Skip to main content
Kundli GPT

बुधवार, 3 नवंबर 2027

दैनिक पंचांग

शुभ दिन

आज बुधवार है। पंचमी तिथि 19:32 बजे तक, फिर षष्ठी 21:38 (कल) बजे तक रहेगी। मूल नक्षत्र 12:56 बजे तक, उसके बाद पूर्व आषाढ़ा 15:24 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग सुकर्मा 19:28 बजे तक, फिर धृति योग 20:01 (कल) बजे तक। बव करण 06:42 बजे तक, उसके बाद बालव 19:32 बजे तक, फिर कौलव 08:31 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (12:04 से 13:27) के दौरान टालें। चन्द्रमा धनु राशि में है और सूर्य तुला राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • शुक्ल पंचमी

      पिछले दिन 18:02 उसी दिन 19:32

    • शुक्ल षष्ठी

      उसी दिन 19:32 अगले दिन 21:38

    पंचमी — शांति और सामंजस्य की तिथि। अध्ययन, संगीत और कला के लिए शुभ।

  • बुधवार

    बुधवार — बुध द्वारा शासित। संवाद और बुद्धि का दिन; अध्ययन, लेखन और व्यापार के लिए शुभ।

  • कार्तिक · मार्गशीर्ष

नक्षत्र · योग · करण

    • मूल

      पिछले दिन 11:05 उसी दिन 12:56

    • पूर्व आषाढ़ा

      उसी दिन 12:56 अगले दिन 15:24

    तीक्ष्ण नक्षत्र — निर्णायक कार्य, चिकित्सकीय हस्तक्षेप और एकाग्र शक्ति वाले कार्य के लिए उपयुक्त।

    • सुकर्मा

      पिछले दिन 19:24 उसी दिन 19:28

    • धृति

      उसी दिन 19:28 अगले दिन 20:01

    शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • बव

      पिछले दिन 18:02 उसी दिन 06:42

    • बालव

      उसी दिन 06:42 उसी दिन 19:32

    • कौलव

      उसी दिन 19:32 अगले दिन 08:31

    चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।

एक नज़र में दिन

उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

शुक्ल पंचमी · बुध

00 06 12 18 लाभ · 06:34 – 07:56 अमृत · 07:56 – 09:19 काल · 09:19 – 10:41 शुभ · 10:41 – 12:04 रोग · 12:04 – 13:27 उद्वेग · 13:27 – 14:49 चल · 14:49 – 16:12 लाभ · 16:12 – 17:34 उद्वेग · 17:34 – 19:12 शुभ · 19:12 – 20:49 अमृत · 20:49 – 22:27 चल · 22:27 – 00:04 रोग · 00:04 – 01:42 काल · 01:42 – 03:19 लाभ · 03:19 – 04:57 उद्वेग · 04:57 – 06:34 लाभ · 06:34 – 07:56 शुभ · 07:56 – 09:19 अमृत · 09:19 – 10:41 चल · 10:41 – 12:04 उद्योग · 12:04 – 13:27 शून्य · 13:27 – 14:49 रोग · 14:49 – 16:12 काल · 16:12 – 17:34 शून्य · 17:34 – 19:12 रोग · 19:12 – 20:49 काल · 20:49 – 22:27 शुभ · 22:27 – 00:04 चल · 00:04 – 01:42 अमृत · 01:42 – 03:19 उद्योग · 03:19 – 04:57 लाभ · 04:57 – 06:34 ब्रह्म मुहूर्त · 04:50 – 05:42 अमृत काल · 06:03 – 07:46 राहु काल · 12:04 – 13:27 यमगण्ड काल · 07:56 – 09:19 गुलिक काल · 10:41 – 12:04 वर्ज्यम् · 19:42 – 21:26 बुध · 06:34 – 07:29 चंद्र · 07:29 – 08:24 शनि · 08:24 – 09:19 गुरु · 09:19 – 10:14 मंगल · 10:14 – 11:09 सूर्य · 11:09 – 12:04 शुक्र · 12:04 – 12:59 बुध · 12:59 – 13:54 चंद्र · 13:54 – 14:49 शनि · 14:49 – 15:44 गुरु · 15:44 – 16:39 मंगल · 16:39 – 17:34 सूर्य · 17:34 – 18:39 शुक्र · 18:39 – 19:44 बुध · 19:44 – 20:49 चंद्र · 20:49 – 21:54 शनि · 21:54 – 22:59 गुरु · 22:59 – 00:04 मंगल · 00:04 – 01:09 सूर्य · 01:09 – 02:14 शुक्र · 02:14 – 03:19 बुध · 03:19 – 04:24 चंद्र · 04:24 – 05:29 शनि · 05:29 – 06:34

3 नव॰

दैनिक पंचांग

दिन के समय

8 · 1 घं 23 मि
06:34
07:56
09:19
10:41
12:04
13:27
14:49
16:12

रात के समय

8 · 1 घं 38 मि
17:34
19:12
20:49
22:27
00:04
01:42
03:19
04:57

दिन के समय

8 · 1 घं 23 मि
06:34
07:56
09:19
10:41
12:04
13:27
14:49
16:12

रात के समय

8 · 1 घं 38 मि
17:34
19:12
20:49
22:27
00:04
01:42
03:19
04:57
04:50 05:42
06:03 07:46
12:04 13:27
07:56 09:19
10:41 12:04
19:42 21:26

दिन के घंटे

12 · 55 मि
06:34
07:29
08:24
09:19
10:14
11:09
12:04
12:59
13:54
14:49
15:44
16:39

रात के घंटे

12 · 1 घं 5 मि
17:34
18:39
19:44
20:49
21:54
22:59
00:04
01:09
02:14
03:19
04:24
05:29

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

3 नवंबर 2027 की तिथि क्या है?
3 नवंबर 2027 की तिथि शुक्ल पंचमी है।
3 नवंबर 2027 का नक्षत्र क्या है?
3 नवंबर 2027 का नक्षत्र मूल और योग सुकर्मा है।
3 नवंबर 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
दिल्ली में सूर्योदय 06:34 पर तथा सूर्यास्त 17:34 पर होगा।
3 नवंबर 2027 को राहु काल कब है?
दिल्ली में राहु काल 12:04–13:27 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।