शनिवार, 6 नवंबर 2027
दैनिक पंचांग
आज शनिवार है। अष्टमी तिथि 02:50 (कल) बजे तक, फिर नवमी 05:24 (कल) बजे तक रहेगी। श्रवण नक्षत्र 21:25 बजे तक, उसके बाद धनिष्ठा 00:29 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग गण्ड 21:52 बजे तक, फिर वृद्धि योग 22:48 (कल) बजे तक। विष्टि करण 13:29 बजे तक, उसके बाद बव 02:50 (कल) बजे तक, फिर बालव 16:09 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (09:20 से 10:42) के दौरान टालें। चन्द्रमा मकर राशि में है और सूर्य तुला राशि में।
पुरुषोत्तम मास
अधिक कार्तिक
पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।
तिथि · वार · चान्द्र मास
शुक्ल अष्टमी
उसी दिन00:09अगले दिन02:50
अष्टमी — तीव्र ऊर्जा वाली तिथि। नए कार्य आरंभ करने के लिए परंपरा में टाली जाती है।
शनिवार
शनिवार — शनि द्वारा शासित। अनुशासित और गंभीर दिन; अधूरे कार्य पूर्ण करने के लिए उपयुक्त, नए आरंभ के लिए कम।
- अमान्तकार्तिकपूर्णिमान्तकार्तिक
नक्षत्र · योग · करण
श्रवण
पिछले दिन18:18उसी दिन21:25
धनिष्ठा
उसी दिन21:25अगले दिन00:29
चर नक्षत्र — यात्रा, बदलाव और स्थान-परिवर्तन के लिए शुभ।
गण्ड
पिछले दिन20:52उसी दिन21:52
वृद्धि
उसी दिन21:52अगले दिन22:48
अशुभ योग — आज सूर्य-चंद्र की ऊर्जाएँ विरोधी हैं। बड़े नए उपक्रम परंपरा में टाले जाते हैं।
विष्टि
उसी दिन00:09उसी दिन13:29
बव
उसी दिन13:29अगले दिन02:50
विष्टि (भद्रा) करण — महत्त्वपूर्ण नए कार्यों के लिए परंपरा में टाला जाता है; सामान्य कार्य चलते हैं।
एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
शुक्ल अष्टमी · शनि
6 नव॰
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8·1 घं 22 मि| 06:3607:58 | ||
| 07:5809:20 | ||
| 09:2010:42 | ||
| 10:4212:04 | ||
| 12:0413:26 | ||
| 13:2614:48 | ||
| 14:4816:10 | ||
| 16:1017:32 |
रात के समय
8·1 घं 38 मि| 17:3219:10 | ||
| 19:1020:48 | ||
| 20:4822:26 | ||
| 22:2600:04 | ||
| 00:0401:43 | ||
| 01:4303:21 | ||
| 03:2104:59 | ||
| 04:5906:37 |
दिन के समय
8·1 घं 22 मि| 06:3607:58 | ||
| 07:5809:20 | ||
| 09:2010:42 | ||
| 10:4212:04 | ||
| 12:0413:26 | ||
| 13:2614:48 | ||
| 14:4816:10 | ||
| 16:1017:32 |
रात के समय
8·1 घं 38 मि| 17:3219:10 | ||
| 19:1020:48 | ||
| 20:4822:26 | ||
| 22:2600:04 | ||
| 00:0401:43 | ||
| 01:4303:21 | ||
| 03:2104:59 | ||
| 04:5906:37 |
| 04:52→05:44 | ||
| 11:42→12:26 | ||
| 09:40→11:29 | ||
| 09:20→10:42 | ||
| 13:26→14:48 | ||
| 06:36→07:58 | ||
| 22:50→00:38 |
दिन के घंटे
12·55 मि| 06:3607:31 | ||
| 07:3108:25 | ||
| 08:2509:20 | ||
| 09:2010:15 | ||
| 10:1511:09 | ||
| 11:0912:04 | ||
| 12:0412:59 | ||
| 12:5913:54 | ||
| 13:5414:48 | ||
| 14:4815:43 | ||
| 15:4316:38 | ||
| 16:3817:32 |
रात के घंटे
12·1 घं 5 मि| 17:3218:38 | ||
| 18:3819:43 | ||
| 19:4320:48 | ||
| 20:4821:54 | ||
| 21:5422:59 | ||
| 22:5900:04 | ||
| 00:0401:10 | ||
| 01:1002:15 | ||
| 02:1503:21 | ||
| 03:2104:26 | ||
| 04:2605:31 | ||
| 05:3106:37 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 6 नवंबर 2027 की तिथि क्या है?
- 6 नवंबर 2027 की तिथि शुक्ल अष्टमी है।
- 6 नवंबर 2027 का नक्षत्र क्या है?
- 6 नवंबर 2027 का नक्षत्र श्रवण और योग गण्ड है।
- 6 नवंबर 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- दिल्ली में सूर्योदय 06:36 पर तथा सूर्यास्त 17:32 पर होगा।
- 6 नवंबर 2027 को राहु काल कब है?
- दिल्ली में राहु काल 09:20–10:42 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।

