं।

एक नज़र में दिन

उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

कृष्ण सप्तमी · शनि

00 06 12 18 काल · 06:47 – 08:07 शुभ · 08:07 – 09:26 रोग · 09:26 – 10:46 उद्वेग · 10:46 – 12:06 चल · 12:06 – 13:26 लाभ · 13:26 – 14:46 अमृत · 14:46 – 16:05 काल · 16:05 – 17:25 काल · 17:25 – 19:06 लाभ · 19:06 – 20:46 उद्वेग · 20:46 – 22:26 शुभ · 22:26 – 00:06 अमृत · 00:06 – 01:47 चल · 01:47 – 03:27 रोग · 03:27 – 05:07 काल · 05:07 – 06:48 काल · 06:47 – 08:07 चल · 08:07 – 09:26 उद्योग · 09:26 – 10:46 अमृत · 10:46 – 12:06 लाभ · 12:06 – 13:26 रोग · 13:26 – 14:46 शुभ · 14:46 – 16:05 शून्य · 16:05 – 17:25 अमृत · 17:25 – 19:06 रोग · 19:06 – 20:46 शून्य · 20:46 – 22:26 उद्योग · 22:26 – 00:06 शुभ · 00:06 – 01:47 लाभ · 01:47 – 03:27 चल · 03:27 – 05:07 काल · 05:07 – 06:48 ब्रह्म मुहूर्त · 05:00 – 05:53 अभिजित मुहूर्त · 11:45 – 12:27 अमृत काल · 21:35 – 23:06 राहु काल · 09:26 – 10:46 यमगण्ड काल · 13:26 – 14:46 गुलिक काल · 06:47 – 08:07 वर्ज्यम् · 12:32 – 14:02 शनि · 06:47 – 07:40 गुरु · 07:40 – 08:33 मंगल · 08:33 – 09:26 सूर्य · 09:26 – 10:20 शुक्र · 10:20 – 11:13 बुध · 11:13 – 12:06 चंद्र · 12:06 – 12:59 शनि · 12:59 – 13:52 गुरु · 13:52 – 14:46 मंगल · 14:46 – 15:39 सूर्य · 15:39 – 16:32 शुक्र · 16:32 – 17:25 बुध · 17:25 – 18:32 चंद्र · 18:32 – 19:39 शनि · 19:39 – 20:46 गुरु · 20:46 – 21:53 मंगल · 21:53 – 23:00 सूर्य · 23:00 – 00:06 शुक्र · 00:06 – 01:13 बुध · 01:13 – 02:20 चंद्र · 02:20 – 03:27 शनि · 03:27 – 04:34 गुरु · 04:34 – 05:41 मंगल · 05:41 – 06:48

20 नव॰

दैनिक पंचांग

दिन के समय

8 · 1 घं 20 मि
06:47
08:07
09:26
10:46
12:06
13:26
14:46
16:05

रात के समय

8 · 1 घं 40 मि
17:25
19:06
20:46
22:26
00:06
01:47
03:27
05:07

दिन के समय

8 · 1 घं 20 मि
06:47
08:07
09:26
10:46
12:06
13:26
14:46
16:05

रात के समय

8 · 1 घं 40 मि
17:25
19:06
20:46
22:26
00:06
01:47
03:27
05:07
05:00 05:53
11:45 12:27
21:35 23:06
09:26 10:46
13:26 14:46
06:47 08:07
12:32 14:02

दिन के घंटे

12 · 53 मि
06:47
07:40
08:33
09:26
10:20
11:13
12:06
12:59
13:52
14:46
15:39
16:32

रात के घंटे

12 · 1 घं 7 मि
17:25
18:32
19:39
20:46
21:53
23:00
00:06
01:13
02:20
03:27
04:34
05:41

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

20 नवंबर 2027 की तिथि क्या है?
20 नवंबर 2027 की तिथि कृष्ण सप्तमी है।
20 नवंबर 2027 का नक्षत्र क्या है?
20 नवंबर 2027 का नक्षत्र आश्लेषा और योग ब्रह्म है।
20 नवंबर 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
दिल्ली में सूर्योदय 06:47 पर तथा सूर्यास्त 17:25 पर होगा।
20 नवंबर 2027 को राहु काल कब है?
दिल्ली में राहु काल 09:26–10:46 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।